चिराग पासवान के संसदीय क्षेत्र में मुख्य पार्षद का चुनाव लड़ रहे जदयू के बड़े नेता हुए गिरफ्तार, कारण जानकर हो जाएंगे हैरान

चिराग पासवान के संसदीय क्षेत्र में मुख्य पार्षद का चुनाव लड़ रहे जदयू के बड़े नेता हुए गिरफ्तार, कारण जानकर हो जाएंगे हैरान

JAMUI : खबर LJP (रामविलास) अध्यक्ष व सांसद चिराग पासवान के संसदीय क्षेत्र जमुई से जुड़ा है। जहां पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जदयू के जिला उपाध्यक्ष को फर्जीवाड़े के मामले में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। गिरफ्तार जिला उपाध्यक्ष का नाम रविंद्र मंडल बताया गया है। 

मामला नगर थाना क्षेत्र से जुड़ा है। जानकारी के अनुसार रविंद्र मंडल जमुई से मुख्य पार्षद चुनाव के लिए अपना नामांकन कराया है। पेशे से चिमनी-भट्ठा व्यवसायी रविंद्र मंडल को इसी थाने से 15 दिन पूर्व ही चरित्र प्रमाण पत्र निर्गत किया गया था।  जिसमें यह बताया गया था इनके खिलाफ किसी प्रकार का कोई केस मुकदमा दर्ज नहीं है। इसी प्रमाण पत्र के आधार पर उन्होंने अपना नामांकन करवाया था। अब जब चुनाव के लिए प्रचार शुरू किया जाना है तो अचानक उनके खिलाफ थाने में एक पुराना केस निकल आया, जिसमें उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। मतलब पुलिस की नजर में 15 दिन पहले जो व्यक्ति बेदाग था, वह रविवार की रात दागी निकल गया। बड़ी बात तो यह है कि बकौल रविंद्र मंडल इस केस की उन्हें जानकारी ही नहीं थी।

पिछले साल जनवरी का है मामला

नगर परिषद अध्यक्ष पद के लिए चुनावी मैदान में भाग्य अजमाने उतरे रविंद्र मंडल को गिरफ्तार कर लिया गया। उनकी गिरफ्तारी 2021 में अवैध बालू खनन में दर्ज मामले के चलते हुए है। बताया जाता है कि खनन विभाग के निरीक्षक द्वारा पांच जनवरी 2021 को मामला दर्ज कराया गया था। नदी से बालू के अवैध उत्खनन का रविंद्र मंडल पर आरोप लगा था। हालांकि मुकदमा से अनजान रविंद्र मंडल नगर निकाय चुनावी मैदान में पूरी तैयारी से लगे थे। देर रात अचानक हुई उनकी गिरफ्तारी से शहर का राजनीतिक तापमान बढ़ गया।


शहर में पुलिस की कार्रवाई पर हो रही है चर्चा

शहरभर में चर्चा का विषय बना हुआ है। गिरफ्तारी के बाद आरोप-प्रत्यारोप का भी दौर शुरू हो गया है। पुलिसिया कार्यशैली गाहे-बगाहे सुर्खियां बटोरती रहती है। आखिरकार रविंद्र मंडल की जानकारी के बगैर जांच कैसे पूरी हो गई। पुलिस दुर्भावना से प्रेरित थी या फिर टेबल जांच की गई। कहीं रविंद्र मंडल तो गलत बयानी नहीं कर रहे हैं? रविंद्र के खिलाफ मुकदमा था तो चरित्र प्रमाण पत्र के आवेदन का सत्यापन कैसे हो गया? मुकदमा और वारंट था तो फिर नामांकन के दिन गिरफ्तार करने में पुलिस क्यों और कैसे पिछड़ गई ? वैसे अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी डा राकेश कुमार ने मामले में जांचोपरांत उचित कार्रवाई की बात कही है लेकिन ऐसी कार्यशैली पुलिस की छवि सुधारने में लगे पुलिस अधीक्षक डा शौर्य सुमन के समक्ष एक और टास्क दे गया है।

कार्रवाई पर हैरान जदयू नेता

रविंद्र मंडल की मानें तो उनके ऊपर प्राथमिकी दर्ज किए जाने की कोई भी सूचना पुलिस द्वारा उन्हें नहीं दी गई थी। जब खनन निरीक्षक ने अवैध उत्खनन का आरोप लगाते हुए उनसे पूछा था तो उन्होंने उस जमीन के कागजात विभाग को उपलब्ध कराया था, जहां से मिट्टी का खनन वे कर रहे थे। उनका चिमनी भट्ठा चलता है। अपनी जमीन से वे मिट्टी ढोकर चिमनी पर जमा कर रहे थे। उन्होंने राजनीति के तहत झूठे केस में फंसाने का आरोप लगाया है। पुलिस द्वारा सोमवार को कागजी प्रक्रिया पूरी कर जेल भेज दिया गया है।


Find Us on Facebook

Trending News