'दागी' पुलिस अफसरों का अड्डा बना बिहार पुलिस का यह महत्वपूर्ण विभाग....केस और प्रदेश का बेड़ा गर्क होगा या पार अब खुदा जानें !

'दागी' पुलिस अफसरों का अड्डा बना बिहार पुलिस का यह महत्वपूर्ण विभाग....केस और प्रदेश का बेड़ा गर्क होगा या पार अब खुदा जानें !

PATNA: वर्दी पर दाग लगा तो भाग्य फूट गया।थानेदारी गई,पहरेदारी गई साथ हीं साथ चेहरे का रौनक भी चला गया।थाना में रहते थे तो इलाके पर दबदबा होता था,दरबार लगता था,दर्द सुनते थे,अपना भी दर्द मिटाते थे...दरबान से लेकर ड्राईवर और बंगला सबकुछ।लेकिन वर्दी पर लगे दाग ने थानेदारी से हीं महरुम कर दिया।

चलिए यह तो दर्द है थानेदारों का।लेकिन अब कुछ यूं समझिए कि इनकी थानेदारी गई तो सरकार ने इन्हें शिफ्ट कहां किया ..जी हां बिहार पुलिस के सबसे महत्वपूर्ण विभाग में इनका पदस्थापन किया गया है जहां महत्वपूर्ण केस और प्रदेश की खुफिया रिपोर्ट सरकार तक पहुंचाई जाती है।वह विभाग है सीआईडी और स्पेशल ब्रांच।भला सीआईडी जैसे महत्वपूर्ण विभाग को कौन नहीं जानता..जब पीड़ित का भरोसा थाना और थानेदारी पर से उठता है तो वह भरोसा करता है सीआईडी पर...मतलब पीड़ित को ऐसा लगता है कि सीआईडी जांच से हमे न्याय मिल जाए।वहीं दूसरी तरफ जहां तक विशेष शाखा की बात है तो इस विभाग से खुफिया रिपोर्ट की जानकारी सरकार तक पहुंचाई जाती है।चाहे वो क्राईम से संबंधित हो या फिर दंगा से जुडा हो या फिर आतंकी खतरे से।

अब जरा अनुमान लगाइए कि जहां एक तरफ वर्दी के दागदार होने पर इनकी थानेदारी छीन ली जा रही है वहीं दूसरी तरफ महत्वपूर्ण केसों को जांच करने का अधिकार दे दिया जा रहा है।इसे विडंबना नहीं तो क्या कहेंगे।आखिर सरकारी सिस्टम सोचता क्या है,वही संदेह के दायरे में आ जाता है।भला कोई सिस्टम अगर संवेदनशील है तो फिर दागी अधिकारियों को इतने महत्वपूर्ण विभागों में कैसे पदस्थापित कर सकता है।जबकि उन पर ब्लैकमार्का का ठप्पा लग चुका है और इसी जुर्म में उन्हें थानेदारी से बेदखल होना पड़ा है।अब इस पर क्या कहेंगे यही न कि केस और प्रदेश का बेडा गर्क होगा या पार खुदा जानें......

हालांकि बिहार पुलिस के प्रवक्ता एडीजी जितेन्द्र कुमार ने कहा कि नए नियम से जिलों में इंस्पेक्टर-सब इंस्पेक्टर की संख्या में कमी हो गई है जिससे कानून-व्यवस्था को लेकर परेशानी उत्पन्न हो रही है।नए नियम के तहत जो अधिकारी फिल्ड के लिए अनुपयोगी हो गए हैं उन्हें सीआईडी और स्पेशल ब्रांच और यहां से फिल्ड में भेजा गया है। बता दें कि बिहार पुलिस मुख्यालय ने करीब 282 पुलिस अधिकारियों को इधर से उधर किया है।जिसमें से करीब 140 इंस्पेक्टर-सब इंस्पेक्टर को फिल्ड से सीआईडी और स्पेशल ब्रांच में भेजा गया है।

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