पिता की बरखी में पैतृक गाँव पहुंचे चिराग पासवान, कहा जयंती को राजकीय अवकाश घोषित करे राज्य सरकार

पिता की बरखी में पैतृक गाँव पहुंचे चिराग पासवान, कहा जयंती को राजकीय अवकाश घोषित करे राज्य सरकार

KHAGARIA : पिछले साल 8 अक्तूबर को केन्द्रीय मंत्री रामविलास पासवान का निधन हो गया था. इसके बाद इस साल 12 सितम्बर को पटना में उनके आवास पर बरखी कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इसी के तहत आज उनके गाँव खगड़िया जिले के शहरबन्नी गाँव में बरखी कार्यक्रम किया गया. इस मौके पर चिराग पासवान भी अपने गाँव पहुंचे और भोज में शामिल हुए. वहां उन्होंने अपनी माँ और रामविलास पासवान की पहली पत्नी राजकुमारी देवी से मिले. वहीँ उन्होंने कहा की पिताजी के निधन के बाद मुझे गाँव और समाज का समर्थन मिल रहा है. पिताजी के कई सपने थे. जो आज तक अधूरे हैं. 

उन्होंने कहा की मैंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पत्र लिखा है. जिसमें लिखा है की उनके जयंती के मौके पर राजकीय अवकाश घोषित किया जाये. ताकि आनेवाली पीढ़ी जान सके की रामविलास पासवान ने देश के लिए, समाज के लिए, शोषित के लिए, दलित के लिए क्या किया है. साथ ही रामविलास पासवान के आदमकद प्रतिमा लगाने की भी मांग की है. उन्होंने कहा की हम चाहते हैं की कम से कम मुख्यमंत्री रामविलास पासवान के पुण्यतिथि पर इसकी घोषणा करें. उन्होंने कहा की लोग हर जिले में उनका प्रतिमा लगाना चाहते हैं. ऐसे में उन्हें जमीन उपलब्ध करायी जायें. 

वहीँ चिराग पासवान ने कहा की राज्य सरकार से मांग हैं की हमारे नेता को भारत रत्न देने के लिए अनुशसा की जाये. उन्होंने कहा की हमलोग बड़ी मांग नहीं कर रहे हैं. उन्होंने पचास साल की राजनीति में दलित समाज को मुख्यधारा में लाने का प्रयास किया. दो दो बार उनका नाम गिनीज बुक में दर्ज किया गया. 6 प्रधानमंत्रियों के साथ काम किये. आज जो मोबाइल हर हाथ में देख रहे हैं. वह हमारे नेता की देन है. आज देश में जो 81 करोड़ लोग राशन खा रहे हैं. लॉक डाउन के दौरान उन्होंने प्रधानमन्त्री गरीब कल्याण योजना की शुरुआत की. जिससे उन्हें अनाज मिल रहा है.

खगड़िया से अनिश की रिपोर्ट  

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