भाजपा सांसद सुशील मोदी होंगे एमएलए-एमपी कोर्ट में हाजिर, ‘सारे मोदी चोर हैं’ मामले में अहम सुनवाई

भाजपा सांसद सुशील मोदी होंगे एमएलए-एमपी कोर्ट में हाजिर, ‘सारे मोदी चोर हैं’ मामले में अहम सुनवाई

पटना. भाजपा के राज्यसभा सांसद सुशील मोदी शुक्रवार को पटना के एमएलए-एमपी कोर्ट में हाजिर होंगे. मोदी की कोर्ट में हजारी एक गवाही मामले को लेकर है जो कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी से जुड़ा हुआ है. दरअसल, राहुल गांधी ने भारत से भाग चुके नीरव मोदी को लेकर टिप्पणी की थी. उसमें उन्होंने कहा था कि ‘सारे मोदी चोर हैं’. इसी को लेकर सुशील मोदी ने आपत्ति जताई थी क्योंकि उनके नाम के अंत में भी मोदी उपनाम जुड़ा है. इसी तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उपनाम भी मोदी है. 

राहुल गांधी की टिप्पणी कि सारे मोदी चोर हैं मामले में दायर मानहानि केश में अब सुशील मोदी की गवाही है. उनकी यह गवाही एमएलए-एमपी कोर्ट पटना में होगी. हालांकि शुक्रवार को इस मामले में किसी तरह का फैसला नहीं आएगा बल्कि सुशील मोदी सिर्फ अपनी गवाही देंगे. बाद में सुशील मोदी सहित अन्य लोगों की गवाही के आधार पर और राहुल गांधी के टिप्पणी किस अलोक में थी उन पर गौर करने के बाद अदालत अपना फैसला सुनाएगी. 

राहुल गांधी से जुड़ा हुआ यह अपने आप मे अजीबोगरीब मामला है जिसमें उन्होंने सारे मोदी को चोर बताकर संबोधित किया था. सुशील मोदी ने उस समय भी इसे लेकर आपत्ति जताई थी. बाद में यह मामला कोर्ट में चला गया और अब इसी में चल रही सुनवाई के दौरान सुशील मोदी की गवाही होगी. 

दरअसल, पंजाब नेशनल बैंक से जुड़ा लगभग 11300 करोड़ रुपए का एक घोटाला सामने आया था. कहा जा रहा है कि इस घटना को अंजाम देने में नीरव मोदी और उनके साथी व्यापारियों का हाथ है. इसमें हांगकांग से जेवरातों की खरीद करने के लिए भारत के बिजनेसमैन नीरव मोदी और उनके साथियों को लेटर ऑफ अंडरटेकिंग (एलओयू) दिया गया था. पीएनबी द्वारा जरिए गए एलओयू के आधार पर ऊपर बताए गए बैंकों ने इन लोगों को क्रेडिट पर पैसे दिए थे. जिसके बाद इन लोगों ने इन पैसों से खरीददारी की थी.

एलओयू को एक तरह की गारंटी माना जाता है, इस पत्र को एक बैंक द्वारा दूसरे बैंक को जारी किया था जाता है. जिसके आधार पर दूसरा बैंक बताए गए व्यक्ति को पैसा क्रेडिट के रूप में देते हैं. इस लेटर के अंतर्गत विदेशों में सामान खरीदने के लिए आवश्यक पैसे भरने की जिम्मेदारी बैंक की होती है. विदेशों से सामान मंगाने के लिए अक्सर व्यापारी ऐसा लैटर बैंक से मांगते हैं. जिससे उन्हें मुद्रा को बदलवाने की मुश्किल का सामना न करना पड़े. बैंक द्वारा एलओयू लैटर या पत्र देने का मतलब होता है कि बैंक उस ग्राहक के द्वारा लिए जाने वाले पैसे की जिम्मेदारी ले रहा है. ये लैटर सिर्फ उनको दिया जाता है जिनका व्यापार अच्छा खासा हो और बैंक उनसे ऋण की वसूली आसानी से कर सके.

सीबीआई ने इसी मामले में पीएनबी के अधिकारीयों गोकुल नाथ शेट्टी एवं हनुमंत के साथ-साथ गीतांजलि ज्वैलरी कंपनी के एमडी, नीरव मोदी, एवं उनकी पत्नी पर 280 करोड़ की हेरा फेरी का केस दर्ज किया था. वहीं पीएनबी ने वित्त मंत्रालय के आदेश पर एक एफआईआर दर्ज करा दी है. इसके साथ ही इस तरह के घोटालों की छानबीन करने के लिए सभी बैंकों को एक पत्र जारी किया है. नीरव मोदी को पीएम मोदी के करीबी लोगों में बताकर राहुल गांधी ने सारे मोदी चोर हैं वाली टिप्पणी की थी. 


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