90 के दशक में जहां गूंजती थी गोलियों की आवाजें, उस भूमि पर आज लहरा रही है फसलें, तीन दशक में बदल गई पूरी सूरत

90 के दशक में जहां गूंजती थी गोलियों की आवाजें, उस भूमि पर आज लहरा रही है फसलें, तीन दशक में बदल गई पूरी सूरत

MOTIHARI : मोतिहारी जिला के जिस गंडक दियारा में 90 के दशक में दिन में ही गोलियों के तड़तड़ाहट से भय का माहौल था।वहीं गंडक दियारा आज किसानों के लिए वरदान बना हुआ है। गंडक दियारा में उपजे तरबूज,ककड़ी व सब्जी का आनंद जिले में नहीं, बल्कि पड़ोसी देश नेपाल ,उतर प्रदेश सहित बिहार के दूसरे हिस्से में जा रहा है। यहां किसान कम लागत से किसान खेती कर दोगुना से अधिक लाभ कमा रहे हैं। दियारा की इस बदली सूरत का हाल जानने और किसानों के उत्पाद का सही लाभ दिलाने को लेकर मोतिहारी डीएम शीर्षत कपिल अशोक आलाधिकारियों के साथ खुद वहां पहुंचे। वहां चारों तरफ उपजी फसलों को देखकर वह खुश नजर आए, वहीं उत्पाद को बाजार में अच्छी दाम मिले इसको लेकर अधिकारियों को कई निर्देश भी दिया गया।

डर के कारण कोई नहीं जाता था उस इलाके में 

मोतिहारी जिला के अरेराज अनुमंडल क्षेत्र के संग्रामपुर,अरेराज ,डुमरिया ,मलाही ,भरवलिया सहित गंडक दीयरा के हज़ारों एकड़ भूमि 90 के दशक में गोलियों की तड़तड़ाहट व कुख्यात के शरण स्थली होने के कारण डर से कोई दिन में जाने के हिम्मत नही करते थे। लेकिन आज के दशक में वही गंडक दियारा की भूमि किसानों के तरबूज,ककरी व हरि सब्जी के फसल से लहराती नजर आ रही है ।किसान तरबूज ,ककड़ी व हरा सब्जी उतपादन कर खुशहाली से जीवन व्यतीत कर रहे हैं। आज के समय मे आंख खुलने के समय ही तरबूज,हरा सब्जी के लिए व्यपारी सड़क किनारे गाड़ी लगाकर किसानों का इंतजार करते है। डीएम ने अधिकारियों के साथ गंडक दीयरा क्षेत्र के इजारा पहुचकर दीयरा में उगाई गई फसल का जायजा लिया गया। वहीं किसानों से भी बात कर फसल उगाने व उत्पाद बेचने में हो रही समस्या की जनकारी लिया गया ।वही जीविका दीदियों की भी सहभागिता करने का निर्देश पदाधिकारियो को दिया गया।

पहली बार किसी अधिकारी ने लिया दियारा का जायजा

आज के दशक में गंडक दीयरा क्षेत्र में प्रदेश से नौकरी छोड़कर शिक्षित बेरोजगार युवक भी तरबूज व सब्जी की खेती कर अच्छी आमदनी कर रहे है ।दीयरा की बालू की रेत में आज किसानों के लिए बरदान साबित हो रहा है ।गंडक दीयरा में जैविक खेती से तरबूज व सब्जी का मिठास ही कुछ अलग होता है।अगर किसानों को उत्पाद बेचने के लिए अच्छी सुबिधा मिलने लगे तो आमदनी दोगुनी से अधिक हो जाएगी।पहली बार गंडक दीयरा के किसानों के उगाई गई फसल को देखने के लिए किसी जिला स्तरीय पदाधिकारी के पहुचने से किसानों में बड़ी आश जगी है की अब उगाई गई फसल का उचित दाम मिलने से मुनाफा अधिक होगा।बाजार नही मिलने से गंडक दीयरा के किसान को औने पौने भाव मे बेचना पड़ता था।पिछले वर्ष कोरोना में लगे लॉक डाउन से किसानों को बाजार नही मिलने से घटा लगा हुआ था ।

अवानिश मिश्रा की रिपोर्ट

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