CM नीतीश ने जल संसाधन विभाग के 1,006 अभ्यर्थियों को दिया नियुक्ति पत्र, कहा- 24 घंटे में ही सभी की पोस्टिंग कर दीजिए

CM नीतीश ने जल संसाधन विभाग के 1,006 अभ्यर्थियों को दिया नियुक्ति पत्र, कहा- 24 घंटे में ही सभी की पोस्टिंग कर दीजिए

पटना. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज जल संसाधन विभाग के 1,006 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिया। इसको लेकर श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में नियुक्ति पत्र वितरण-सह-उन्मुखीकरण समारोह आयोजित किया गया। समारोह में 489 नवनियुक्त निम्नवर्गीय लिपिक, 485 नवनियुक्त कनीय लेखा लिपिक एवं 32 कनीय अभियंताओं (असैनिक) सहित कुल 1,006 नवनियुक्त अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किया गया।

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज मुझे इस कार्यक्रम में शामिल होकर काफी खुशी हो रही है। इस नियुक्ति पत्र वितरण-सह-उन्मुखीकरण समारोह के लिए मैं जल संसाधन विभाग को विशेष तौर पर बधाई देता हूं। जल संसाधन विभाग में रिक्त पदों पर बहाली में काफी देरी हो रही थी, हमने कहा कि नियुक्ति की प्रक्रिया में तेजी लाकर इस काम को पूरा करें, ताकि मामला पेंडिंग न रहे। आज यहां 489 नवनियुक्त निम्नवर्गीय लिपिक, 485 नवनियुक्त कनीय लेखा लिपिक एवं 32 कनीय अभियंताओं सहित कुल 1,006 लोगों को नियुक्ति पत्र प्रदान किया जा रहा है। इन सभी लोगों की कल तक पोस्टिंग कर दीजिये ताकि ये सभी लोग निर्धारित किये गये अपने स्थान पर जाकर काम करना शुरू कर दें। उन्होंने कहा कि इसी वर्ष फरवरी माह में 320 सहायक अभियंताओं की नियुक्ति की गयी है और 2,086 कनीय अभियंताओं की नियुक्ति की प्रक्रिया प्रारंभ की गयी है। हमलोग चाहते हैं कि जरूरत के मुताबिक पदों का सृजन करके बहाली करें। रिटायर्ड लोगों की जगह ससमय नये लोगों को बहाल करें। हम कितने इंजीनियरिंग कॉलेज और अन्य इंस्टीच्यूशंस खोल रहे हैं, जिसके लिये आवश्यकतानुसार बहाली तो करनी ही होगी। हमने भी इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है। यह अलग बात है कि हम राजनीति में आ गये। इंजीनियरों की भूमिका का हम विशेष रूप से ख्याल रखते हैं।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि वर्ष 2016 में हमने जल संसाधन विभाग के कामों को दो हिस्सों ने में बंटवाया, ताकि बेहतर ढंग से सिंचाई, सुखाड़ एवं बाढ़ नियंत्रण का काम हो सके। एक हिस्से को सिंचाई के काम का दायित्व सौंपा गया, जबकि दूसरे हिस्से को बाढ़ प्रबंधन के काम में लगाया गया है। इसके बाद बाढ़ प्रबंधन के साथ-साथ सिंचाई की व्यवस्था में भी काफी सुधार आया। सुखाड़ की स्थिति उत्पन्न होने पर लोगों को त्वरित राहत पहुंचाने के लिए भी विशेष पहल की जाती है। पूरे चार महीने मेरा ध्यान इसी पर रहता है। हम हर बार जाकर देखते हैं कि आवश्यकता के मुताबिक काम पूरा हुआ या नहीं। उन्होंने कहा कि बिहार के तीन चौथाई लोग कृषि पर निर्भर हैं। हमलोगों ने चार वर्ष के अंदर हर खेत तक सिंचाई का पानी पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया है और इस दिशा में तेजी से काम आगे बढ़ रहा है। इस काम में जल संसाधन विभाग, कृषि विभाग, लघु जल संसाधन विभाग एवं ग्रामीण विकास विभाग को लगाया गया है। उत्तरी बिहार के लोगों को बाढ़ के कारण काफी परेशानी होती है। श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी की सरकार में जब हम केंद्र में मंत्री थे तो नेपाल के मंत्रियों से मंत्रणा कर निरंतर आग्रह करते थे, ताकि प्रतिवर्ष आनेवाली बाढ़ का निदान निकाला जा सके। इस कठिनाई को दूर करने के लिए हमलोग हरसंभव प्रयास करते रहे हैं। दक्षिण बिहार की समस्याओं को दूर करने का भी काफी प्रयास किया गया है, ताकि जल संकट की स्थिति उत्पन्न न हो, पानी की उपयोगिता हो, इसके लिए लोगों को प्रेरित भी किया जा रहा है। वर्ष 2022 तक लगभग 4 लाख 39 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में अतिरिक्त सिंचाई क्षमता सृजित की गयी है। इसके अलावा 17 लाख 67 हजार क्षेत्र में सिंचाई क्षमता पुनस्थापित किया गया है। 55 सिंचाई योजनाओं को भी पूरा कर उसे जनता को समर्पित किया गया है। हर प्रकार से काम किया जा रहा है।

सीएम नीतीश ने कहा कि बिहार तो गरीब राज्य है। हमलोग लगातार बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग करते रहे हैं। बिहार को विशेष राज्य का दर्जा मिल जाता तो स्थिति काफी बेहतर होती।बावजूद इसके बिहार में लोगों की आमदनी बढ़ी है, उनके आर्थिक स्थिति में काफी सुधार आया है। उन्होंने कहा कि बिहार में कई जगहों पर चौर क्षेत्र हैं। चौर क्षेत्र के विकास के लिए भी हमलोग काफी काम कर रहे हैं। यदि चौर क्षेत्र के एक हिस्से में गड्ढा खोदकर मछली पालन और मखाना उत्पादन के साथ-साथ मिट्टी वाले भाग में औषधीय पौधों की खेती की जाए तो इससे लोगों की आर्थिक स्थिति काफी मजबूत होगी। चौर क्षेत्र के उत्पाद भी हम बाहर भेज सकेंगे। हर इलाके के विकास के लिए हम एक-एक काम कर रहे हैं और आगे भी करते रहेंगे। आप सभी को जो दायित्व सौंपा जा रहा है, उसे पूरी ईमानदारी और मजबूती के साथ करिएगा। आप सभी के सहयोग से बिहार और तेजी से आगे बढ़ेगा।

सीएम नीतीश ने कहा कि बिहार पौराणिक स्थल है। एक समय यहीं से शासन व्यवस्था संचालित होती थी। यहां विकास होगा तो लोगों को प्रेरित करेगा। चिंता नहीं करनी है, समाज में प्रेम, भाईचारा और सद्भाव का भाव कायम रहे इसके लिए हम सभी को मिलकर काम करना है। आपस में झगड़ा नहीं करना है। कुछ लोग तो झगड़ा लगाने में विश्वास रखते हैं। उनका काम सिर्फ नफरत फैलाना और झगड़ा लगाना है। ऐसे लोगों से सतर्क रहने की जरूरत है। एकजुट रहते हुए सबका सम्मान करना है और सबके विकास के लिए काम करना है। हमने पढ़ाई से लेकर हर प्रकार से लोगों को सहूलियत पहुंचाई है, किसी की उपेक्षा नहीं की है। हमलोगों ने महिलाओं के उत्थान के लिए विशेष पहल की है। बिहार में महिलाओं को पुलिस की बहाली में 35 प्रतिशत का आरक्षण दिया गया है, जिसका परिणाम है कि आज बिहार पुलिस में महिलाओं की संख्या 25 हजार से ज्यादा हो गई है। देश के किसी अन्य राज्य के पुलिस बल में महिलाओं की इतनी संख्या नहीं है। बिहार में इंजीनियरिंग और मेडिकल की पढ़ाई में महिलाओं को एक तिहाई आरक्षण दिया गया है। हमलोग के समय इंजीनियरिंग की पढ़ाई में लड़कियां नहीं होती थीं। आज कल जो लोग आईएएस बन रहे हैं, उनसे जब हमारी मुलाकात होती हैं तो पता चलता है कि आधे लोग इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर चुके हैं। अधिक से अधिक लोगों को पढ़ाई के प्रति प्रेरित करें। खूब पढ़े और आगे बढ़ें। जब महिलाएं आगे बढ़ेंगी तो परिवार भी आगे बढ़ेगा। महिलाओं के उत्थान और उनके सम्मान का विशेष रूप से ख्याल रखें। आप सभी ठीक ढंग से काम करिए, प्रसन्न रहिए, आगे बढ़िए और राज्य को आगे बढ़ाइए।

समारोह को उप मुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव, वित्त, वाणिज्य कर एवं संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी, जल संसाधन एवं सूचना जन संपर्क मंत्री संजय कुमार झा, मुख्य सचिव आमिर सुबहानी एवं सचिव जल संसाधन संजय कुमार अग्रवाल ने भी संबोधित किया।

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