देर रात पटना लौटे IPS विनय तिवारी, रिसीव करने पहुंचे DGP गुप्तेश्वर पांडेय, एयरपोर्ट पर बोले- बहुत गलत व्यवहार किया गया

देर रात पटना लौटे IPS विनय तिवारी, रिसीव करने पहुंचे DGP गुप्तेश्वर पांडेय, एयरपोर्ट पर बोले- बहुत गलत व्यवहार किया गया

  पटना :  सुशांत सिंह राजपूत मौत मामले की जांच करने वाले आईपीएस विनय तिवारी पटना लौट गए है. विनय तिवारी आज यानी गुरुवार रात 11.30 बजे पटना एयरपोर्ट पहुंचे. विनय तिवारी को रिसीव करने के लिए खुद डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय भी पटना एयरपोर्ट पहुंचे. पटना एयरपोर्ट पर विनय तिवारी ने कहा किमैं जाच के लिए गया था,BMC की वजह से जांच को क्वारंटाइन किया गया. टीम के अन्य सदस्यों को क्वारंटाइन नहीं किया गया.इससे समझा जा सकता है कि उनका व्यवहार कैसा था.   

आगे विनय तिवारी ने कहा कि मेरी टीम 27 तारीख से अनुसंधान कर रही थी. मेरे जाने के बाद 2 अगस्त से रफ्तार रुक गई. मेरे जाने की पूरी जानकारी मुंबई पुलिस को दी गई . वहां जाने के बाद मीडिया को भी ब्रीफ किया, मेरा मकशद सबको मालूम था, फिर भी मुझे रिसीव करने कोई नहींं आया और मैं खुद से एक गेस्ट हाउस पर ठहरा. उसके बाद हमें रात्रि दस बजे बीएमसी का कॉल उस समय मैं अनुसंधान के क्रम में बाहर निकला था. फिर वापस गेस्ट हाउस आया,बीएमसी के अधिकारियों ने नियम कानून का हवाला दिया. जिसे मैं मान लिया क्योंकि हमें नियमों का पालन करना था. खुद के क्वारंटाइन किये जाने के सवाल पर इनका कहना था कि, ये सही है कि मेरे ही चार कलिग को क्वारंटाइन नहींं किया गया. बाकी जितने भी आते हैं उन्हें भी क्वारंटाइन नहींं किया गया. ये सही है या गलत इस पर कुछ नहींं कहूँगा. हमारी टीम दस दिनों में अच्छा काम कर रही थी. अच्छी लीड थी हमारे पास हम सही दिशा में बढ़ रहे थे, पर मैं ये नहींं कह सकता कि ये रिया को बचाने के लिए किया जा रहा है.

बता दें कि इससे पहले मुंबई में आईपीएस अधिकारी विनय तिवारी को आज सुबह बीएमसी ने क्वारंटीन से छोड़ दिया था. विनय तिवारी को उस समय क्वारंटीन किया गया था, जब वो सुशांत केस को लेकर मुंबई में जांच कर रही बिहार पुलिस टीम का नेतृत्व करने के लिए पहुंचे थे. 

गौरतलब है कि सुशांत सिंह राजपूत मौत मामले की जांच बिहार पुलिस बीते 27 जुलाई से कर रही है. और दो अगस्त को आईपीएस विनय तिवारी मुंबई गए थे. पर उस दिन रात में ही विनय तिवारी को क्वारंटाइन कर दिया गया.  जिसके बाद काफी हंगामा मच गया था. 

बिहार के डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय से लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और बिहार के सत्तापक्ष और विपक्ष के कई नेताओं ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी. मामले में सु्प्रीम कोर्ट तक ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा था कि अभिनेता की मौत के मामले में सच्चाई सामने आनी चाहिए. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मुंबई पुलिस की पेशेवर प्रतिष्ठा अच्छी है लेकिन बिहार पुलिस ऑफिसर को क्वारंटाइन करने से अच्छा संदेश नहीं गया है.

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