कोरोना से मरने के बाद चल रही थी मुआवजा देने की तैयारी, फिर अचानक जिंदा होकर प्रकट हो गई महिला

कोरोना से मरने के बाद चल रही थी मुआवजा देने की तैयारी, फिर अचानक जिंदा होकर प्रकट हो गई महिला

PATNA : राज्य के स्वास्थ्य विभाग में किस तरह से काम होता है, यह किसी से छिपा हुआ नहीं है। कभी मृत डॉक्टर को सीविल सर्जन बना दिया जाता है। कभी कोरोना संक्रमितों की फर्जी जांच की बात सामने आती है। अब एक बार फिर से स्वास्थ्य विभाग की गड़बड़ी सामने आई है। इस बार स्वास्थ्य विभाग से ठीक हो चुकी महिला मरीज को मुर्दा बना दिया गया। इस बात की सच्चाई तब सामने आई, जब वह महिला जीवित स्वास्थ्य विभाग के सामने आई।

दरअसल कोरोना वायरस से संक्रमित हुई पटना की एक महिला का नाम मृतकों की सूची में दर्ज हो गया था, लेकिन वह वास्तव में जिंदा थी. बता दें कि अपने पति के साथ दिल्ली में रहने वाली महिला दिसंबर 2020 में अपने पिता के यहां राजधानी पटना के बोरिंग रोड में आई थी. इस बीच यह महिला कोरोना वायरस से संक्रमित हो गई और परिजनों ने उसे आनन-फानन में पटना एम्स (Patna AIIMS) में भर्ती करा दिया. यही नहीं, मृतकों की सूची में नाम आने के बाद महिला को 4 लाख रुपये का मुआवजा देने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई.
 
 सत्यापन के लिए फोन करने पर सामने आई सच्चाई

महिला को 4 लाख रुपये का मुआवजा देने के लिए पटना जिला प्रशासन के आपदा प्रबंधन विभाग ने जब सत्यापन के मकसद से महिला के दर्ज मोबाइल नंबर पर जानकारी हासिल की तब सारी सच्चाई खुलकर सामने आई. दरअसल महिला जीवित निकली. 

इस बात की जानकारी मिलते ही खलबली मच गई. परिजनों को जैसे ही इस बात की जानकारी हुई कि महिला का नाम मृतकों की सूची में दर्ज है तो उन्होंने पटना जिला प्रसाशन के आलाधिकारियों को उसके जिंदा होने की जानकारी दी. जिसके बाद विभाग ने अपनी गलती सुधारी और अब कोरोना से मारे गए सभी लोगों की सूची की फिर से वेरिफिकेशन की जा रही है।

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