जिद्दी पहाड़ के सीने पर पर्वत पुरुष के द्वारा लिखी गयी दीवानगी,जिद्द और जुनून की कहानी आनेवाली पीढ़ी के लिये वरदान : धीरेन्द्र कुमार मुन्ना

जिद्दी पहाड़ के सीने पर पर्वत पुरुष के द्वारा लिखी गयी दीवानगी,जिद्द और जुनून की कहानी आनेवाली पीढ़ी के लिये वरदान : धीरेन्द्र कुमार मुन्ना

Patna : दशरथ मांझी, एक ऐसा व्यक्तित्व जो जिद्द जुनून और  जज्‍़बे की मिसाल हैं. एक ऐसा व्यक्ति जिसने दीवानगी का शौक ऐसा पाला कि पहाड़ का सीना चीर कर रख दिया, आज उनकी उनकी पुण्यतिथि पर उन्हें याद कर पूरा समाज गौरवान्वित है। दशरथ मांझी के फौलादी इरादों का इतिहास पढ़कर आने वाली पीढ़ी सबक लेती रहेगी, उपरोक्त बातें एमएलसी संतोष मांझी ने पर्वत पुरुष दशरथ मांझी के महापरिनिर्वाण दिवस पर उन्हें याद करते हुए कहीं।

वहीं इस अवसर पर मौजूद हम के राष्ट्रीय प्रवक्ता धीरेन्द्र कुमार मुन्ना ने कहा कि विकट परिस्थिति में रास्ता रोकने वाले को हटाकर रास्ता बना देने वाले का नाम ही दसरथ मांझी है।  जिसने अपनी पत्नी की दर्द की आवाज सुनकर पहाड़ का सीना तोड़ दिया और समाज को एक नया आयाम दे दिया।

मुन्ना ने कहा कि पहाड़ के सीने पर वार कर अकेले उसे समतल कर देने की ताकत रखने वाले दशरथ मांझी को आज दुनिया सलाम कर रही है। लगातार 22 सालों तक दशरथ मांझी ने अपने अंदर जुनून को जगाकर रखा और पहाड़ के सीने को चीरकर 360 फुट लंबा, 25 फुट गहरा और 30 फुट चौड़ा रास्ता समाज को दे गये।

उन्होंने कहा कि यह दशरथ मांझी की ही देन है कि आज वज़ीरगंज ब्लॉक का फासला 80 किलोमीटर से घटकर 13 किलोमीटर रह गया है। पहाड़ पर लिखी गयी दशरथ मांझी की दीवानगी, जिद्द और जुनून उनकी कहानी, आने वाली पीढ़ी के लिये वरदान साबित होती रहेगी।

धीरेन्द्र कुमार मुन्ना ने कहा कि आज की तारीख में हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष जीतन राम मांझी भी गरीबों के रास्ते मे आनेवाले रुकावटों के खिलाफ लगातार लड़ाई लड़ रहे हैं। गरीबों के मसीहा मांझी सामाजिक न्याय की लड़ाई के लक्ष्य के तहत अंतिम पायदान पर खड़े लोगों के अनवरत प्रयास में लगे हैं।  गरीबों की मुखर आवाज बन चुके जीतन राम मांझी का प्राथमिक उद्देश्य है प्रदेश से गरीबी दूर हो और उनकी समस्याओं का निदान हो।

Find Us on Facebook

Trending News