कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न देने के ऐलान पर श्रेय लेने को लेकर बिहार में घमासान, सियासत में घिरी कर्पूरी की जयंती, लालू -तेजस्वी ने ठोकी ताल
पटना- जननायक कर्पूरी ठाकुर की 100 वीं जयंती पर केंद्र की मोदी सरकार ने उन्हें भारत रत्न से नवाजने की घोषणा की है. इसको लेकर बिहार से लेकर दिल्ली तक सियासी पारा तेज हो गया है. लोकसभा चुनाव 2024 की रमभेरी कुछ महीने में बजने वाली है. ऐसे में बिहार में कर्पूरी जयंती को लेकर जदयू,राजद, भाजपा समेत सभी राजनीतिक पार्टियां एक दूसरे से आगे निकलने की होड़ में लगी हैं. भातर रत्न को लेकर सियासत में श्रेय लेने की होड़ सी मच गई है. केंद्र की मोदी सरकार के जननायक को भारत रत्न देने के निर्णय पर बिहार के सभी राजनीतिक दलों ने खुशी जताया है.मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया है तो उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने भी सोशल साइट एक्स पर पोस्ट कर केंद्र के फैसले पर धन्यवाद दिया है. तेजस्वी यादव ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा कि "वंचित, उपेक्षित, उत्पीड़ित और उपहासित वर्गों के पैरोकार, महान समाजवादी नेता एवं बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री स्व॰ कर्पूरी ठाकुर जी को ‘भारत रत्न’ देने की हमारी दशकों पुरानी मांग पूरी होने पर अपार खुशी हो रही है. इसके लिए केंद्र सरकार को साधुवाद". तो वहीं राजद के सुप्रीमो लालू यादव ने कहा कि ये तो बहुत पहले ही हो जाना चाहिए था.
राजद के सुप्रीमो लालू यादव ने सोशल साइट के अपने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा है कि 'मेरे राजनीतिक और वैचारिक गुरु स्व. कर्पूरी ठाकुर जी को भारत रत्न अब से बहुत पहले मिलना चाहिए था. हमने सदन से लेकर सड़क तक ये आवाज उठायी, लेकिन केंद्र सरकार तब जागी जब सामाजिक सरोकार की मौजूदा बिहार सरकार ने जातिगत जनगणना करवाई और आरक्षण का दायरा बहुजन हितार्थ बढ़ाया. डर ही सही राजनीति को दलित बहुजन सरोकार पर आना ही होगा'.
पटना में जदयू, राजद, भाजपा कर्पूरी ठाकुर की जयंती मनाई जा रही है. पिछड़ी जाति से आने वाले कर्पूरी ठाकुर बड़े समाजवादी नेता थे. बता दें कर्पूरि ठाकुर कांग्रेस के खिलाफ थे. कर्पूरी ठाकुर ने बिहार में पिछड़ों को सबसे पहले आरक्षण देने का निर्णय लिया था. अब लोकसभा का चुनाव सिर पर है तो बिहार के सभी सियासी दल कर्पूरी ने नाम पर सियासी वैतरणी पार करने की जुगत में लगे हैं.