'खजांची' ने केंद्रीय मंत्री 'पारस' की प्रतिष्ठा पर पहुंचाई चोट ! भ्रष्ट 'इंजीनियर' को बचाने की कोशिश में जुटे कोषाध्यक्ष ने SVU की पूछताछ में उगले राज

'खजांची' ने केंद्रीय मंत्री 'पारस' की प्रतिष्ठा पर पहुंचाई चोट ! भ्रष्ट 'इंजीनियर' को बचाने की कोशिश में जुटे कोषाध्यक्ष ने SVU की पूछताछ में उगले राज

PATNA: केंद्रीय मंत्री पशुपति कुमार पारस की पार्टी के खजांची ने प्रतिष्ठा को काफी चोट पहुंचाई है। भ्रष्ट इंजीनियर को बचाने में खजांची ने जांच एजेंसी के अधिकारियों को सत्ता का रौब दिखाया था। बताया जाता है कि पारस की पार्टी के खजांची सुनील सिन्हा का भ्रष्ट इंजीनियर से मिलीभगत थी और उसके काले धंधे में शरीक होने की शंका है। यही वजह रही कि जब विशेष निगरानी इकाई ने बुडको के भ्रष्ट इंजीनियर के ठिकानों पर छापेमारी की तो केंद्रीय मंत्री पारस गुट के खजांची सुनील सिन्हा बचाने को मैदान में उतर गये। अब जांच एजेंसी ने लोजपा पारस गुट के खजांची सुनील सिन्हा से पूछताछ की है। 

सुनील सिन्हा से कड़ाई से पूछताछ 

विशेष निगरानी इकाई के सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक 2 अगस्त को पारस गुट के खजांची सुनील सिन्हा से दफ्तर में कड़ाई से पूछताछ की गई है। खजांची से भ्रष्ट इंजीनियर से संबंधों के बारे में पूछताछ की गई। साथ ही 400 करोड़ के टेंडर में मैनेज करने के बारे में भी लोजपा पारस गुट के खजांची सुनील सिन्हा से कड़ाई से पूछताछ की गई। बताया जाता है कि इस दौरान सुनील सिन्हा ने कुछ अहम जानकारी दी है। साथ ही यह भी बताया है कि किसके कहने पर वे जांच एजेंसी के अधिकारी को फोन किये थे. बताया जाता है कि पारस गुट के खजांची सुनील सिन्हा ने फोन करने को लेकर अपनी गलती स्वीकार किया। अब विशेष निगरानी इकाई सुनील सिन्हा से मिली अहम जानकारी के बाद आगे की जांच में जुट गई है। जांच एजेंसी को पूरा शक है कि सुनील सिन्हा और बुडको के इंजीनियर के बीच काफी गहरा संबंध रहा है। उसके गलत काम में कहीं न कहीं सुनील सिन्हा भी राजदार हैं। बताया जाता है कि सुनील सिन्हा जांच एजेंसी के एक बड़े अधिकारी से अपना संबंध बताते हैं। पूछताछ के लिए जाते समय भी सुनील सिन्हा ने मीडिया के सामने कहा था कि उनका यहां आना-जाना लगा रहता है। 

400 करोड़ के टेंडर में भ्रष्टाचार के आरोप 

इंजीनियर अनिल कुमार यादव पर 400 करोड़ का एक टेंडर पास करने में बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार करने का आरोप है। जिसके बाद SVU ने इनके खिलाफ जांच की थी। फिर मिले सबूतों के आधार पर SVU ने 25 जुलाई को ही एग्जीक्यूटिव इंजीनियर के खिलाफ 98 लाख 41 हजार 366 रुपए का आय से अधिक संपत्ति का FIR दर्ज किया था। 26 जुलाई को SVU की टीम ने एग्जीक्यूटिव इंजीनियर अनिल कुमार यादव के पटना में पुनाईचक स्थित फ्लैट और राजापुर पुल के पास स्थित ऑफिस में छापेमारी की थी। तब इनके सरकारी आमदनी से 5 गुणा अधिक की चल-अचल संपत्ति का पता चला। इनके पास करोड़ों की प्रॉपर्टी है। जिसमें 5 प्रॉपर्टी पटना और 1 मधेपुरा में है। बड़ी बात यह है कि सरकारी नौकरी में आने के बाद से अनिल कुमार यादव की कुल कमाई सैलरी के तौर पर 65 लाख रुपया ही है।

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