बिहार विस चुनाव से पहले की कुश्ती में तेजस्वी यादव के सामने कहीं नहीं टिक रहे नीतीश कुमार,जानिए कैसे......

बिहार विस चुनाव से पहले की कुश्ती में तेजस्वी यादव के सामने कहीं नहीं टिक रहे नीतीश कुमार,जानिए कैसे......

PATNA: बिहार में अक्टूबर-नवंबर महीने में विधानसभा के चुनाव होने हैं।कोरोना संकट की वजह से सत्ताधारी जेडीयू-बीजेपी डिजिटल प्रचार पर जोर दे रही है।बीजेपी-जेडीयू के नेता वर्चुअल मीटिंग,रैली और सभा कर रहे हैं।सबसे पहले बिहार बीजेपी ने वर्चुअल रैली की शुरूआत की।गृह मंत्री अमित शाह ने बिहार से वर्चुअल रैली की शुरूआत की।मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी वर्चुअल माध्यम से नेताओं और कार्यकर्ताओं से बातचीत कर रहे हैं। बिहार बीजेपी और जेडीयू डिजिटल प्रचार पर जोर दे रही है।इन पार्टियों ने चुनाव आयोग के साथ बैठक में डिजिटली प्रचार की अनुमति देने का प्रस्ताव रखा था।वहीं बिहार की मुख्य विपक्षी पार्टी राजद ने डिजिटल प्रचार का विरोध किया था।


राजद के आगे जेडीयू कहीं टिक नहीं रही

बिहार की सत्ताधारी बीजेपी और जेडीयू भले ही सोशल मीडिया के माध्यम से प्रचार-प्रसार पर जोर दे रही है लेकिन हकीकत यही है कि राजद सत्ताधारी जेडीयू से काफी आगे है।राजद के सोशल मीडिया अकाउंट के आगे जेडीयू कहीं टिकती नहीं है।यूं कहें कि इस मामले में जेडीयू कहीं लड़ाई में है ही नहीं।जेडीयू के ऑफिशियल ट्वीटर अकाउंट की बात करें तो सत्ताधारी पार्टी के ट्वीटर अकाउंट को सिर्फ 28 हजार 200 लोग फॉलो करते हैं। वहीं राजद के ट्वीटर अकाउंट को 3 लाख 11 हजार 500 लोग फॉलो करते हैं।

बीजेपी भी राजद से काफी पीछे

अब जरा बीजेपी और राजद की तुलना कर लें।बीजेपी भले ही दावे करती है कि वो तकनीक के मामले में काफी आगे हैं।हकीकत भी है कि बीजेपी तकनीक के मामले में आगे है।लेकिन आप अगर सोशल मीडिया में फॉलोवर की तुलना करेंगे तो पायेंगे कि राजद न सिर्फ जेडीयू के कई गुणा आगे है बल्कि बीजेपी से भी काफी आगे है। बिहार बीजेपी के अकाउंट को 1 लाख 48 हजार लोग फॉलो करते हैं वहीं राजद को 3 लाख 11 हजार 500 लोग।

देश की सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस तो कहीं लड़ाई में है ही नहीं। बिहार कांग्रेस के ट्वीटर हैंडल को 17 हजार 200 लोग फॉलो करते हैं।जबकि लोजपा के अकाउंट को 1424 लोग फॉलो करते हैं।रालोसपा की बात करें तो उसके 13 हजार 300 लोग फॉलो करते हैं.



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