बिहार में खुलासा का खेल,दरभंगा की बात छोड़िए...पटना के पंचवटी रत्नालय का 70 फीसदी सोना भी नहीं बरामद कर सकी सुशासन की पुलिस

बिहार में खुलासा का खेल,दरभंगा की बात छोड़िए...पटना के पंचवटी रत्नालय का 70 फीसदी सोना भी नहीं बरामद कर सकी सुशासन की पुलिस

पटना: बिहार में अपराधियों में पुलिस का खौफ खत्म हो गया है। पुलिसिया इकबाल खत्म होने की वजह से अपराधी जब और जहां चाह रहे घटना को अंजाम दे रहे और पुलिस हाथ मलते रह जा रही है।सीएम नीतीश लगातार क्राइम मीटिंग कर रहे फिर से पुलिस पर उसका कोई प्रभाव नहीं पड़ रहा। 9 दिसंबर को अपराधियों ने पुलिस को खुली चुनौती देते हुए दिनदहाड़े फायरिंग करते हुए 10 करोड़ से से अधिक का सोना लूट लिया और आराम से चलते बने। जब नीतीश सरकार की भद्द पिटी तो तीन दिन बाद दरभंगा पुलिस ने एक लाईनर को गिरफ्तार कर केस के खुलासे का दावा कर रही है। बता दें, दरभंगा की पुलिस तीन दिन बाद तक न तो एक छटांक सोना बरामद कर सकी न चांदी,लाइनर को गिरफ्तार कर पुलिस सुशासन का भोंपू बजाने में जुटी है। वैसे पुलिस हर बार ऐसा ही करती है। जब भी अधिक दबाव पड़ता है इसके बाद पुलिस की तरफ से खुलासे का स्वांग रचा जाता है। फिर बड़े स्तर पर प्रेस कांफ्रेंस कर अँगुली कटा कर शहीद बनने की कोशिश की जाती है। दरभंगा से पहले पटना में पांच करोड़ का सोना लूट केस इसका गवाह है। 

खुलासे के नाम पर बिहार की पुलिस बनाती है बेवकूफ

बता दें, 21 जून को पंचवटी रत्नालय में दिनदहाड़े डकैती की घटना को अंजाम दिया गया था। अपराधी 4-5 करोड़ के जेवर और 13 लाख नगद लूटकर भागे थे।इससे नीतीश कुमार के सुशासन पर गंभीर सवाल खड़े हो गए थे। कहा तो यह भी जाता है कि सीएम नीतीश इस घटना के बाद खासे नाराज हुए थे। इसके बाद उनकी नाराजगी कम करने के लिए पुलिस ने एक हफ्ते तक छापेमारी की। इसके बाद 1जुलाई 2019 को आशियानी-दीघा रोड के पंचवटी रत्नालय में हुई डकैती का मास्टरमाइंड रवि गुप्ता के साथ उसके दो साथियों को भी गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने अपराधियों की निशानदेही पर सवा तीन किलो सोना बरामद कर लिया । सवा किलो चांदी के आभूषण और तीन सौ ग्राम कीमती रत्न भी मिले ।तब पुलिस मुख्यालय में प्रेस कांफ्रेंस आयोजित की गई और एडीजी हेडक्वाटर्र ने प्रेस कांप3ेंस कर दावा किया कि पूरे मामले का खुलासा कर लिया गया। लेकिन सबसे आश्चर्य की बात तो यह कि पांच करोड़ के गहना में से सिर्फ 1.25 करोड़ के गहने मिले। सिर्फ 20 फीसदी गहना बरामद कर पटना की पुलिस अपनी पीठ खुद थपथपा रही थी। तब से अब तक यानि डेढ़ साल हो गए बाकि बचे गहनों में से एक छटांक सोने की बरामदगी नहीं हो सकी है।इस तरह से इस केस को डंप कर दिया गया और पुलिस चादर तान कर सो गई। जानकार बताते हैं कि पुलिस वर्दी पर लगे दाग को धोने के लिए आनन-फानन में प्रेस कांफ्रेंस कर यह बताने की कोशिश करती है कि हमने केस का खुलासा कर लिया। 

न एक छटांक सोना मिला न चांदी

पुलिस की इस कार्यशैली पर अब बड़े सवाल खड़े होने लगे हैं. आखिर ये कैसा खुलासा न तो एक छटांक सोना मिला न चांदी और केस का हो गया खुलासा। वाह रही बिहार की तेजतर्रार पुलिस.....। दरभंगा एसएसपी ने आज प्रेस कांफ्रेंस कर दावा किया कि दरभंगा के बड़ा बाजार में लूटकांड का खुलासा हो गया है ।10  करोड़ की ज्वेलर्स लूट कांड का दरभंगा पुलिस का दावा है कि लाइनर सहित सात अपराधी को एक देशी कट्टा, दो कारतूस तथा नशीली दवाओं के साथ किया गिरफ्तार कर लिया।

बिहार पुलिस की बड़ी चाल...सिर्फ आईवॉश

बता दें, दरभंगा की पुलिस तीन दिन बाद तक न तो एक छटांक सोना बरामद कर सकी न चांदी,लाइनर को गिरफ्तार कर पुलिस सुशासन का भोंपू बजाने में जुटी है। जानकार बताते हैं कि इतनी बड़ी लूटकांड के बाद नीतीश कुमार का सुशासन तार-तार हो रहा था। सरकार के स्तर से पुलिस पर भारी दबाव था।लिहाजा उसी दबाव को कम करने के लिए बिहार पुलिस ने बड़ी चाल चली और दरभंगा एसएसपी को प्रेस कांफ्रेंस करने को कहा। इसके बाद दरभंगा पुलिस ने 10 करोड़ के सोना लूटकांड के खुलासे का दावा कर दिया।

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