कोरोना की बेबसी: पत्नी व बच्चे यूपी में, भाई सिक्किम में, घर में घंटों से पड़ा है शव, उठाने के कतरा रहे लोग

कोरोना की बेबसी: पत्नी व बच्चे यूपी में, भाई सिक्किम में, घर में घंटों से पड़ा है शव, उठाने के कतरा रहे लोग

मधेपुरा: कोरोना का डर कहें या फिर जान बचाने की बेबसी, युवक की मौत के बाद शव घंटों से घर में पड़ा है और उसे उठाने वाला कोई नहीं है। गांव वाले भी शव को उठाने में कतरा रहे हैं। 

दरअसल मामला उदाकिशुनगंज थाना के शहजादपुर का है। शहजादपुर प्लस टू स्कूल के प्रिंसिपल संतोष सिंह को पिछले चार दिनों से खांसी, बुखार व सर्दी था। लोगों के टोकने के बाद भी उन्होंने इसे हल्के में लिया और ठीक हो जाने की बात कही। संतोष को मंगलवार की सुबह सांस लेने में तकलीफ होने लगी। बेचैनी होने पर पडोस के चचेरे भाई ने जब जांच की तो ऑक्सीजन लेवल 55 मिला। एंबुलेंस के लिए कॉल किया गया लेकिन उसके आने में पांच मिनट की देरी हो गयी। इधर सांस लेने में दिक्कत होने पर भाई ने संतोष को पीठ के बल लिटाकर हाथ से छाती को दबाने की कोशिश भी की लेकिन उनकी मौत सुबह नौ बजे के करीब हो गयी। संतोष की मौत कोरोना संक्रमित होने की आशंका में कोई भी जाने को तैयार नहीं है और शव काफी वक्त से घर में ही पड़ा है। 

घटना की सूचना उदाकिशुनगंज के बीडीओ, एसडीओ, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी व सिविल सर्जन को दे दी गयी है। मिली जानकारी के मुताबिक चिकित्सा पदाधिकारी व सिविल सर्जन ने बताया कि निधन के बाद कोरोना जांच का प्रोटोकॉल नहीं है। पीपीई किट उपलब्ध करा दी जायेगी, शव को अस्पताल लेकर आये और अपने स्तर से अंतिम संस्कार कर दें। हालांकि एसडीएम राजीव रंजन कुमार सिन्हा ने चिकित्सा अधिकारी को तत्काल पीपीई किट व अन्य संसाधन उपलब्ध कराने को कहा है।

बता दें कि मृतक की पत्नी और दो बच्चे यूपी के गोड्डा जिले में रह रहे हैं। जबकि भाई सिक्किम में नवोदय विद्यालय का प्रोफ़ेसर हैं। जानकारी मिलने के बाद सभी लोग घर के लिए निकल चुके हैं। इधर कोरोना से हुई मौत की आशंका को लेकर ग्रामीण भी अंतिम संस्कार करने से कतरा रहे हैं। 


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