क्राइम से चिंतित CM ने ADG से कहा- ADG साहब...अपराध में सुधार नहीं हो सकता ? ''जो कानून कहें, बननाएंगे...जितना पैसा चाहिए, सरकार देगी", तब के अफसर ने जवाब दिया....
PATNA: बिहार अपराध से कराह रहा है. अपराधियों के आगे पुलिस ने घुटने टेक दिए हैं. सुशासन का इकबाल पूरी तरह से ध्वस्त होते दिख रहा है. आमलोग भय के साये में जीने को विवश हैं. जबकि मुख्यमंत्री की कुर्सी पर वही नीतीश कुमार हैं, जिन्होंने 2005 में कुर्सी संभालने के बाद अपराध का खात्मा कर सुशासन राज स्थापित किया था. लेकिन अब जिस तरह से अपराधियो के मन से शासन का खौफ खत्म होते दिख रहा है, उससे आम लोग सोचने पर मजबूर हैं, बिहार फिर से जंगलराज की तरफ तो नहीं लौट रहा ? बिहार के पूर्व डीजीपी 2005 का वो सवाल-जवाब याद करते हैं, जब अपराध से परेशान एक नेता जिन्होंने कुछ दिन पहले ही मुख्यमंत्री की कुर्सी संभाली है, उन्होंने तब के एडीजी से पूछा था.
सत्ता संभालते ही क्राइम कंट्रोल पर शुरू किया था काम
बिहार के तेजतर्रार और ईमानदार पूर्व डीजीपी, जिनका पुलिस सुधार और बिहार में सुशासन स्थापित करने में महत्वपूर्ण योगदान है, वे 2005 की एक बात याद करते हैं. पूर्व डीजीपी अभयानंद नई सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अपराध को लेकर चिंता का वर्णन करते हैं. तब वे डीजीपी नहीं बल्कि एडीजी की कुर्सी पर थे. तब एक मुख्यमंत्री ने एडीजी से कहा था कि जितना भी पैसा चाहिए, अगर कानून बदलने से क्राइम कंट्रोल हो, हम वो भी कर देंगे, लेकिन अपराध में सुधार करिए. एडीजी का जवाब था, कानून जो है वो ठीक है,उसी से क्राइम कंट्रोल होगा.
"ADG साहब, अपराध में सुधार नहीं हो सकता ?
बिहार में बढ़े क्राइम के बीच पूर्व डीजीपी ने वो बात सोशल मीडिया के माध्यम से शेयर किया है. वे लिखते हैं, '' वर्ष 2005, 29 नवंबर। "ADG साहब, अपराध में सुधार नहीं हो सकता ? जो कानून कहें, बनेगा। जितना पैसा चाहिए, सरकार देगी।", मुख्यमंत्री ने कहा. मेरा जवाब था, "अपराध नियंत्रित करने के लिए पैसे की आवश्यकता नहीं होती और कानून जो हैं, वह यथेष्ट हैं।''