गया में नीरा के क्षेत्र में प्रगति देख खूब खुश हुए सीएम नीतीश, कहा बहुत बढ़िया काम हुआ है..यह गरीबों के लिए वरदान

गया में नीरा के क्षेत्र में प्रगति देख खूब खुश हुए सीएम नीतीश, कहा बहुत बढ़िया काम हुआ है..यह गरीबों के लिए वरदान

GAYA : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज 'समाधान यात्रा के क्रम में गया जिले के बोधगया प्रखंड स्थित ग्राम पंचायत इलरा में नीरा उत्पादक समूह द्वारा लगायी गयी नीरा उत्पादन चक्र की जीवंत प्रदर्शनी का निरीक्षण किया। गरीबी निवारण हेतु बिहार सरकार की एक पहल नीरा से आजीविका संवर्द्धन के तहत लगाई गई इस जीवंत प्रदर्शनी में नीरा उत्पादक समूह द्वारा नीरा से पेड़ा / तिलकुट / लाई सहित बनाये जा रहे अन्य उत्पादों के बनाने की प्रक्रिया के संबंध में मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया। नीरा संग्रहण सह विपणन केंद्र एवं जीविका दीदियों द्वारा ताड़ के पेड़ से बनी चटाई, मौनी, पंखा आदि से संबंधित लगाये गये स्टॉल का भी मुख्यमंत्री ने मुआयना किया।

नीरा उत्पादकों ने मुख्यमंत्री को बताया कि पहले ताड़ के पेड़ से ताड़ी उतारने का काम करते थे। जिसमें प्रतिष्ठा भी नहीं रहती थी। हमसे ही ताड़ी पीकर लोग हमें गाली-गलौज भी किया करते थे। बावजूद इसके परिवार का भरण-पोषण करने के लिए मजबूरन ताड़ी बेचना पड़ता था। शराबबंदी के बाद राज्य सरकार के निर्देशानुसार हमलोग ताड़ी से नीरा बनाने का काम करने लगे हैं। इससे हमलोगों का मान-सम्मान बढ़ा है। आमदनी भी बढ़ी है। मुख्यमंत्री के समक्ष नीरा उत्पाद के काम में लगी जीविका दीदियों ने शराबबंदी एवं नीरा उत्पादन से जीवन में आये बदलाव से संबंधित गीत प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि नीरा से पेड़ा, लाई, तिलकुट आदि तरह-तरह के उत्पाद तैयार हो रहे हैं यह काफी स्वादिष्ट और स्वास्थ्यवर्द्धक होता है। इसका ठीक ढंग से प्रचार-प्रसार कराएं। ताकि इनकी और अधिक आमदनी बढ़ सके। ताड़ के वृक्ष से भी कई तरह की चीजें बन रही हैं। उन्होंने कहा कि नीरा उत्पादक बहुत ही बेहतर ढंग से काम कर रहे हैं। इन्हें सरकार की तरफ से हरसंभव मदद उपलब्ध करायी जाय।

पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने बिहार में वर्ष 2019 में नीरा का उत्पादन शुरू कराया। इसके बाद कोरोना का संक्रमण शुरु होने के कारण नीरा का उत्पादन प्रभावित हुआ। पिछले वर्ष जब हम यात्रा पर थे हमने सभी लोगों से बातचीत कर कहा कि नीरा का उत्पादन होना चाहिए। अब सभी जगहों पर नीरा उत्पादन का काम हो रहा है। सूर्योदय के पहले ही नीरा को पेड़ से निकालना है। नीरा काफी स्वादिष्ट होता है। नीरा से मिठाई समेत एक-एक तरह की चीजें बनती हैं यहां पर खजूर के पेड़ से नीरा निकालकर कई प्रकार के खाद्य पदार्थ बनाये जा रहे हैं। नीरा के उत्पादन पर हम शुरू से जोर देते रहे हैं। यहां पर काफी अच्छा काम हो रहा है। इससे लोगों की आमदनी बढ़ेगी। हमने लोगों से पहले ही कह दिया है कि ताड़ी का काम छोड़कर नीरा का उत्पादन कीजिए। इसके लिए जो भी मदद की जरूरत है वह सरकार करेगी सरकार प्रति परिवार एक लाख रुपये तक की मदद करने को तैयार है। आगे जरूरत पड़ेगी तो और भी मदद की जायेगी। नीरा उत्पादन के लिए लोगों को प्रेरित करते रहना जरुरी है नीरा उत्पादन के प्रति लोग अब प्रेरित हो रहे हैं। मुझे आज यहां आकर देखने का मौका मिला है। नीरा का उत्पाद देखकर मुझे काफी खुशी हुई है। बिहार के कई इलाकों में ताड़ और खजूर के काफी पेड़ हैं। इनसे काफी मात्रा में नीरा का उत्पादन हो सकता है। सभी लोग जब नीरा का उत्पादन करने लगेंगे तो उनकी आमदनी काफी बढ़ेगी। नीरा का उपयोग करने से लोगों का स्वास्थ्य भी बेहतर होगा। शराब काफी नुकसानदायक होता है उसकी जगह पर नीरा का सेवन करने से लोगों का स्वास्थ्य बेहतर होगा। 

इस अवसर पर वित्त, वाणिज्य कर एवं संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी, जल संसाधन मंत्री संजय कुमार झा, अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मो० जमा खान, सूचना प्रावैधिकी मंत्री सह गया जिले के प्रभारी मंत्री मो0 इसराईल मंसूरी, कृषि मंत्री कुमार सर्वजीत, सहकारिता मंत्री सुरेंद्र प्रसाद यादव, अनुसूचित जाति / जनजाति कल्याण मंत्री संतोष कुमार सुमन, सांसद विजय मांझी, विधायक ज्योति देवी, विधायक विनय कुमार, विधायक अजय यादव, विधान पार्षद कुमुद वर्मा, मुख्य सचिव आमिर सुबहानी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ० एस० सिद्धार्थ, प्रधान सचिव सामान्य प्रशासन सह गया जिले के प्रभारी सचिव बी० राजेन्द्र, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी गोपाल सिंह, अपर पुलिस महानिदेशक विधि व्यवस्था संजय सिंह, आयुक्त मगध प्रमंडल मयंक बरबड़े, पुलिस महानिरीक्षक मगध प्रक्षेत्र क्षत्रनील सिंह, जिलाधिकारी गया डॉ० त्याग राजन एस०एम०, वरीय पुलिस अधीक्षक गया आशीष भारती सहित अन्य वरीय पदाधिकारीगण उपस्थित थे।

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