द्रौपदी मुर्मू के नामांकन दिखी सीएम नीतीश की अहमियत, बिहार एनडीए में मचे घमासान के बीच पीएम मोदी ने जदयू को दी विशेष तरजीह

द्रौपदी मुर्मू के नामांकन दिखी सीएम नीतीश की अहमियत, बिहार एनडीए में मचे घमासान के बीच पीएम मोदी ने जदयू को दी विशेष तरजीह

पटना. एनडीए की राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू ने आज 24 जून को नामांकन दाखिल किया. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा सहित एनडीए के कई बड़े नेताओं की मौजूदगी में नामांकन किया. इससे पहले संसद भवन पहुंचने पर भाजपा सांसदों ने उनका स्वागत किया. साथ ही द्रौपदी मुर्मू ने संसद भवन में बीजेपी शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों से मुलाकात भी की.

वहीं नामांकन के दौरान एक बार फिर से एनडीए में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अहमियत दिखी. मुर्मू के नामांकन के दौरान जदयू को पीएम मोदी भी विशेष तरजीह देते दिखे. जब मुर्मू नामांकन कर रही थी तब उनके साथ पहली पंक्ति में पीएम मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा क्रमबद्ध थे. वहीं उसी क्रम में जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव रंजन उर्फ़ ललन सिंह भी थे. वहीं एनडीए के अन्य घटक दल के नेता और भाजपा के कई मुख्यमंत्री तथा वरिष्ठ नेताओं को उस पंक्ति में जगह नहीं मिली थी. पहली पंक्ति में मुर्मू के साथ पांच लोग बैठे थे. इसमें मोदी, राजनाथ, शाह और नड्डा भाजपा से थे जबकि सिर्फ ललन सिंह ही ही एक मात्र गैर भाजपाई नेता थे. 

पीएम मोदी और शीर्ष भाजपा नेताओं के साथ ललन सिंह को पहली पंक्ति में जगह मिलना इसलिए भी बेहद खास है क्योंकि इन दिनों बिहार एनडीए में तल्खी बढ़ी हुई है. बिहार प्रदेश भाजपा अध्यक्ष संजय जायसवाल लगातार सीएम नीतीश की सरकार और जदयू नेताओं पर तीखी बयानबाजी कर रहे हैं. वहीं जदयू भी पलटवार करते हुए संजय जायसवाल को जमकर सुना चुकी है. खासकर अग्निपथ के खिलाफ हुए विरोध प्रदर्शन में भाजपा नेताओं के घरों और कार्यालयों पर हमला होने के बाद जयसवाल ने नीतीश प्रशासन पर कई आरोप लगाए थे. वहीं जदयू ने जायसवाल को मानसिक संतुलन ठीक नहीं रहने की बात कर दी. एक दिन पहले ही जायसवाल ने राज्य में कॉलेजों की शिक्षा को लेकर नीतीश सरकार को घेरा था तो जदयू ने जोरदार पलटवार किया था. ऐसे में अगले दिन ही मोदी और शाह द्वारा ललन सिंह को खास जगह देने से बिहार एनडीए में मचे भूचाल से स्थिति बिल्कुल अलग दिखी. 

पीएम मोदी और अन्य भाजपा नेता काफी गर्मजोशी से ललन सिंह से मिलते और हंसते दिखे. शीर्ष भाजपा नेताओं की ललन सिंह से हो रही बात देखकर यह कहना मुश्किल था कि बिहार में भाजपा के अध्यक्ष संजय जायसवाल खासे नाराज दिख रहे हैं. दरअसल, जदयू का भाजपा से संबंध सबसे पुराना है. एनडीए में दोनों दल शुरुआती दौर से हैं और सीएम नीतीश उस दौर से भाजपा के सहयोगी दल में बने जब अटल बिहारी वाजपेयी और लाल कृष्ण आडवाणी की जोड़ी थी. ऐसे में अपने सबसे पुराने सहयोगी को भाजपा ने नामांकन के दौरान भी सबसे ज्यादा मान दिया. साथ ही जदयू ने मुर्मू के समर्थन की घोषणा कर उनकी जीत की राह भी आसान बना दी जिससे भाजपा की वह चिंता भी दूर हो गई कि कहीं सीएम नीतीश कोई अलग फैसला न ले लें. 

द्रौपदी मुर्मू ने 4 सेट का नामांकन दाखिल किया. पहले सेट में पीएम मोदी प्रस्तावक और राजनाथ सिंह अनुमोदक हैं. इस सेट में बीजेपी संसदीय बोर्ड के सदस्य, केंद्रीय मंत्री और राज्य मंत्री हैं. इस सेट में 60 प्रस्तावक और 60 अनुमोदक के नाम हैं. इस तरह हर सेट में 120 नाम हैं. इसके पहले द्रौपदी मुर्मू ने संसद भवन में महात्मा गांधी, अंबेडकर और बिरसा मुंडा की प्रतिमाओं पर पुष्पांजलि अर्पित की. 


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