बिहार के 182 CO ने सरकारी आदेश को दिखाया ठेंगा,भूमि विवाद समाधान को लेकर SHO के साथ नहीं कर रहे मीटिंग,अब चौकीदार देंगे विवाद की सूचना

बिहार के 182 CO ने सरकारी आदेश को दिखाया ठेंगा,भूमि विवाद समाधान को लेकर SHO के साथ नहीं कर रहे मीटिंग,अब चौकीदार देंगे विवाद की सूचना

PATNA : अब भूमि विवादों की जानकारी चैकीदारों के जरिए हासिल की जाएगी। हरेक शनिवार को होनेवाली बैठक में सभी चैकीदार को अपने आवंटित इलाके के किसी भी तरह के भूमि विवाद की सूचना लिखित रुप में देनी होगी। इसके लिए राजस्व एंव भूमि सुधार विभाग द्वारा एक फॅार्मेट विकसित किया गया है। इसमें लापरवाही को सरकार गंभीरता से लेगी। दिसंबर महीने में अपर मुख्य सचिव गृह, अपर मुख्य सचिव राजस्व एंव भूमि सुधार विभाग एंव पुलिस महानिदेशक, बिहार द्वारा संयुक्त रुप से एक पत्र सभी समाहर्ता एंव पुलिस अधीक्षक को लिखा गया था। राजस्व एंव भूमि सुधार विभाग ने इस मामले की नियमित समीक्षा शुरू की है। विभाग में इस काम के लिए विशेष रूप से प्रतिनियुक्त आई0पी0एस0 अधिकारी चंद्रशेखर विद्यार्थी को इसका जिम्मा सौंपा गया है। मामले की साप्ताहिक समीक्षा की जा रही है। विभाग के आई0टी0 सेल द्वारा 01 मार्च, 2021 को तैयार आंकड़ों के मुताबिक राज्य के 534 अंचलों में से 182 अंचलों में इस तरह के बैठक की जानकारी विभाग को उपलब्ध नहीं कराई गई है। अर्थात 182 अंचल अधिकारियों ने साप्ताहिक बैठक की कार्यवाही विभागीय वेबसाइट पर अपलोड नहीं किया है। सिर्फ पटना जिले के 11 अंचल अधिकारियों ने इस प्रतिवेदन को भरकर उपलब्ध नहीं कराया है। पटना जिले में कुल 23 अंचल हैं। 

अंचल स्तरीय थाना प्रभारी एंव अंचल अधिकारी की बैठक से संबंधित प्रतिवेदन को अंचल स्तर पर प्रपत्र-2 में अंचल स्तर पर संधारित किया जाना है और राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के पोर्टल पर अपलोड किया जाना है। राजस्व एंव भूमि सुधार विभाग के अपर मुख्य सचिव विवेक कुमार सिंह ने सभी अंचल अधिकारियों को इस बैठक को नियमित रुप से करने और संबंधित प्रतिवेदन विभाग को उपलब्ध करने का निर्देश दिया है। 11 दिसंबर, 2020 को हुई बैठक में मुख्य सचिव के निर्देश के आलोक में सभी चौकीदारों को निर्धारित फॅार्मेट में भूमि विवादों की जानकारी उपलब्ध कराने का निर्देश देने का निर्णय लिया गया था। इससे पहले 8 दिसंबर को मुख्यमंत्री द्वारा की गयी राजस्व एंव भूमि सुधार विभाग की समीक्षा बैठक में इस विषय पर चर्चा की गई थी। यह माना गया कि चौकीदारों को अपने इलाके/गांव के भूमि विवादों की जानकारी रहती है और सरकार को अपने इस सूचना तंत्र का इस्तेमाल भूमि विवाद का ब्यौरा इकट्ठा करने एंव निरोधात्मक उपाए करने के लिए करना चाहिए। 

पिछले वर्ष लिखे गए पत्र में हरेक शनिवार को थाना प्रभारी और अंचल अधिकारी को संयुक्त बैठक करने का निर्देश था। साथ ही इस बैठक की रिपोर्ट निर्धारित फाॅर्मेट में भेजना भी है। साथ ही भूमि विवादों पर चौकीदारों को अपने इलाके की जानकारी देनी है। पत्र में स्पष्ट रूप से उल्लेखित है कि अंचल अधिकारी शनिवार की बैठक में ग्राम चौकीदारों से भूमि विवाद जनित अपेक्षित तथा गोपनीय रिपोर्ट निर्धारित फॅार्मेट में प्राप्त करेंगे। चौकीदारों द्वारा दी गई जानकारी का संकलन अंचल स्तर पर प्रपत्र-3 में की जाएगी। जिला पदाधिकारियों एंव पुलिस अधीक्षक को लिखे गए पत्र में उनको निर्देश दिया गया है कि अंचलवार प्रमुख भूमि विवादों की सूची और उनके निष्पादन का विवरण उनके कार्यालय स्तर पर प्रपत्र-1 में संधारित की जाएगी और इसे राजस्व एंव भूमि सुधार विभाग के पोर्टल पर प्रत्येक सप्ताह अद्यतन करते हुए अपलोड किया जाएगा। 

भूमि विवादों को लेकर बिहार सरकार चिंतित है। इसे सूबे में कानून-व्यवस्था की समस्या से जोड़कर देखा जाता है। भूमि विवादों की समय से जानकारी रहने पर प्रशासन द्वारा समय रहते निरोधात्मक कदम उठाया जा सकता है। इसे लेकर समय-समय पर दिषा निर्देश जारी करती रहती है। सरकार ने अंचल स्तर पर साप्ताहिक, अनुमंडल स्तर पर पाक्षिक एंव जिला स्तर पर मासिक बैठक कर भूमि विवादों की समीक्षा कर हल ढूढने से संबंधित निर्देश जारी किया था। राजस्व एंव भूमि सुधार विभाग के मंत्री राम सूरत कुमार ने उम्मीद जताई कि अंचल अधिकारी और थाना प्रभारी चौकीदारों के सूचना तंत्र का इस्तेमाल भूमि विवाद का पता लगाने और उसका समाधान निकालने में करेंगे।

पटना से विवेकानंद की रिपोर्ट 

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