ई बिहार है साहेब, अफसरों ने क्वारंटाइन सेंटर में रह रही महिलाओं को पहनने के लिए थमा दी लुंगी

ई बिहार है साहेब, अफसरों ने क्वारंटाइन सेंटर  में रह रही महिलाओं को पहनने के लिए थमा दी लुंगी

Desk: सूबे के कई जगहों से क्वारंटाइन सेंटर की अलग अलग तस्वीर आ रही है. कहीं कोई दारू पी रहा है, किसी जगह बार बाला ठुमके लगा रहे हैं. अब एक नया मामला दरभंगा से आया है जहां महिलाओं को पहनने के लिए साड़ी के बदले लुंगी दिया गया है.

ये वाक्या बिरौल प्रखंड के मध्य विद्यालय देवकुली धाम स्थित क्वारेंटाइन सेंटर का है जहां रह रही महिलाओं के समक्ष उस समय अजीबोगरिब स्थिति सामने आ गई जब उनको परिधान के रूप में साड़ी न देकर हाथ में लुंगी थमा दी गई. इसको लेकर स्थानीय स्तर पर जिला प्रशासन के विरुद्ध लोगों में नाराजगी है. लोगों की शिकायत है कि भोजन और नाश्ते के नाम पर भी सिर्फ कागजी खानापूर्ति की जा रही है. 

इस मामले को लेकर मानवाधिकार संरक्षण प्रतिष्ठान सामने आया है. संस्थान के जिलाध्यक्ष प्रदीप कुमार चौधरी ने  मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एवं दरभंगा के डीएम को इसकी शिकायत की है. उनकी मानें तो इस केंद्र पर विगत दस दिनों से दिल्ली, गाजियाबाद, मेरठ, बंगलुरू एवं मुंबई से आये लगभग 40प्रवासी रह रहे हैं. इस केंद्र में रहने वाली 7 महिलाएं भी कष्ट में समय व्यतीत करने के लिए बाध्य हैं और इन महिलाओं को परिधान में साड़ी की जगह लुंगी दे दिया गया है जो सरकारी व्यवस्था की पोल खोलने के लिए काफी है. इस केंद्र पर देवकुली धाम और मिर्जापुर के ही अधिकांश लोग हैं. इस बीच यहां की समस्या को लेकर जिलाध्यक्ष प्रदीप कुमार चौधरी ने CM को ईमेल किया है साथ ही बिरौल अनुमंडल पदाधिकारी व अंचलाधिकारी को मोबाईल से सूचना दे दी है. 

लुंगी प्रकरण को लेकर सीओ राकेश कुमार ने गलती को स्वीकार किया है साथ ही उन्होंने कहा कि मेरे संज्ञान में मामला आज आया है. सीओ के मुताबिक महिलाओं को जल्द ही साड़ी सहित अन्य महिला  परिधान उपलब्ध करवा दिया जाएगा.

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