मुजफ्फरपुर पहुंचे बिहार पुलिस के मुखिया एस के सिंघल, क्राइम कंट्रोल और पुलिंसिंग को लेकर अधिकारियों को दिए कई निर्देश

मुजफ्फरपुर पहुंचे बिहार पुलिस के मुखिया एस के सिंघल, क्राइम कंट्रोल और पुलिंसिंग को लेकर अधिकारियों को दिए कई निर्देश

MUZAFFARPUR : मुजफ्फरपुर में पहुंचे बिहार के डीजीपी एस के सिंघल मुजफ्फरपुर रेंज आईजी समेत तिरहुत रेंज के सभी चार जिलों के पुलिस कप्तान और डीएसपी सहित सर्किल इंस्पेक्टरों के साथ अपराध, पुलिंसिंग और विधि व्यवस्था को लेकर समीक्षा बैठक किया। जिसमें मुजफ्फरपुर रेंज के आईजी, मुजफ्फरपुर, वैशाली, सीतामढ़ी और शिवहर जिले के पुलिस कप्तान, डीएसपी और पुलिस पदाधिकारी शामिल थे। इसके पूर्व डीजीपी के आगमन की सूचना मिलने पर जिला पुलिस अलर्ट मोड में थी। जबकि बुधवार को देर शाम ही डीजीपी एसके सिंघल मुजफ्फरपुर सर्किट हाउस पहुंच चुके थे।

अपराध और पुलिसिंग की समीक्षा के लिए तिरहुत रेंज के सभी एसपी, डीएसपी, 11 पुलिस अंचल के इंस्पेक्टर और 18 थानों के थानेदारों को तलब किया गया था। मुजफ्फरपुर के एसएसपी एवं वैशाली सीतामढ़ी और शिवहर एसपी के मौजूदगी में सभी अधिकारियों के क्रियाकलापों की समीक्षा की गई। जिसमें किन इलाकों में किस तरह के अपराध हो रहे हैं और इसकी रोकथाम के लिए क्या किए जा रहे हैं इन सभी बिंदुओं पर डीजीपी ने पुलिसिंग का हाल देखा। शराब तस्करों की गिरफ्तारी और शराब की जब्ती के मामले में शराब माफियाओं पर किस तरह की कार्रवाई की गई। इसका भी समीक्षा बिहार पुलिस के महानिदेशक एसके सिंघल ने किया।  इसके अलावा एएलटीएफ की कार्रवाई, लंबित कांडों के निष्पादन का हाल लू'ट ह'त्या, ड'कैती रंग'दारी अ'पहरण जैसे बड़े अ'पराध के मामलों में छानबीन गि'रफ्तारी जिलों में लंबित वारंट और कुर्की की संख्या पुलिस गश्ती की स्थिति स्पीड ट्रायल थाने में वरीय अधिकारी के निरीक्षण का हाल सुपरविजन के लिए लंबित कांडों की स्थिति और चार्जशीट की गुणवत्ता बिंदु पर भी समीक्षा की गई।

साइबर फ्रॉड को लेकर बोले डीजीपी

वहीं पत्रकारों द्वारा पूछे गए साइबर फ्रॉड के मामले पर डीजीपी ने कहां की लोगों को बहुत जागरूक होने की जरूरत है। इसमें हमारी टीम लगी हुई है और अधिक संख्या में कार्रवाई भी हुई है और आने वाले समय में इस पर अधिक मेहनत करने की जरूरत है क्योंकि यह एक बड़ी समस्या हो गई हैं।

विदेशी नागरिकों के प्रवेश पर बोले

विदेशी नागरिकों के आने का जो प्रक्रिया है उसके अलावा जो लोग छुप छुपा कर आ रहे हैं उस पर निगरानी रखी जा रही है पकड़े जाने पर पहले भी कार्रवाई हुआ था और आगे भी कार्रवाई होगा।

पत्रकारों ने पूछा कि आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर 112 की जो गाड़ी है उस पर केवल ड्राइवर नजर आ रहे हैं। 112 नंबर वाली जो गाड़ियां है जो 400 खरीदा गया है। उसका फेज वन का कार्य पटना जिला में पूर्ण किया गया है और बाकी जिलों के अर्बन क्षेत्र में भी गाड़ियां दी गई है। जिस पर एक ड्राइवर एक अफसर दो जवान रखे गए हैं। इन सभी गाड़ियों की मॉनिटरिंग सेंट्रलाइज कंट्रोल रूम से होती है। और इसके अंदर किसी भी प्रकार की कोताही का संभावना ना के बराबर है। फिर भी अगर कोई कोताही सामने आएगी तो उस पर सख्त कार्रवाई करेंगे। ये जो व्यवस्था मुख्यमंत्री की परिकल्पना है जो बहुत इंपोर्टेंट प्रोजेक्ट है। इसीलिए इस पर हमारी खास नजर है। बड़े आबादी को सर्विस देने वाला प्रोजेक्ट हैं इसकी हम जितने भी तारीफ करें वह बहुत कम है। इसके बाद जाने के क्रम में बिहार पुलिस महानिदेशक एसके सिंघल को गार्ड ऑफ ऑनर भी जिला पुलिस की ओर से दिया गया।

मुजफ्फरपुर से अरविन्द अकेला की रिपोर्ट

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