BJP मंत्री-विधायक की CM नीतीश कुमार से मांग, केवल अंजुमन इस्लामिया नहीं, बल्कि राम और बुद्ध के नाम से भी बने भवन

BJP मंत्री-विधायक की CM नीतीश कुमार से मांग, केवल अंजुमन इस्लामिया नहीं, बल्कि राम और बुद्ध के नाम से भी बने भवन

PATNA: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार करीब करीब 15 साल से बिहार के मुख्यमंत्री पद पर काबिज हैं। इस दौरान उन्होंने बिहार के विकास में जितनी भागीदारी निभाई है, उतनी शायद आज तक किसी ने ना निभाई हो। इसके अलावा उनके धर्मनिरपेक्ष रवैये की भी लगातार चर्चा होती रहती है। जितने ज्यादा एक्टिव वह हिंदू धर्मावलंबी के कार्यक्रम में होते हैं, उतनी ही सक्रियता वह चादर पोशी सहित अन्य कार्यक्रम में भी दिखाते हैं। फिलहाल उनकी ही धर्मनिरपेक्षता उन पर भारी पड़ती नजर आ रही है।

बात करेंगे बीजेपी की, जो इस वक्त बिहार में बड़े भाई की भूमिका में नजर आ रही है। बीजेपी के मंत्री और विधायकों के सुर जदयू के मंत्री और विधायकों से नहीं मिलते, यह बात तो कई मौकों पर साबित हो चुकी है। अब बीजेपी के ही कोटे से ही बिहार सरकार में मंत्री सहित एक विधायक ने पटना में बन रहे अंजुमन इस्लामिया हॉल को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। उनका कहना है की बिहार में सभी महापुरूषों के नाम पर भवन बनाए जाने चाहिए, जिससे सभी समुदाय को सहूलियत हो। मंत्री नीरज बबलू ने हाल ही में कहा कि- ‘बिहार में श्रीराम, बुद्ध के नाम से भी भवन बनाए जाने चाहिए, जिससे इन समुदायों के लोगों को भी सहूलियत मिल सके।' वहीं फायरब्रांड विधायक हरिभूषण ठाकुर ने सरकार से बिहार में राम-कृष्ण भवन बनाने की मांग कर दी है। साथ ही विधायक ने धार्मिक न्यास बोर्ड भवन के जर्जर हालात पर भी सवाल खड़े किए हैं। यह सब बातें इसलिए की जा रही हैं, क्योंकि पटना में 35 करोड़ की लागत से अंजुमन इस्लामिया हॉल का निर्माण कराया जा रहा है। वहीं इस निर्माण का पूरा खर्च बिहार सरकार ही वहन करने वाली है।

पटना के अशोक राज पथ स्थित अंजुमन इस्लामिया वक्फ की बुनियाद शहर के कुछ जाने-माने मुसलमानों ने 1885 में रखी थी। इसमें एक अंजुमन इस्लामिया हॉल का निर्माण हुआ। भवन में मुसलमान अपने मसलों को हल करते थे। आपदा के वक्त पीड़ित इस भवन में आकर रहते थे। स्वतंत्रता संग्राम के समय महात्मा गांधी, जवाहर लाल नेहरू, अबुल कलाम आजाद समेत कई बड़े राजनेताओं का यहां कई बार भाषण हुआ। अब यहां मुस्लिम संगठनों की बैठकें होती है। साथ ही शादी-विवाह व अन्य आयोजनों के लिए इसे बुक किया जाता है। फिलहाल इसका नया भवन बनाया जा रहा है, और पुराने भवन को तोड़ दिया गया है। नई इमारत 35 करोड़ की लागत से सात मंजिला बनाई जानी है। निर्माण का पूरा खर्च राज्य सरकार उठाएगी। मुख्यमंत्री के ऐलान के अनुसार, पटना के अंजुमन इस्लामिया भवन की तर्ज पर बिहार के विभिन्न हिस्सों में भी भवन बनाये जाएंगे।

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