कोरोना से लड़ाई लड़ने में पूरी तरह सक्षम है NSMCH, इलाज करा रहे दादा-पोते ने एक साथ कोविड-19 को हराया

कोरोना से लड़ाई लड़ने में पूरी तरह सक्षम है NSMCH, इलाज करा रहे दादा-पोते ने एक साथ कोविड-19 को हराया

DESK: बिहार में जहां एक तरफ कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है तो वहीं दूसरी तरफ बहुत से लोग कोरोना से जंग जीत रहे हैं. इसी कड़ी में बिहटा के अत्याधुनिक नेताजी सुभाष मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में इलाजरत दो और कोरोना मरीज ठीक हो गए. शुक्रवार को दोनों ही मरीज को डिस्चार्ज कर दिया गया. अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक़ शास्त्री नगर निवासी प्रतीक प्रकाश और उसके दादा योगेन्द्र सिंह कोरोना संक्रमित हो गए थे.

बताया जाता है कि योगेन्द्र सिंह 30 जुलाई को, जबकि प्रतिक 2 अगस्त को कोरोना संक्रमित होने के बाद भर्ती हुए थे. योगेन्द्र सिंह को शुगर और हाइपर टेंशन की भी समस्या है. कहते हैं कि बीमारी से ग्रसित लोगों को कोरोना का ज्यादा असर पड़ता है और ऐसे लोगों को डर ज्यादा होता है लेकिन योगेन्द्र सिंह ने हिम्मत दिखाते हुए इस जंग लड़ी और वो जीत गए. वहीं बिहटा के नेताजी सुभाष मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल से अब तक 15 कोरोना संक्रमित मरीज ठीक होकर वापस जा चुके हैं. 

संस्थान के प्रबंध निदेशक कृष्ण मुरारी ने बताया कि कोरोना के मरीजों के इलाज के लिए हर संभव प्रयत्न किया जा रहा है. सारी आधुनिक सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं.  दवा भी उपलब्ध कराया जा रहा है. अनुभवी डॉक्टर और मेडिकल स्टाफ कि टीम लगातार सेवा दे रही है, जिसका नतीजा है कि अबतक 15 कोरोना संक्रमित मरीज ठीक होकर अपने घर जा चुके हैं. कोशिश रहेगी कि यहाँ भर्ती होने वाले सभी मरीज ठीक होकर जाएं. 

अब संस्थान में जल्द ही रैपिड एंटीजन टेस्ट कि सुविधा को उपलब्ध कराने पर ध्यान दिया जा रहा है. इससे कोरोना के लक्षण वाले मरीज तुरंत जांच करा सकेंगे. कोविड महामारी को देखते हुए ईआईसीयू और सेंट्रल मॉनिटरिंग सिस्टम व् ई-मॉनिटरिंग की शुरुआत की गई है. गौरतलब है कि एनएसएमसीएच में कोरोना मरीज के लिए डेडिकेटेड वार्ड बनाया गया है. वैसे यहाँ कोविड मरीजों के इलाज के लिए 100 बेड, 30 आईसीयू बेड और सात वेंटीलेटर की व्यवस्था है. ऑक्सीजन की भी व्यवस्था पर्याप्त है. अस्पताल दिन-रात आपातकालीन सेवा दे रहा है. यहाँ एम्बुलेंस सेवा भी उपलब्ध है.

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