RCP के इस्तीफे के बाद सीएम नीतीश हुए एक्टिव, मंगलवार को पटना में JDU के सभी सांसदों के साथ करेंगे बैठक

RCP के इस्तीफे के बाद सीएम नीतीश हुए एक्टिव, मंगलवार को पटना में JDU के सभी सांसदों के साथ करेंगे बैठक

पटना. जदयू में सियासी उथलपुथल के बीच बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जदयू के सभी सांसदों संग मंगलवार को पटना में बैठक करेगे. सीएम नीतीश ने सभी जदयू सांसदों को सोमवार तक पटना आने कहा है. दरअसल, जदयू के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष आरसीपी सिंह के पार्टी से इस्तीफा देने के बाद सीएम नीतीश अब एक्टिव हो गए हैं. आरसीपी के नीतीश कुमार पर तीखे बयानों और जदयू को डूबता हुआ जहाज करार देने के बाद ऐसी संभावना जताई जा रही है आरसीपी सिंह अब जदयू को तोड़ सकते हैं. इन्हीं अटकलबाजियों के बीच सीएम नीतीश अचानक से रविवार को एक्टिव हुए और उन्होंने सभी जदयू सांसदों को तुरंत पटना आने कहा है. अब मंगलवार को वे सांसदों संग बैठक करेंगे. 

RCP सिंह पर जदयू ने कई प्रकार के गंभीर आरोप लगाए हैं. इसमें आरसीपी और उनकी पत्नी सहित दोनों बेटियों पर जेडीयू ने आरोप लगाया है कि आरसीपी सिंह और उनके परिवार के सदस्यों के नाम पर 2013 और 2022 के बीच ‘‘बड़ी संपत्ति'' अर्जित की. जदयू ने आरसीपी से पूछा था कि आपने और आपके परिवार के सदस्यों ने नौ साल में 58 प्लाट कैसे अर्जित किया. इसमें वित्तीय अनियमितता की झलक है. जदयू के कई नेताओं ने सार्वजनिक रूप से आरसीपी को निशाने पर लिया और उन पर कथित भ्रष्टाचार का आरोप लगाया. 


इसी के बाद आरसीपी ने शनिवार को जदयू की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया. उन्होंने नीतीश कुमार पर भी तंज कसा. नीतीश के लिए कहा कि वे सात जन्म में भी प्रधानमंत्री नहीं बनेंगे. जदयू एक डूबता हुआ जहाज है. दरअसल, आरसीपी सिंह और नीतीश कुमार का रिश्ता काफी पुराना रहा. जब केंद्र में नीतीश कुमार मंत्री थे तब आरसीपी सिंह आइएएस थे और नीतीश के सचिव के रूप में काम करने लगे. बाद में 2010 में उन्होंने आईएएस से इस्तीफा दे दिया और जदयू में आ गए. 

जदयू ने उन्हें दो बार राज्य सभा का सदस्य बनाया. हालांकि पिछले साल जब आरसीपी को केंद्र की मोदी सरकार में मंत्री बनाया गया उसके बाद समझा जाता है कि नीतीश कुमार की इस पर सहमति नहीं थी क्योंकि वह गठबंधन सहयोगियों को केंद्रीय मंत्रिमंडल में ‘‘प्रतीकात्मक प्रतिनिधित्व'' देने की बीजेपी की नीति से असहमत थे. बिहार के मुख्यमंत्री की नाखुशी जल्द ही स्पष्ट हो गई जब सिंह को पार्टी प्रमुख का पद छोड़ने के लिए कहा गया. राज्यसभा के लिए एक और कार्यकाल से इनकार से उनका मंत्री पद भी चला गया और पार्टी में उनके करीबी समझे जाने वाले नेताओं को बाहर कर दिया गया.

उसके बाद अब आरसीपी पर अकूत सम्पत्ति बनाने का आरोप लगा है. आरसीपी के जदयू से इस्तीफा के बाद यह माना जा रहा है कि वे नीतीश कुमार और जदयू को बड़ा झटका दे सकते हैं. उनके समर्थन में कुछ जदयू सांसद और विधायक भी आ सकते हैं. इन्हीं संभावनाओं के बीच नीतीश कुमार ने अब मंगलवार को सभी जदयू सांसदों की बैठक पटना में बुलाई है. कहा जा रहा है कि इस बैठक में मुख्य रूप से सभी संसदों को पार्टी के साथ एकजुट रहने का संदेश दिया जाएगा. इसके लिए सीएम नीतीश और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह सांसदों को विशेष टास्क दे सकते हैं. 


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