हद है! लापरवाही में BJP कोटे वाले विभाग अव्वल, स्वास्थ्य विभाग ने सबको पछाड़ा, JDU कोटे का शिक्षा विभाग नंबर-2 पर

हद है! लापरवाही में BJP कोटे वाले विभाग अव्वल, स्वास्थ्य विभाग ने सबको पछाड़ा, JDU कोटे का शिक्षा विभाग नंबर-2 पर

PATNA: बिहार में कैबिनेट से पारित प्रस्ताव के लागू होने की रिपोर्ट सरकार तक नहीं पहुंच रही। डेढ़ साल के दौरान मंत्रिपरिषद से जितने प्रस्ताव पास हुए उनमें 374 प्रस्तावों का अनुपालन रिपोर्ट न तो सरकार तक पहुंची और न वेबसाइट पर ही अपलोड किया गया। इसके बाद कैबिनेट सचिवालय ने सभी विभागों के प्रधान सचिव को पत्र लिखा है। 

BJP कोटे के मंत्रियों वाले विभाग ने JDU कोटे वाले विभाग को पछाड़ा 

17 नवंबर 2020 से 19 जुलाई 2022 तक जिन प्रस्तावों को बिहार कैबिनेट ने पास किया उनमें विभाग के स्तर से 374 प्रस्ताव का अनुपालन प्रतिवेदन कैबिनेट सचिवालय को नहीं मिला है। इसके बाद कैबिनेट सचिवालय के अपर मुख्य सचिव डॉ. एस. सिद्धार्थ ने सभी विभागों को पत्र लिखा है। लंबित 374 रिपोर्ट में सीएम नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू कोटे के मंत्रियों से जुड़े विभागों के 144 प्रस्ताव के रिपोर्ट है। वहीं बीजेपी कोटे के मंत्रियों से जुड़े विभाग की बात करें तो कैबिनेट से पारित 213 प्रस्तावों के संबंध में रिपोर्ट अब तक कैबिनेट सचिवालय को नहीं भेजी गई है। 

सीएम नीतीश के विभाग में भी लंबित है रिपोर्ट

अब आपको बताते हैं कि, जेडीयू कोटे वाले विभाग में कितने रिपोर्ट लंबित हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार गृह विभाग की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। उस विभाग में 26 प्रस्ताव ऐसे हैं जिनका अनुपालन रिपोर्ट लंबित है। वहीं सामान्य प्रशासन विभाग भी मुख्यमंत्री के पास है, इस विभाग में भी  1 प्रस्ताव का रिपोर्ट नहीं गया है। परिवहन 19,मद्य निषेध 11,योजना एवं विकास 2, ग्रामीण विकास 8,समाज कल्याण 1, अल्पसंख्यक कल्याण 2, शिक्षा विभाग के पास 53लंबित है। विज्ञान एवं प्रावैधिकी विभाग जेडीयू समर्थित निर्दलीय कोटे से मंत्री हैं। इस विभाग का 2 रिपोर्ट लंबित है। ऊर्जा विभाग 3, सूचना एवं जनसंपर्क 7,खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण 3 और भवन निर्माण विभाग में कैबिनेट से पारित 6 प्रस्ताव के रिपोर्ट अप्राप्त है। वहीं, जेडीयू की सहयोगी हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के खाते में एसएसी-एसटी विभाग है। इस विभाग में 17 ऐसे प्रस्ताव हैं जिसे कैबिनेट ने पास किया लेकिन अनुपालन प्रतिवेदन सरकार को नहीं भेजी गई है।

स्वास्थ्य विभाग लापरवाही में नंबर-1

वहीं बीजेपी कोटे के मंत्रियों से जुड़े विभाग में फिसड्डी में नंबर 1 पर स्वास्थ्य विभाग है। इस विभाग में सबसे अधिक 78 प्रस्ताव के बारे में सरकार को जानकारी नहीं दी गई है। इसके अलावे डिप्टी सीएम रेणु देवी आपदा प्रबंधन विभाग का जिम्मा संभालती हैं, जहां 11एजेंडा के संबंध में रिपोर्ट नहीं भेजी गई है। वहीं दूसरे डिप्टी सीएम तारकिशोर प्रसाद के वित्त विभाग से 6 और वाणिज्य कर विभाग के 3,नगर विकास 49 प्रस्तावों के बारे में जानकारी नहीं दी गई है। इसके अलावे पंचायती राज 1,  स्वास्थ्य विभाग 78, उद्योग 5, खान 4, कृषि 26, पशुपालन 1, पीएचईडी 2, पथ निर्माण 9,पर्यटन 2,कला एवं संस्कृति 6, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के 10 प्रस्ताव के बारे में कैबिनेट सचिवालय को जानकारी अप्राप्त है।  वहीं, कुल 44 विभागों में कुछ ऐसे विभाग हैं जहां एक भी रिपोर्ट लंबित नहीं है। 

कैबिनेट सचिवालय ने जारी की सूची 

बिहार कैबिनेट से प्रस्ताव पास होने के बाद जब कई विभाग के स्तर पर अनुपालन प्रतिवेदन नहीं आ रहा तो कैबिनेट सचिवालय ने सभी विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव एवं सचिव को पत्र लिखा है. मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ एस.सिदार्थ ने पत्र में उल्लेख किया है कि कई मामलों में पाया गया है कि मंत्रिपरिषद के निर्णय के बाद राज्यादेश या अधिसूचना निर्गत किया जाता है, लेकिन उसकी जानकारी नहीं दी जा रही. कुछ विभाग ऐसे हैं जिनके द्वारा पूर्ण अनुपालन की सूचना उपलब्ध नहीं कराई जा रही है. इस वजह से स्वीकृत निर्णयों के अनुपालन से संबंधित जानकारी अधूरी रह रही. जानकारी के अनुसार कैबिनेट से जिन प्रस्तावों को पास किया गया उस संबंध में विभाग ने अधिसूचना जारी कर दी, लेकिन कई विभाग ऐसे हैं जिन्होंने प्रस्ताव के संबंध में प्रतिवेदन मंत्रिमंडल सचिवालय को नहीं भेजी।

कैबिनेट सचिवालय ने कहा है कि मंत्रिपरिषद से स्वीकृत निर्णयों के अनुपालन से संबंधित रिपोर्ट भेजें. इसके साथ ही सभी विभाग अपने वेबसाइट पर भी मंत्रिपरिषद से पारित निर्णय के अनुपालन से संबंधित प्रतिवेदन प्रकाशित सुनिश्चित करें.

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