सीबीएसई ने बोर्ड परीक्षा के लिए 11 साल के बच्चे का नहीं किया रजिस्ट्रेशन, जानिए पटना हाईकोर्ट ने क्या दिया आदेश...
PATNA : पटना हाईकोर्ट ने सिर्फ दस वर्ष दस माह के बच्चे द्वारा सीबीएसई के बोर्ड परीक्षा देने के लिए रजिस्ट्रेशन नही किये जाने के मामलें पर सुनवाई की।जस्टिस अनिल कुमार सिन्हा ने समीर राज के पिता अरुण कुमार सिन्हा की रिट याचिका पर सुनवाई की। कोर्ट ने सीबीएसई के चेयरमैन को याचिकाकर्ता के अभ्यावेदन पर विचार कर निर्णय लेने का निर्देश दिया। लेकिन सीबीएसई ने 15 वर्ष का हवाला दे रजिस्ट्रेशन करने से इंकार कर दिया था।
आवेदक की ओर से अधिवक्ता अनुराग सौरव ने कोर्ट को बताया कि महज साढ़े पांच वर्ष के उम्र में वर्ग चार में नामांकन के लिए जांच परीक्षा दी। परीक्षा में उतीर्ण होने के बाद उसका दाखिला हुआ। वर्ग चार, पांच व छह के वार्षिक परीक्षा में उसे ग्रेड ए1 और ग्रेड 2 आया। वर्ग सात में 91 प्रतिशत तथा आठ में 95.83 प्रतिशत अंक मिला। साढ़े नव वर्ष के आयु में उसे वर्ग नव में प्रोन्नति दी गई। उनका कहना था कि अगले वर्ष बोर्ड परीक्षा देनी है। लेकिन सीबीएसई के परीक्षा कानून 6.1(ए)(iii) के तहत नामांकन के लिए न्यूनतम और अधिकतम उम्र तय नहीं है।
वही सीबीएसई की ओर से विनय कृष्ण त्रिपाठी ने कोर्ट को बताया कि आवेदक के पुत्र सीधे वर्ग चार में नामांकन लिये। जबकि वर्ग एक मे नामांकन के लिए कम से कम पांच वर्ष का होना अनिवार्य है। इस प्रकार वर्ग आठ में नामांकन के लिए कम से कम आठ वर्ष होना चाहिए। उन्होंने वर्ग चार में लिये गये नामांकन पर ही सवाल खड़ा करते हुए कहा कि नामांकन गलत है। कोर्ट ने सीबीएसई की ओर से उठाये गये सवालों को एक सिरे से खारिज करते हुए कहा कि बच्चा का रिजल्ट देख ऐसा लगता है कि वह बोर्ड का परीक्षा पास करने की क्षमता रखता है।
कोर्ट ने आवेदक को सीबीएसई के चेयरमैन के समक्ष सभी वर्ग के परीक्षा के रिजल्ट के साथ अभ्यावेदन देने का आदेश दिया। साथ ही चेयरमैन को दाखिल अभ्यावेदन पर विचार कर आदेश जारी करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने चेयरमैन को दो माह के भीतर आदेश जारी करने का आदेश दिया। कोर्ट ने कहा कि यदि ये पाया जाता हैं कि छात्र प्रतिभावान है,तो उसे अगले वर्ष होने वाले बोर्ड परीक्षा में शामिल करने का आदेश दिया जाये।