कांग्रेस विधायक शकील अहमद खां ने संस्कृत में ली शपथ, कहा- ये क्लासिक भाषा है, जाहिलों को समझ में नहीं आता तो क्या करूं

कांग्रेस विधायक शकील अहमद खां ने संस्कृत में ली शपथ, कहा- ये क्लासिक भाषा है, जाहिलों को समझ में नहीं आता तो क्या करूं

पटना... बिहार चुनाव 2020 के बाद नीतीश कुमार की अगुवाई वाली एनडीए की नई सरकार का गठन हो चुका है। नए जनादेश 2020 के बाद 17वीं बिहार विधानसभा का पहला सत्र आज यानी सोमवार से शुरू हो गया है। एक-एक कर निर्वाचित सदस्यों को शपथ दिलाई गई।  इधर निर्वाचित विधायकों के शपथ से पहले ही कांग्रेस के विधायकों ने हंगामा शुरू किया। कांग्रेस विधायक सदन के बाहर नारेबाजी कर रहे हैं। आपको बता दें कि कोविड-19 के संक्रमण के बीच आयोजित होने वाले इस पांच दिवसीय सत्र में दो दिन सदस्यों के लिहाज से खासा महत्वपूर्ण होगा। सत्र को लेकर सुरक्षा की चाक-चौबंद व्यवस्था हुई है।

बता दें कि 17वीं बिहार विधानसभा के लिए निर्वाचित सदस्यों को पांच भाषाओं हिन्दी, अंग्रेजी, मैथिली, उर्दू और संस्कृत में से किसी भी एक भाषा में शपथ लेने की छूट थी। सत्र के पहले दिन अधिकतर विधायकों ने हिंदी में शपथ ली तो कुछ विधायकों ने अपने क्षेत्रीय भाषा मैथिली में शपथ ली, वहीं दो विधायकों ने इंग्लिश में शपथ ली तो विधायक शकील अहमद खां ने संस्कृत में शपथ लेकर सबको चौंका दिया। 

सत्र समाप्त होने के बाद जब न्यूज4नेशन के संवाददाता दिब्यांशु ने शकील अहमद खां से बात की तो उन्होंने कहा कि संस्कृत भाषा हिंदुस्तान का क्लासिक भाषा है और अगर जाहिलों को समझ में नहीं आता तो मैं क्या करुं। मैं अपने मातृभाषा ऊर्दू का भी शैदायी हूं, लेकिन मैंने क्लासिक भाषा में शपथ लेने की सोची इसमें कोई हायतौबा मचाने की कोई जरूरत नहीं है। 

वहीं एआईएमआईआई के विधायक के हिंदुस्तान नहीं बाेलने पर कहा कि कभी-कभी नए लिवास लोग आ जाते हैं। कभी-कभी हिंदुस्तान इतनी बड़ी गंगा तो सब तरह के लोग समां जाते हैं। सिर्फ एक कांग्रेस ही एक ऐसी पार्टी जो विविधता में एकता ही हमारा ध्येय है। वहीं उन्होंने कहा कि भाषा को लेकर कोई विवाद नहीं होना चाहिए। 



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