बिहार राज्य अध्यापक नियमावली 2023 विरोध लगातार जारी, 25 अप्रैल को प्रखंड स्तरीय धरना देंगे प्राथमिक शिक्षक
PATNA : बिहार राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ के राज्य कार्यकारिणी एवं कुल 38 जिलों के जिला अध्यक्ष एवं प्रधान सचिवो की बैठक संघ के राज्य कार्यालय संघ के राज्य अध्यक्ष बृजनंदन शर्मा की अध्यक्षता में हुई। जिसमें बिहार राज विद्यालय अध्यापक नियमावली 2023 में संशोधन संबंधी प्रस्ताव लाया गया। जिसका बैठक में उपस्थित सभी प्रतिनिधियों ने पुरजोर समर्थन किया।
बैठक को संबोधित करते हुए बिहार राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ के राज्य अध्यक्ष बृजनंदन शर्मा ने कहा कि राज्य मंत्री परिषद द्वारा बिहार राज्य विद्यालय अध्यापक नियुक्ति स्थानांतरण अनुशासनिक कार्रवाई एवं सेवा शर्त नियमावली 2023 की स्वीकृति दी गई है। उक्त नियमावली में राज्य में स्थानीय निकाय पंचायत प्रखंड नगर निकाय आदि द्वारा नियुक्त शिक्षकों को राज्य कर्मी का दर्जा न देकर उनको यथावत स्थानीय निकाय के अंतर्गत ही छोड़ दिया गया है। उन्हें भी राज कर्मी का दर्जा एवं अन्य सुविधाओं की प्राप्ति के लिए आयोग द्वारा आयोजित होने वाली परीक्षा में शामिल होने के लिए कहा जा रहा है। जबकि स्थानीय निकाय द्वारा नियुक्त सभी शिक्षक दक्षता एवं पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण है और विद्यालय में अध्यापन का कार्य कर रहे हैं। उन्हीं के बदौलत बिहार के शिक्षा व्यवस्था में निरंतर सुधार हो रहा है। ऐसे सभी शिक्षकों को अध्यापक नियमावली 2023 से आच्छादित करते हुए राज्य कर्मी का दर्जा दिया जाना आवश्यक है। ज्ञातव्य हो कि आजादी के बाद स्थानीय निकाय द्वारा नियुक्त शिक्षक से कमेटी के तहत विद्यालय का संचालन होता था। शिक्षा एवं शिक्षकों की स्थिति दयनीय थी। काफी संघर्ष के उपरांत 1976 में वर्ष 1971 के प्रभाव से प्राथमिक शिक्षा का सरकारी करण किया गया। सभी विद्यालयों का अधिग्रहण किया गया। वर्ष 2003 से 11 माह के लिए शिक्षा मित्र को 1500 मानदेय पर रखा गया। उसके बाद राज्य सरकार के द्वारा ही इन सभी शिक्षकों की सेवा 60 वर्ष की गई एवं स्थानीय निकाय द्वारा 60 वर्ष से कम उम्र के शिक्षकों की नियुक्ति की गई।
अब सभी शिक्षक इस इंतजार में थे की उपमुख्यमंत्री ने चुनाव घोषणा पत्र के माध्यम से यह वादा किया है कि हम सभी को पहले कैबिनेट में राज्य कर्मी का दर्जा दे देंगे। हम सभी लोगों को राज करने का दर्जा मिल जाएगा। लेकिन राज्य सरकार द्वारा वर्तमान में जो नियमावली लाई गई है वह शिक्षक हित की नियमावली नहीं है और ना ही शिक्षा हित की नियमावली है। भले ही सरकार को नई नियमावली के तहत परीक्षा के आधार पर नए शिक्षक बहाल करने की जरूरत महसूस हो रही हो तो वह करें पर पूर्व से जो दक्षता परीक्षा पात्रता परीक्षा पास करके प्रशिक्षित शिक्षक बहाल हैं। उन्हें सीधे राज्य कर्मचारी दर्जा दिया जाना चाहिए एवं पुराने सेवा शर्त के तहत इनकी सेवा नियमित की जानी चाहिए। पर सरकार ने ऐसा नहीं किया है। शिक्षकों के साथ बेईमानी किया है। इसलिए बिहार राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ इस नियमावली का विरोध करता है। आज की बैठक में हम सभी मिलकर सर्वसम्मति से यह निर्णय लिए हैं कि यथाशीघ्र सरकार इस नियमावली का संशोधन करें। इस संदर्भ में नियमावली के विरुद्ध बिहार राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ आगामी 25 अप्रैल 2023 को बिहार के सभी प्रखंडों में काला बिल्ला लगाकर धरना देगा एवं क्रमिक आंदोलन की शुरुआत करेगा। जब तक सरकार नए नियमों में बदलाव नहीं करती। बिहार राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ तब तक आंदोलनरत रहेगा। आगे के कार्यक्रम की घोषणा प्रथम चरण के आंदोलन के उपरांत की जाएगी।
आज के बैठक में मुख्य रूप से संघ के वरीय उपाध्यक्ष नुनुमणि सिंह, श्री राम अवतार पांडे, महासचिव नागेंद्र नाथ शर्मा, कार्यकारी अध्यक्ष मनोज कुमार उप महासचिव दिनेश सिंह, राम भूषण उपाध्याय, सचिव लाल बहादुर यादव कोषाध्यक्ष अयोध्या पासवान, मिथिलेश शर्मा, जयराम शर्मा, प्रवक्ता सह मीडिया प्रभारी प्रेमचंद्र सहित बिहार के सभी 38 जिला के अध्यक्ष एवं प्रधान सचिव तथा राज्य प्रतिनिधि एवं कार्य समिति के सभी सदस्य उपस्थित रहे।