किसान आंदोलन पर बोले पीएम - छोटे किसानों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया कानून

किसान आंदोलन पर बोले पीएम - छोटे किसानों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया कानून

नई दिल्ली। किसान आंदोलन पर बोले पीएम किस बात को लेकर आंदोलन हैं, उस पर कोई चर्चा नहीं की गई, सबने किसानों की समस्या को लेकर अपनी बातें कही। उन्होंने पूर्व पीएम देवगौड़ा की तारीफ करते हुए कहा उन्होंने बेहतर सुझाव दिए. 

पीएम ने कहा कि खेती की मूलभूत समस्या क्या है, उसकी जड़े कहां है, इस बात का जिक्र करते हुए चौधरी चरण सिंह का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने कहा कि किसानों का सेंशस लिया गया तो 33 फीसदी किसानों के पास दो बीघा जमीन भी नहीं 18 फीसदी के पास चार बीघा जमीन, 51 फीसदी के पास आधा हेक्टर जमीन है। इस पर उनका गुजर बसर संभव नहीं है। 

 पीएम ने कहा जिनके पास एक हेक्टर जमीन से कम जमीन है, 1971 में 51 फीसदी थे, आज 68 फीसदी है> देश में ऐसे किसानों की संख्या बढ़ी है। लघु और सीमांत किसान 86 फीसदी हैं। इन 12 करोड़ किसानों के लिए हमारी कोई जिम्मेदारी नहीं है, इन सवालों को चौधरी चरण सिंह ने हमारे लिए छोड़ा है, जिनका जवाब हमें खोजना होगा।

पहले छोटे किसानों के लेकर हम क्या सोचते हैं, .यहां यह जानना जरुरी है, पहले कर्ज माफी में छोटे किसानों को कोई लाभ नहीं मिलता था। उन्हें कर्ज नहीं मिलता था। फसल बीमा का कोई लाभ नहीं मिलता था, सिर्फ बड़े किसानों को ही बैंक लोन मिलता था। आज दो हेक्टर से कितने किसान हैं, जो बैंक से लोन लेते हैं। बड़े किसान के लिए सिंचाई की सुविधा, फ्री बिजली, यूरिया आसानी  से मिलता है। छोटे किसानों को कोई लाभ नहीं मिलता था। 2014 के बाद फसल बीमा का दायरा बढ़ाया। हमने छोटे किसानों के लिए 90 हजार करोड़ का क्लेम करने की व्यवस्था की। देश के हर किसान को किसान क्रेडिट कार्ड उपलब्ध कराया। 

पीएम सम्मान निधि योजना पर प्रधानमंत्री ने कहा कि आज दस करोड़ किसानों के खाते में पैसे जा रहे हैं, बंगाल की राजनीति के कारण यह आंकड़ा कम रहा। आज गरीब से गरीब किसानों को लाभ पहुंचाने के लिए काम किया जा रहा है। सीमांत किसानों के लिए पेंशन की सुविधा दी गई। पीएमजीएसवाई से किसानो को जोड़ने का प्रयास किया गया। किसान रेल के जरिए गांव की फसल बड़े शहरों में पहुंचाई जा रही है।

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