बिहार में जंगलराज नहीं बज्र प्रहार कर रही है बिहार पुलिस, आठ महीने में 50 हजार गिरफ्तारी का बना रिकॉर्ड

बिहार में जंगलराज नहीं बज्र प्रहार कर रही है बिहार पुलिस, आठ महीने में 50 हजार गिरफ्तारी का बना रिकॉर्ड

पटना. बिहार में चलाये जा रहे ऑपरेशन प्रहार के अन्तर्गत इस वर्ष के सात महीनों में 41 हजार 983 गिरफ्तारी हुई है. ADG मुख्यालय जितेन्द्र सिंह गंगवार ने शुक्रवार को बताया कि बिहार में बड़े राज्यों की तुलना में अपराध की गतिविधियों में कमी आई है. साथ ही आरोपियों की गिरफ्तारी भी तेजी से हो रही है. उन्होंने कहा, बिहार जैसे बड़ी जनसंख्या वाले राज्य में अपराधों का प्रतिवेदित होना स्वाभाविक है किन्तु बिहार पुलिस उन अपराधों में लिप्त अपराधियों की गिरफ्तारी तथा काण्डों के उद्भेदन के लिए भी उतनी ही गम्भीरता से क्रियाशील है. 

उन्होंने कहा कि बिहार में चलाये जा रहे ऑपरेशन प्रहार के अन्तर्गत गठित बज्र टीम के द्वारा गम्भीर शीर्ष के अपराधों के अभियुक्तों की गिरफ्तारी की जा रही है. यह अभियान इस साल जनवरी 2022 से चलाया जा रहा है. अभियान के तहत पहले साथ महीने यानी जनवरी से जुलाई के बीच राज्य में बज्र टीम द्वारा 41 हजार 983 गिरफ्तारी की गई. वहीं अगस्त महीने में 8301 गिरफ्तारी हुई है. जहाँ पहले सात महीने में औसत गिरफ्तारी प्रति महीने 5997 रही वहीं अगस्त महीने में गिफ्तारी का आंकड़ा 38 प्रतिशत बढ़ गया.

राज्य में मुख्य अपराधों में जनवरी से जुलाई के बीच हत्या में 3464, पुलिस पर हमले में 2394, हत्या की कोशिश में 9386, एससी-एसटी अधिनियम के तहत 2589, अन्य विशेष प्रतिवेदन कंडों में 24,150 गिरफ्तारी हुई. वहीं अगस्त महीने में हत्या मामले में 570 जबकि पुलिस पर हमला में 339 और हत्या की कोशिश में 1889 गिरफ्तारियां हुई हैं.

उन्होंने कहा कि ये गिरफ्तारी सिर्फ जिलों में जनवरी से कार्यरत वज्र टीम के द्वारा चलाये गए अभियान में की गई है. इसके अतिरिक्त समस्त राज्य में जुलाई माह तक 157735 अभियुक्तों की गिरफ्तारी की गई है. इन गिरफ्तारियों में 4980 हार्डकोर अपराधी हैं तथा 119 नक्सली हैं.


Find Us on Facebook

Trending News