दबी हुई “गर्दन” से कल सुनी एक आवाज़, थोड़ी “अंतरात्मा” की भी सुन लेते सरकार..! क्या है तेज प्रताप के इन पंक्तियों के मायने

दबी हुई “गर्दन” से कल सुनी एक आवाज़, थोड़ी “अंतरात्मा” की भी सुन लेते सरकार..! क्या है तेज प्रताप के इन पंक्तियों के मायने

पटना। जदयू की समीक्षा बैठक में जिस तरह से नीतीश कुमार ने भाजपा के खिलाफ अपना गुस्सा जाहिर किया, उसको लेकर हसनपुर विधायक और नीतीश सरकार में स्वास्थ्य मंत्री रहे तेज प्रताप यादव के रूप में एक समर्थक मिल गया है। ट्विटर पर तेज प्रताप ने नीतीश को संबोधित करते हुए लिखा है कि 'दबी हुई “गर्दन” से कल सुनी एक आवाज़, थोड़ी “अंतरात्मा” की भी सुन लेते सरकार..!' इस ट्विट के माध्यम से तेज प्रताप यह कहना चाह रहे है कि वह भाजपा के दबाव से बाहर निकलें और खुलकर निर्णय लें

नीतीश के चौथे कार्यकाल को लेकर लगातार यह कहा जा रहा है कि इस बार वह भाजपा के दबाव में काम कर रहे हैं। यही कारण है कि अरुणाचल प्रदेश में अपने छह विधायकों के भाजपा में शामिल होने के लेकर पार्टी की समीक्षा बैठक में अपना गुस्सा तो जाहिर करते हैं, लेकिन भाजपा के साथ अपने संबंधों को खत्म नहीं करना चाहते हैं। इसको लेकर राजद ने सवाल उठाए हैं। लालू के बड़े लाल ने नीतीश को सलाह देते हुए लिखा कि दबी हुई “गर्दन” से कल सुनी एक आवाज़, थोड़ी “अंतरात्मा” की भी सुन लेते सरकार..! तेज प्रताप यह साफ कहना चाह रहे हैं कि फिलहाल जो हालात हैं, उनमें जदयू को भाजपा के साथ अपने रिश्ते खत्म कर लेनी चाहिए।

बतां दे कि समीक्षा बैठक में नीतीश ने कहा था कि उन्होंने साफ कहा था कि वह सीएम नहीं बनना चाहते थे, भाजपा अपना सीएम बना सकता है। पद का लालच नहीं है। नीतीश के इन्हीं बातों को आधार बताते हुए तेज प्रताप ने कहा है कि अब भी समय है वह राजद के साथ आएं और तेजस्वी को जिम्मेदारी सौंप कर सम्मान के साथ राजनीति से सन्यास लें।


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