सीएम नीतीश ने की कम और अनियमित बारिश से उत्पन्न स्थिति की समीक्षा, डीजल अनुदान में तेजी लाने सहित दिए कई निर्देश

सीएम नीतीश ने की कम और अनियमित बारिश से उत्पन्न स्थिति की समीक्षा, डीजल अनुदान में तेजी लाने सहित दिए कई निर्देश

PATNA : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 1 अणे मार्ग स्थित 'संकल्प' में राज्य में अल्प एवं अनियमित वर्षापात से उत्पन्न स्थिति की समीक्षा की। बैठक में आपदा प्रबंधन सह जल संसाधन विभाग के सचिव संजय कुमार अग्रवाल ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से अल्प वर्षापात के कारण उत्पन्न स्थिति की जिलावार, प्रखण्डवार एवं पंचायतवार जानकारी दी और खरीफ फसल 2022 में जिलावार धान रोपनी की भी जानकारी दी। उन्होंने इस वर्ष मॉनसून अवधि में सभी जिलों में अब तक की वर्षापात की स्थिति की जानकारी दी। उन्होंने 1 अक्टूबर से 12 अक्टूबर तक राज्य में वर्षापात की स्थिति की जानकारी देते हुए बताया कि लगभग सभी जिलों में अच्छी बारिश हुई है। इस वर्षा से कुछ जिलों में धान के फसल के क्षति की जानकारी मिली है जिसका आंकलन कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों का बारिकी से आंकलन किया जा रहा है ताकि किसानों को जल्द से जल्द राहत दी जा सके।

आपदा प्रबंधन - सह - जल संसाधन विभाग के सचिव संजय कुमार अग्रवाल ने बताया कि डीजल अनुदान योजना के अंतर्गत 11 लाख 22 हजार 797 हजार आवेदन प्राप्त हुए हैं जिसमें से 06 लाख 67 हजार 42 आवेदकों के खाते में 96.31 करोड़ रुपये की राशि हस्तांतरित कर दी गयी है। शेष आवेदनों की जांच तेजी से की जा रही है और जल्द ही आवेदकों के खाते में भी राशि ट्रांसफर कर दी जाएगी। उन्होंने बताया कि आकस्मिक फसल योजना के तहत वितरित किए गए बीज से 80 प्रतिशत किसानों ने फसलों का आच्छादन कर दिया है और शेष 20 प्रतिशत किसान भी फसलों का आच्छादन कर रहे हैं।

समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा की अल्प वर्षापात के कारण सभी प्रभावित जिलों के प्रखण्ड, पंचायत, गॉव एवं टोला स्तर तक सुखाड़ की स्थिति का कराए गए आंकलन में जो भी प्रभावित किसान हैं उन्हें शीघ्र सहायता दी जाए। उन्होंने कहा कि जितने क्षेत्रों में धान की रोपनी हुई है उसकी सिंचाई के लिये किसानों को डीजल अनुदान का लाभ दिया जा रहा है। डीजल अनुदान योजना के तहत जो बचे हुए आवेदक हैं, उन्हें डीजल अनुदान का लाभ तेजी से दिलाएं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमलोग बाढ़ एवं सुखाड़ की स्थिति में हर वर्ष प्रभावित लोगों को मदद करते हैं। सरकार किसानों को हरसंभव सहायता देने के लिए प्रतिबद्ध है। अक्टूबर माह में अधिक वर्षापात के कारण कई जिलों में फसल क्षति की जानकारी मिली है। प्रभावित जिलों के संभावित फसल क्षति का आकलन कराएं और प्रभावित किसानों को भी सहायता उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि आकस्मिक फसल योजना के तहत किए गए बीज वितरण का फायदा सभी किसानों को दिलाएं ताकि उन्हें कृषि कार्य में राहत मिल सके।

बैठक में वित्त मंत्री विजय कुमार चौधरी, जल संसाधन मंत्री संजय कुमार झा, कृषि मंत्री कुमार सर्वजीत, आपदा प्रबंधन मंत्री शाहनवाज, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव आमिर सुबहानी, राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सदस्य मनीष कुमार वर्मा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ० एस० सिद्धार्थ, आपदा-सह- जल संसाधन विभाग के सचिव संजय कुमार अग्रवाल, मुख्यमंत्री के सचिव अनुपम कुमार, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी गोपाल सिंह, निदेशक कृषि विभाग आदित्य प्रकाश सहित अन्य वरीय पदाधिकारी उपस्थित थे।

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