मोतिहारी के प्रसिद्ध सोमेश्वरनाथ महादेव मंदिर में छप्पन भोग का आयोजन, भंडारा में हजारों भक्तों ने किया प्रसाद ग्रहण

मोतिहारी के प्रसिद्ध सोमेश्वरनाथ महादेव मंदिर में छप्पन भोग का आयोजन, भंडारा में हजारों भक्तों ने किया प्रसाद ग्रहण

मोतिहारी. भारत-नेपाल के श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र व बिहार के काशी प्रसिद्ध बाबा सोमेश्वरनाथ महादेव मंदिर मोतिहारी स्थित अरेराज में अन्नकूट के अवसर पर महाश्रृंगार व 56 भोग का आयोजन हुआ। मंदिर महंत सह महामंडलेश्वर रविशंकर गिरी के द्वारा मनोकामना पूरक बाबा पंचमुखी सोमेश्वरनाथ महादेव का भिन्न भिन्न पुष्पों से महाश्रृंगार, महाआरती व छपन भोग लगाया गया। बाबा सोमेश्वरनाथ महादेव के महाश्रृंगार, छपन भोग में भारत व नेपाल के हज़ारों भक्त शामिल होकर पूजा अर्चना व मंगलकामना किया गया। वहीं मंदिर महंत द्वारा भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों भक्त प्रसाद ग्रहण किये।

मान्यता है कि अन्नकूट के अवसर पर 56 भोग लगने से भक्तों के घर व क्षेत्र में कभी भी अन्न की कमी नहीं होती है। ऐसे प्रसिद्ध बाबा सोमेश्वरनाथ महादेव मंदिर पुत्र प्राप्ति के लिए प्रशिद्ध मंदिर है। मंदिर में प्रतिदिन भीड़ होती है, लेकिन वर्ष में अंनत चतुर्दशी, महाशिवरात्रि, बसंत पंचमी, पूरे सावन मास के सोमवारी, फागुनी त्रयोदशी सहित अवसर पर लाखों की संख्या में भक्त भारत व नेपाल से पहुंचते हैं।

भारत और नेपाल के लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केन्द्र पुरूषोत्तम प्रभु श्री राम के संग माता जानकी द्वारा पूजित भगवान श्रीकृष्ण के आदेश पर पांडवों 'द्वारा विशेष रूप से सिद्धि प्राप्त हेतु प्रायोजित पूजित" पंचमुखी ज्योतिर्लिंग देव चंद्रमा को शिव कोप से मुक्ति प्रयोजन हेतु मार्कंडेय ऋषि द्वारा अभिसृजित "नम:शिवाय "बीज मंत्र के द्वारा समस्त योनियों के सम्पूर्ण चारित्रिक दोष, कुष्ठ रोग, दरिद्रता और नि: संतता के पात्रों के लिए वरदान "बाबा सोमेश्वर नाथ महादेव" के वार्षिक अति विशिष्ट "अन्नकूट पूजन "के शुभ अवसर पर  अनेकों अन्नों, फसलों, फलों,रसों, नैवेद्य आदि 56 भोज्य पदार्थो से अभिषेक करने  की एक ऐतिहासिक परंपरा रही है।

मंदिर महंत सह महामण्डलेश्वर स्वामी रविशंकर गिरी जी महाराज के कुशल संयोजन में बुधवार की रात्रि महाश्रृंगार, महाआरती व छप्पन भोग का आयोजन किया गया। छप्पन भोग में हज़ारों की संख्या में भक्त आशीर्वाद व प्रसाद ग्रहण के लिए पहुंचे। वहीं मंदिर प्रबंधन द्वारा भंडारे का आयोजन किया गया। भंडारे में हज़ारों भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया। यह प्रसिद्ध मंदिर मोतिहारी जिला मुख्यालय से 28 किलोमीटर पूरब दक्षिण गंडक नदी के तट पर अरेराज में स्थित है। इस मंदिर की महत्ता की चर्चा अनेक गर्न्थों में है। यह मंदिर पुत्र प्राप्ति के लिए प्रसिद्ध है। वहीं मान्यता है कि मंदिर स्थित कुंड के जल से स्नान करने से कुष्ठ जैसे असाध्य रोग भी ठीक हो जाते हैं।

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