मांझी के बेटे संतोष ने कहा - जनहित के लिए उठाए गए राजनीति में आवाज को छोटे मुकदमे पर दागी कहना गलत

मांझी के बेटे संतोष ने कहा - जनहित के लिए उठाए गए राजनीति में आवाज को छोटे मुकदमे पर दागी कहना गलत

गया। नीतीश सरकार के 20 मंत्रियों में दागी होने के आरोप लग रहे हैं। ऐसे में अब उनके बचाव को लेकर नीतीश के मंत्री भी सामने आने लगे हैं। जिनमें एक नाम नीतीश सरकार में लघु सिंचाई एवं sc-st मंत्री व जीतन राम मांझी के बेटे डॉ संतोष कुमार सुमन का भी शामिल है। जिन्हें लगता है कि दागी के मुद्दे को बेवजह का तूल दिया जा रहा है। गया पहुंचे sc-st मंत्री  पर दागी का आरोप पर उन्होंने प्रतिक्रिया देते हुए बताया कि राजनीतिक व सामाजिक जीवन में जब व्यक्ति प्रवेश करता है, तो उसे कई प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। राजनीतिक हम लोगों गरीबों और जनहित के लिए बेजुबानो के लिए करते है आवाज उठाना पड़ता है संविधान के दायरे में रहकर विरोध जताते हैं, जिसमें कई बार केस भी दर्ज किया जाता है। इसे दागी नहीं कहा जा सकता है।

उन्होंने कहा कि राजनीतिक में जनहित के लिए किए गए कार्य को किसी द्वारा राजनीतिक द्वेष में आकर छोटे-मोटे मुकदमा कर देना यह दागी नहीं समझते हैं दागी तो वह है जो संघन अपराध बड़े-बड़े अपराध करना, बड़े घोटालेबाज हैं। गरीब लोगों की जनहित के लिए आवाज उठाना किसी से मुकदमा राजनीतिक में करना दागी नहीं कहते। जनहित के लिए आवाज़ उठाना धरना प्रदर्शन करना हमारी मौलिक अधिकार फंडामेंटल राइट्स है। इस तरह से हमारे ऊपर मुकदमा करा देना कोई बड़े दाग नहीं है।

गौरतलब है कि नीतीश सरकार के नए कैबिनेट को लेकर लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं। आरोप है कि जिन लोगों को मंत्री बनाया गया है, उनमें 57 फीसदी लोगों पर कई तरह के संगीन मामले दर्ज हैं, जिनको लेकर विपक्ष सहित एनडीए में भी विरोध के स्वर सुनाई दे रहे हैं।


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