मुख्यमंत्री जी...2 MLC और मनरेगा की 2 योजना की राशि लगी फिर भी सड़क अधूरा, CM ने विकास आयुक्त को लगाया फोन

मुख्यमंत्री जी...2 MLC और मनरेगा की 2 योजना की राशि लगी फिर भी सड़क अधूरा, CM ने विकास आयुक्त को लगाया फोन

PATNA: मुख्यमंत्री नीतीश का जनता दरबार चल रहा है। सीएम नीतीश लगातार दूसरे सोमवार को जनता के दरबार में हाजिर होकर लोगों की शिकायत सुन रहे हैं। मुख्यमंत्री के दरबार में आज सीएम नीतीश के निश्चय योजना की पोल खुल गई। कई शिकायतकर्ताओं ने मुख्यमंत्री से कहा कि योजना पूरी तरह से बोगस है। नल -जल योजना का लाभ नहीं मिल रहा। धरातल पर कोई काम नहीं दिख रहा। नल तो है लेकिन उसमें जल नहीं आता। वहीं रोहतास के 2 आवेदकों ने मुख्यमंत्री से शिकायत किया कि पीएम सड़क योजना के तहत हमारे गांव में सड़क बनी लेकिन उसे अधूरा छोड़ दिया गया। गांव को सड़क से नहीं जोड़ा गया। इस पर मुख्यमंत्री ने आश्चर्य जताते हुए ग्रामीण कार्य विभाग के सचिव को फोन लगाया। एक शिकायतकर्ता ने सीएम नीतीश से कंप्लेन किया कि एक सड़क  के निर्माण में 2 एमएलसी का फंड लगा और मनरेगा की 2 योजना लगी। फिर भी आज तक सड़क का कार्य पूर्ण नहीं हुआ। सरकारी राशि का भारी दुरूपयोग हुआ है।

मुख्यमंत्री ने विकास आयुक्त को किया फोन

इस पर सीएम नीतीश ने आश्चर्य जताया और कहा कि 2-2 एमएलसी फंड लगा फिर भी सड़क नहीं बनी। मुख्यमंत्री ने विकास आयुक्त को फोन लगाकर कहा कि इस मामले को देखिए। सीएम नीतीश ने कहा कि आरोप है कि 2 विधानपार्षदों का फंड दिया गया फिर भी सड़क नहीं बनी। इस मामले को योजना एवं विकास और पंचायती राज विभाग के साथ समीक्षा करिए। 

सीएम नीतीश ने जांच के दिये आदेश 

ग्रामीण कार्य विभाग के सचिव को फोन लगाकर सीएम नीतीश ने कहा कि हमने तो पहले ही कह दिया है कि सबी गांवों को सड़क से जोड़ना है। पहले भी कई ऐसी शिकायत आई तो हमने इस पर कार्रवाई करने को कहा था। इसके बाद भी इस तरह की शिकायत मिल रही है। सीएम नीतीश ने कहा कि पूरे मामले की जांच कराईए। यह तो कमाल की बात है। 

शिकायतकर्ताओं ने खोली पोल

मुजफ्फफर के कटरा और पश्चिम चंपारण के चनपटिया से आये शिकायतकर्ताओं ने मुख्यमंत्री ने कहा कि जन-जल योजना में भारी गड़बड़ी है। शिकायत करने पर मुखिया द्वारा धमकी दी जाती है। दिखावे के लिए टंकी लगा दिया दिया गया लेकिन पानी नहीं आ रहा। वहीं पाइप भी बहुत घटिया लगाया गया है। 

 खगड़िया के परबत्ता से आये एक शख्स ने शिकायत की है इंदिरा आवास योजना का लाभ जानबूझ कर नहीं दिया जा रहा। किसी ने साजिश कर मेरे यहां लैंडलाइन नंबर के बारे में शिकायत कर दी। इस आधार पर उनका आवेदन खारिज कर दिया गया है। जबकि इस तरह की कोई बात नहीं वे बहुत ही गरीब हैं और झोपड़ी में रहते हैं। इस पर सीएम नीतीश ने गहरी आपत्ति जताई।

सीएम नीतीश ने सचिव को लगाया फोन

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने तुरंत ग्रामीण विकास विभाग के सचिव अरविंद चौधरी को फोन लगाया। उन्होंने कहा कि पूरे मामेल को देखिए और जांच कराइए कि किसने इनके नाम पर टेलिफोन का लैंडलाईन नंबर जुड़वा दिया। जिस आधार पर इनका आवेदन खारिज किया गया है।  

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