भाजपा विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी ने सीएम को लिखा पत्र, जल्द जारी कराएं पंचायत सचिव परीक्षा का रिजल्ट

भाजपा विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी ने सीएम को लिखा पत्र, जल्द जारी कराएं पंचायत सचिव परीक्षा का रिजल्ट

RANCHI : भाजपा विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखा है. पत्र के माध्यम से उन्होंने कहा की झारखंड कर्मचारी चयन आयोग के द्वारा प्रकाशित विज्ञापन संख्या 01/2017 (रेगुलर रिक्ति) एवं 02/2017 (बैकलॉग रिक्ति) के तहत ली गई पंचायत सचिव परीक्षा का अंतिम मेधा सूची को राज्य सरकार द्वारा अकारण लटकाए जाने के कारण 3088 अभ्यर्थियों के बर्बाद हो रहे भविष्य की तरफ आकृष्ट कराना चाहता हूं. इस मामले में विभिन्न चरणों में लिखित व जांच परीक्षा पूर्ण की जा चुकी है. सफल अभ्यर्थियों का सितम्बर, 2019 में प्रमाण-पत्रों की जांच की जा चुकी है. इसके पूर्व परीक्षाफल प्रकाशित करने को लेकर आपको बहुत सारे जनप्रतिनिधियों ने आग्रह-पत्र लिखा है. स्वयं अभ्यर्थियों का प्रतिनिधित्वमंडल भी कई दफा आपसे मुलाकात कर लिखित आवेदन सौंपकर इस समस्या के तत्काल समाधान की गुहार लगा चुका है. बावजूद पंचायत सचिव का अंतिम मेधा सूची प्रकाशित नहीं होना दुखद है. इससे अभ्यर्थियों में घोर निराशा व हताशा व्याप्त है.  

उन्होंने लिखा है की इस मामले में मुझे नहीं लगता कि बहुत अधिक कुछ आपसे कहने की आवश्यकता है. आप इस मामले से पूरी तरह खुद अवगत हैं. नेता-प्रतिपक्ष रहते हुए आपने इस मामले में ठोस आश्वासन भी दिया है. हमें नहीं लगता कि विपक्ष में रहते हुए दिए गए ठोस आश्वासन के मायने सत्ता प्राप्ति के साथ ही बदल जाते हैं ? 

आगे उन्होंने लिखा है की हमें पता है कि मेरे द्वारा लिखा गया पत्र आपको काफी कड़वा लगता है. इसलिए हमने इस मुद्दे पर अब तक ज्यादातर चुप्पी साधे रखना मुनासिब समझा. लगा कि हमारे बगैर हस्तक्षेप के ही आप इन सबका कल्याण कर देंगे. परंतु आप मामलों को लटकाए रखने में माहिर है, आपको जनहित के ऐसे मामलों को लटकाए रखने में शायद आनंद आता है ? हम इस पर कभी विस्तार से चर्चा करेंगे. आपका यह रवैया लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए कतई शुभ नहीं है. हमने बहुत प्रतीक्षा किया कि इस मामले में बगैर हमारे पत्राचार के परीक्षाफल प्रकाशित हो जाए. परंतु जब कई जनप्रतिनिधियों के द्वारा पत्र लिखने के बावजूद आपके स्तर से सिवाय टालमटोल के कोई सुगबुगाहट देखने को नहीं मिली तो मुझे लगा कि अब इस पर देर करना मुनासिब नहीं है. एक जनप्रतिनिधि होने के नाते इस ओर आपका ध्यान आकृष्ट कराना, मेरा दायित्व बन जाता है.

सरकार की लेटलतीफी से इससे जुड़े लोगों पर क्या प्रभाव पड़ता है शायद कभी आपने इस ओर सोचा भी नहीं होगा. मेरी आपसे विनती है कि इस मामले में जो भी करना है, वह आप तत्काल करिए. इन बच्चों के भविष्य को लटकाकर रखना उचित नहीं है. इन्हें दर-दर बिलबिलाने मत दीजिए और अविलंब निर्णय लेकर इनका कल्याण कर दीजिए. यही राज्यहित में होगा. आप जैसे युवा मुख्यमंत्री से इन युवाओं को काफी उम्मीदें हैं, इनका भरोसा मत तोड़ि़ए. इतिहास इन सारी चीजों को लिखेगा.

मरांडी ने लिखा की अन्य रिक्तियों दारोगा, आईआरबी, रेडियो ऑपरेटर, वायरलेस दारोगा आदि का विज्ञापन, पंचायत सचिव के बाद का होने के बावजूद इन सभी की नियुक्ति की जा चुकी है और वे सभी कार्यरत भी हैं. वहीं विज्ञापन संख्या 03/2017 के तहत राजस्व कर्मचारी की भी नियुक्ति हो चुकी है और वे डेढ़ साल से अधिक समय से नौकरी भी कर रहे हैं. जबकि पंचायत सचिव व राजस्व कर्मचारी का नियमावली एक बताया जा रहा है.

 रांची से मोईजुद्दीन की रिपोर्ट 

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