मछलीपालन के कार्याें के लिए जीविका दीदियों को मिलेगा प्रशिक्षण, सीएम ने दिए निर्देश

मछलीपालन के कार्याें के लिए जीविका दीदियों को मिलेगा प्रशिक्षण, सीएम ने दिए निर्देश

डेस्क... नए साल के पहले दिन अचानक ही सचिवालय पहुंचे सीएम नीतीश कुमार पूरी तरह से एक्शन मोड में दिखे। राजनीतिक बयानों से दूर बिहार में विकास को गति देने के लिए आला अधिकारियों के साथ बैठक करते नजर आए। समीक्षा बैठक में एक के बाद एक ताबड़तोड़ कई फैसले भी लिए गए। इस दौरान सूबे की महिलाओं को सशक्त बनाने पर चर्चा की। इसी क्रम में मुख्यमंत्री ने जीविका परियोजना की समीक्षा करते हुए निर्देश दिया कि महिलाओं को छोटे उद्यम के कार्यों में बेहतर तरीके से प्रशिक्षित किया जाये, ताकि इससे उनकी भागीदारी छोटे उद्यमों में बढ़े। मछलीपालन के कार्यों के लिए जीविका दीदियों को प्रेरित किया जाए और इसके लिए इन्हें प्रशिक्षण भी दिया जाए। 

साथ ही सभी जिला अस्पतालों के कैंटीन में भोजन का प्रबंधन जीविका दीदियों के माध्यम से करायी जाए। उन्होंने कहा कि दीदियों को बीमा का लाभ देने के लिए योजना बनाई जाए। सीएम ने जीविका की दीदियों के माध्यम से मद्य निषेध कार्य के लिए लोगों को प्रेरित कराने काे भी कहा। सीएम ने नीरा के उपयोग को बढ़ावा देने और किसी योजना का लाभ नहीं मिलने वाले वंचित परिवार को चिह्नित कर इन्हें सतत जीविकोपार्जन योजना का लाभ दिलाने का निर्देश दिया।


मुख्यमंत्री ने कहा कि 10 लाख स्वयं सहायता समूह बनाने का लक्ष्य हासिल कर लिया गया है। अब इनकी संख्या बढ़ाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों के गठन से महिलाओं में जागृति आयी है. दीदियों की आर्थिक गतिविधियों से जुड़ने से परिवार की आमदनी बढ़ी है। इनके माध्यम से कॉन्ट्रैक्ट फॉर्मिंग, दुग्ध उत्पादन, मधुमक्खी पालन, मुर्गी पालन, बकरी पालन जैसे काम बेहतर ढंग से किये जा रहे हैं। छोटे उद्यम में भी महिलाओं की भागीदारी बढ़ी है।

बैठक में मुख्य सचिव दीपक कुमार, सीएम के प्रधान सचिव चंचल कुमार, ग्रामीण विकास विभाग के प्रधान सचिव अरविंद चौधरी, सीएम के सचिव मनीष कुमार वर्मा, सचिव अनुपम कुमार, गोपाल सिंह समेत अन्य अधिकारी मौजूद थे। 

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