इस तरह होती है कार्रवाई, जिस बाइक को ग्रामीणों ने पुलिस को सौंपा, उसे चोरों को फिर सौंप दिया

इस तरह होती है कार्रवाई, जिस बाइक को ग्रामीणों ने पुलिस को सौंपा, उसे चोरों को फिर सौंप दिया

सुपौल। एक दिन पहले ही सुपौल के जदिया में बाइक से बकरी चोरी करने की नाकाम कोशिश का मामला सामने आया था, जिसमें ग्रामीणों की सजगता के कारण चोर अपनी बाइक छोड़कर भाग गए थे। बाद में उस बाइक को पुलिस को सौंप दिया गया था। लेकिन अब इस बाइक को लेकर नयी बात सामने आई है. वह यह है कि पुलिस ने उक्त बाइक को फिर से उसके मालिकों को सौंप दिया है अथार्त चोरों के हवाले कर दिया है। जिसको लेकर अब ग्रामीणों में पुलिस के काम को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। 

जानकारी के मुताबिक बकरी मालिक मुकेश यादव को जदिया पुलिस और बाइक मालिक ने काफी धमकी दी, डर के मारे मुकेश यादव ने अपना लिखित आवेदन वापस ले लिया। जिसके बाद शुक्रवार को चौरो की अपाची वाईक पुलिस ने छोड़ दिया, मामले में थाना प्रभारी पंकज कुमार साह से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि कार्रवाई नही हुई है, गाड़ी मालिक उसी गांव का था अपने में समझौता हो गया और बाइक को छोड़ दिया गया है, जबकि इस धटना मे डीएसपी गनपती ठाकूर से पुछा गाया उन्होंने बताया कि बकरी मालिक मुकेश यादव ने अपाची बाइक पहचाने से इंकार कर दिया है और गाड़ी को छोड़ देने की बात कही है।

कई लोगों की मौजूदगी में पुलिस को सौंपी गई थी बाइक

जानकारी के मुताबिक जिस समय घटना हुई करीब सैकड़ों लोग मौजूद थे। सुबह होते ही स्थानीय चौकीदार पहुंचे तभी कोई बाइक मालिक नहीं पहुंचे जो कि करीब 8 घंटे तक ग्रामीणों ने बाइक को बंधक बनाए रखे थे, अब सवाल उठता है कि जबकि मुकेश यादव बाइक नही पकड़े तो 8 घंटों तक बंधक क्यो बनाया, क्यों पकड़े गए बाइक नम्बर सहित आवेदन पुलिस को सुपुर्द करते हुए चौरो की बाइक पकड़ने की पुलिस क्यों चकमा दिया। सवाल यहा तक नही है, जब चौरो की बाइक नहीं थी तो जदिया पुलिस 24 घंटा तक थाना में क्यों रखा, जब 12 घंटा बीत जाने के बाद थाना प्रभारी पंकज कुमार साह से पुछा उन्होंने बताया चौरो की वाईक सहित चौरो पर प्राथमिक दर्ज की जा रही है,तब जदिया पुलिस पता नहीं था कि चोरों की बाइक नहीं है।

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