बीजेपी में 'विभीषण' ! शरीर से थे BJP में और काम करते थे JDU के लिए, राजीव रंजन को लेकर भाजपा नेताओं का खुलासा

बीजेपी में 'विभीषण' ! शरीर से थे BJP में और काम करते थे JDU के लिए, राजीव रंजन को लेकर भाजपा नेताओं का खुलासा

PATNA : पूर्व विधायक राजीव रंजन ने भाजपा से इस्तीफा दे दिया है। इस्तीफा देने के पीछे की प्रमुख वजह जेडीयू प्रेम रही. पिछले दिनों बीजेपी के प्रदेश उपाध्यक्ष राजीव रंजन ने नीतीश कुमार और ललन सिंह से मुलाकात की थी. तब से बीजेपी उपाध्यक्ष की बोली बदल गई थी. जहरीली शराब कांड में पूर्व विधायक राजीव रंजन ने पार्टी लाईऩ के खिलाफ जाकर बयानबाजी की थी. एक तरफ जहां पूरी पार्टी जहरीली शराब से मौत मामले में मुआवजे की मांग कर रही थी, वहीं प्रदेश उपाध्यक्ष राजीव रंजन ने इसे गलत बताया था। तभी यह साफ हो गया था कि राजीव रंजन ने जेडीयू की लाईऩ पकड़ ली है। बीजेपी नेताओं का मानना था कि राजीव रंजन शऱीर से भले ही बीजेपी में रहे हों लेकिन ये काम अपनी पुरानी पार्टी जेडीयू के लिए करते थे. भाजपा के नेता राजीव रंजन को विभीषण बता रहे हैं. 

राजीव रंजन को लेकर भाजपा नेताओं का खुलासा

बीजेपी के प्रदेश उपाध्यक्ष राजीव रंजन ने इस्तीफा दे दिया है। इस्तीफे से पहले बीजेपी के अधिकांश नेता इऩके खिलाफ हो लिए थे. भाजपा के नेता तो सोशळ मीडिया में इनके खिलाफ लिखने लगे थे। भाजपा नेता बिना नाम लिये राजीव रंजन को 'भेदिया' बता रहे हैं. भाजपा नेता कह रहे कि ये लंबे समय से पार्टी के खिलाफ काम कर रहे थे और जानकारी जेडीयू नेतृत्व को दे रहे थे। बता दें, राजीव रंजन बीजेपी के प्रदेश नेतृत्व के इतने नजदीक थे कि इऩ्हें प्रदेश उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी के साथ-साथ प्रदेश मीडिया प्रभारियों का इंचार्ज भी बनाया गया था। राजीव रंजन के खिलाफ मीडिया प्रभारियों ने ही मोर्चा खोल दिया। बीजेपी के प्रदेश मीडिया प्रभारी राजेश झा ''राजू'' ने राजीव रंजन के इस्तीफे से पहले ही सोसळ मीडिया पर इऩकी पोल खोल दी थी। राजेश झा राजू ने लिखा कि ये जेडीयू के लिए काम कर रहे हैं. दल में रहकर दलीय निष्ठा के खिलाफ काम कर रहे. समाचार पत्र के माध्यम से सस्ती लोकप्रियता हासिल करने का प्रयास कर रहे. हमारे माननीय या अपने आका को संतुष्ट कर रहे. आप जैसे लोग निजी स्वार्थ के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं। बीजेपी नेताओं ने राजीव रंजन को विभीषण करार दिया है। 

नरेंद्र मोदी को निशाने पर लिया, कहा - पार्टी भटक चुकी है

अपने इस्तीफे के साथ राजीव रंजन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों को भी निशाने पर लिया है। उन्होंने इस्तीफे में लिखा है कि  खेदपूर्वक कहना है कि बिहार भाजपा आज प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी की नीतियों व आदर्शों से पूरी तरह भटक चुकी है। प्रधानमन्त्री जी के ‘सबका साथ-सबका विकास’ की बात केवल कहने तक ही सीमित हो चुकी है। आज पार्टी में पिछड़ा/अतिपिछड़ा व दलित समाज के विरोधी तत्व हावी हो चुके हैं। हालात यह है कि जो नेता पिछड़े समाज के नहीं है वह भी इस समाज के नाम पर दशकों से सत्ता सुख भोग रहे हैं। इनके चहेते चंद नेताओं के अतिरिक्त पार्टी में पिछड़ा/अतिपिछड़ा व दलित समाज के नेताओं का उपयोग केवल झंडा ढ़ोने तक ही सीमित कर दिया गया है, जो प्रधानमन्त्री जी की नीतियों की सरासर उपेक्षा है। 

नालंदा प्रेम को किया जाहिर

 इसी तरह पार्टी के एजेंडा सिर्फ और सिर्फ पटना तक ही सीमित रह गया है। नालंदा जिले की बात तक नहीं होती. यह सरासर नालंदा व अन्य जिलों की उपेक्षा है। क्षेत्र में जनता द्वारा पूछे जाने पर हम जवाब तक नहीं दे पाते। इसके अतिरिक्त और भी विषय हैं जिनपर मेरा पार्टी से मतैक्य नहीं है। कई विषय मैं इस पत्र में नहीं लिख रहा, लेकिन आने वाले समय में उन्हें उठाता रहूँगा। इसीलिए मैं पार्टी के पद और सदस्यता से अपना त्यागपत्र देता हूं। आपसे अनुरोध है कि इस त्यागपत्र को स्वीकार कर मुझे पार्टी प्रदत दायित्वों से मुक्त करें।


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