बिहार के एक पंचायत का अजब-गजब फरमान... अकेली लड़की अब मोबाइल पर नहीं कर सकती बात...

बिहार के एक पंचायत का अजब-गजब फरमान... अकेली लड़की अब मोबाइल पर नहीं कर सकती बात...

N4N DESK:बिहार के एक गांव में लड़कियों के मोबाईल पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।आदेश के उलंघन करने पर कार्रवाई भी होगी।गांव की पंचायत ने आदेश जारी किया है। 

मामला मधुबनी  जिले के हत्थापुर परसा पंचायत के परसा गांव की है जहां  ग्रामीणों ने समाज सुधार के नाम पर कई कड़े निर्णय लिए हैं।हालंकि उन निर्णयों में कुछ निर्णय अजीबोगरीब  भी हैं। पंचायत ने अपने फरमान में कहा कि गांव की अकेली लड़की अब मोबाइल पर बात नहीं कर सकती। साथ ही शाम होने से पहले ही लड़कियों को अपने घर लौट आना पड़ेगा। शौच के लिए भी वो शाम होने के बाद और सुबह होने से पहले घर से बाहर नहीं जाएंगी। 

पंचायत ने लिए ये  महत्वपूर्ण निर्णय

 पूर्व मुखिया संयोगलाल यादव के नेतृत्व में और सरपंच योगेन्द्र मंडल की अध्यक्षता में हुई।बैठक में तय हुआ कि गांव का कोई व्यक्ति नशा सेवन नहीं करेंगे। भोजपुरी अश्लील गीत बजाने पर प्रतिबंध रहेगा। सड़क किनारे और खुले में शौच के लिए कोई नहीं जाएंगे। रात आठ बजे के बाद सड़क या अन्यत्र बिना कार्य के ग्रुप बनाकर नहीं घूमेंगे। किसी भी अवसर पर आर्केस्ट्रा नहीं होगा।
शादी या मटकोर के मौके पर लड़का-लड़की सड़क पर समूह में नाच गान नहीं करेंगे। यदि करेंगे तो मनोरंजन के लिए अपने घर के अंदर।  पढ़े-लिखे लोग अपने बच्चों को शाम सात बजे से दरवाजे पर पढ़ाई-लिखाई कराएंगे।
अभिभावकों से अनुरोध किया कि इंटर स्तर के लड़का-लड़की को मोबाइल नहीं देंगे। अगर बात करनी होगी तो अभिभावक के सामने ही। इन निर्णयों का पालन नहीं करने वालों पर पहले सामाजिक, फिर कानूनी कार्रवाई की पहल की जाएगी

सरपंच  ने कहा कि ग्रामीणों से  विचार-विमर्श कर निर्णय लिया गया है। मुख्य उद्देश्य समाज में शांति बनाए रखना है। वहीं, पूर्व मुखिया संयोगलाल यादव ने कहा कि सामाजिक वातावरण को दूषित होने से रोकना है। पंसस राज नंदन प्रसाद ने कहा कि समाज में अच्छी व्यवस्था कायम रहे, समाज आगे की ओर बढ़े। यही मकसद है।  

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