तीन राज्यों के विधानसभा चुनाव के तारीखों का आज होगा ऐलान, नीतीश-ललन चाहेंगे पूरा करना सपना, जदयू के लिए बेहद खास है इलेक्शन

तीन राज्यों के विधानसभा चुनाव के तारीखों का आज होगा ऐलान, नीतीश-ललन चाहेंगे पूरा करना सपना, जदयू के लिए बेहद खास है इलेक्शन

पटना. चुनाव आयोग बुधवार को देश के तीन राज्यों के विधानसभा चुनाव के तारीखों की घोषणा करेगा. दोपहर 2.30 बजे नगालैंड, मेघालय और त्रिपुरा में विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान होगा. इससे पहले चुनाव आयोग तीनों राज्यों में चुनावी तैयारियों को देख चुका है. पूर्वोत्तर के इन राज्यों में चुनावी तैयारियों की देखने-परखने के लिए आयोग की टीम ने चार दिनों का दौरा किया था. 

यह चुनाव बिहार में सत्ताधारी महागठबंधन के प्रमुख दल जदयू के लिए भी बेहद अहम हो सकता है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और जदयू अध्यक्ष ललन सिंह ने पिछले महीने ही राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में कहा था कि उनका लक्ष्य जदयू को राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा दिलाना होगा. इसके लिए पार्टी ने एक संकल्प भी जारी किया था. ऐसे में पार्टी पूर्वोत्तर के राज्यों में अपनी दमदार उपस्थिति दर्ज कराना चाहेगी. विशेषकर नगालैंड विधानसभा चुनाव में जदयू अपने उम्मीदवार उतार सकती है. पार्टी के नेताओं ने पहले भी इस ओर इशारा किया था. अगर नगालैंड में जदयू का खाता खुलता है तो यह जदयू का बिहार के बाहर विस्तार देने की दिशा में पार्टी की बड़ी सफलता होगा. अगले महीने होने वाले चुनाव के लिए पार्टी तैयारियों में जुट सकती है. 

इसके अलावा अगर मेघालय और त्रिपुरा में भी पार्टी अपने सन्गठन को मजबूत करने की दिशा में बढ़ सकती है. पिछले साल हुए मणिपुर विधानसभा चुनाव में जदयू ने 36 सीटों पर चुनाव लड़ा और छह परिणाम उसके पक्ष में थे. दिलचस्प बात यह थी कि जदयू ने जिन सीटों पर जीत हासिल किया है वहां उसने सीधे टक्कर में भाजपा को मात दी. हालांकि बाद में जदयू से जीते विधायकों ने पार्टी का दामन छोड़ दिया और वे भाजपा में चले गए थे.

ऐसे में इस बार पार्टी अगर नगालैंड, मेघालय और त्रिपुरा में विधानसभा चुनाव लड़ती है तो यह ललन सिंह के लिए दूसरी बार अध्यक्ष बनने पर पहली बड़ी परीक्षा होगी. जदयू को राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा दिलाने के लिए ललन सिंह के आह्वान की पहली चुनौती इन राज्यों में होगी. अब देखना होगा कि जदयू तीनों राज्यों में चुनाव के तारीखों की घोषणा के बाद चुनाव लड़ने पर क्या फैसला लेती है. 

मेघालय का गणित : 2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी, हालांकि वो बहुमत से दूर थी। भाजपा को महज 2 सीटें मिली थीं।बावजूद उसने नेशनल पीपुल्स पार्टी(NPP) के साथ गठबंधन करके यहां अपनी सरकार बना ली थी। इस बार कांग्रेस का यहां जनाधार नहीं दिखता। वजह, उसके विधायक तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो चुके हैं। यानी यहां इस बार तृणमूल कांग्रेस कुछ खास असर कर सकती है।

नगालैंड का गणित : यहां अभी बीजेपी के साथ गठबंधन सरकार चल रही है। मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो हैं, जो एनडीपीपी के अध्यक्ष हैं। वे 9 बार नगालैंड के मुख्यमंत्री रहे हैं। इस विधानसभा चुनाव में भाजपा ने एनडीपीपी के साथ 20 सीटों पर समझौता किया है। पिछले 2018 के चुनाव में भाजपा ने 20 में से 12 सीटें जीती थीं।

त्रिपुरा का गणित : त्रिपुरा विधानसभा का कार्यकाल 22 मार्च 2023 को खत्म हो रहा है। यहां 60 विधानसभा सीट है। यहां भाजपा को अपनी सत्ता बरकरार रखने एक बड़ी चुनौती है। वहीं, सीपीआई(एम) और कांग्रेस भी सत्ता के लिए जोरआजमाइश में हैं।


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