चिराग के घर में भूचाल ! कई बड़े नेता बाहर गए...जो अंदर हैं वो भी भविष्य को लेकर चिंतित, कह रहे- पालकी उठाने से कुछ नहीं मिलना, यहां तो सिर्फ...
PATNA: चिराग पासवान के घर में एक बार फिर से भूचाल की स्थिति है. लोकसभा चुनाव में टिकट बंटवारे के बाद पार्टी के अंदर बगावत की आग भड़क गई है. वरिष्ठ नेताओं को आउट कर दल से गद्दारी करने वाले और बाहरी को टिकट देने के बाद सुप्रीमो चिराग पासवान कटघरे में हैं. कई बड़े नेता जो चिराग पासवान के अगल-बगल बैठने वाले थे, वे सब भड़क गए हैं. इनमें से अधिकांश ने लोजपा (रामविलास) को छोड़ने का ऐलान कर दिया है. हालांकि कुछ ऐसे नेता भी हैं जो शरीर से दल में हैं लेकिन दिल से नहीं. क्यों कि टिकट बंटवारे के बाद वरिष्ठ नेता इस बात को अच्छी तरह से समझ चुके हैं कि यहां संघर्ष से कुछ मिलना नहीं. यहां तो सिर्फ एक ही फार्मूले से लोस-विस का टिकट मिलता है. लिहाजा लोजपा(रामविलास) के कई नेता अपने भविष्य को लेकर काफी परेशान हैं. भले ही वो ऑन रिकार्ड कुछ बोल नहीं रहे, लेकिन अंदर ही अंदर नेतृत्व से भारी खफा हैं और समय का इंतजार कर रहे.
चिराग की पार्टी में भगदड़
लोकसभा चुनाव से पहले चिराग पासवान की लोजपा (रामविलास) को बड़ा झटका लगा है. लोकसभा चुनाव में तीन टिकट बेचने का आरोप लगाते हुए वरिष्ठ नेताओं ने चिराग के खिलाफ सीधा मोर्चा खोल दिया. 3 अप्रैल को कई बड़े नेताओं ने इस्तीफा भी दे दिया है. नेताओं का पार्टी सुप्रीमो चिराग पासवान पर सीधा आरोप है कि सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने खून-पसीने से इस पार्टी को सींचा, लेकिन टिकट देने की बारी आई तो बाहरी को दे दिया. पार्टी के प्रदेश संगठन सचिव ई. रविंद्र सिंह, पूर्व मंत्री पूर्व लोकसभा सदस्य एवं राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रेणु कुशवाहा, पूर्व विधायक एवं राष्ट्रीय महासचिव सतीश कुमार,मुख्य विस्तारक अजय कुशवाहा समेत कई नेताओं ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। इस दौरान इन नेताओं ने चिराग पासवान पर लोकसभा चुनाव के दौरान टिकट बेचने का आरोप भी लगाया और कहा कि जब आपके परिवार से लेकर पार्टी और सहयोगी दल भाजपा ने आपका साथ छोड़ दिया था, तब सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने खून-पसीने से इस पार्टी को सींचा। चिराग पासवान के विजन पर भरोसा कर दिन-रात अपनी पार्टी को आगे बढ़ाने के लिए काम किया। लेकिन मिला क्या...सिर्फ धोखा.
समर्पित कार्यकर्ता झोला ढोयेंगे और टिकट मिलेगा खास को......
चिराग पासवान की पार्टी से जुड़े रहे इन नेताओं ने तो सीधे तौर पर आरोप लगाए हैं. लेकिन नाराजगी इतनी भर ही नहीं है. लोजपा के अंदर नाराजगी काफी बड़ी है. वैसे नेता जो चुनाव लड़ना चाहते हैं वे इस चिंता में हैं कि आगे क्या होगा. लोस चुनाव में टिकट बंटवारे में जो कुछ देखा या समझा इससे चिंता और बढ़ गई है. न्यूज4नेशन ने दो-तीन दिनों में कई नेताओं से बातचीत की. अधिकांश नेता चिंता में डूबे हैं. कह रहे कि इस दल में संघर्ष करने से क्या फायदा, कुछ मिलना तो है नहीं. टिकट देने की बारी आएगी तो कोई बाहरी आ जाएगा. हमारे नेता के फार्मूले को स्वीकार कर लिया तो टिकट तो उसी को मिलेगा. हमलोग चिराग की पालकी ढोते ही रह जाएंगे,लाभ कोई और लेकर चला जाएगा. लोजपा के अंदर समर्पित कार्यकर्ता सिर्फ छले जाएंगे.
चिराग ने अपनों से बनाई दूरी...बाहरी से किया प्यार
बता दें, एनडीए में सीट बंटवारे में लोजपा (रामविलास) के खाते में पांच सीटें आई हैं. चिराग पासवान खुद हाजीपुर से चुनाव लड़ रहे. वहीं जमुई सीट अपने जीजा अरूण भारती को चुनावी मैदान में उतार दिया है. जमुई सुरक्षित सीट पर लोजपा(रामविलास) के कई दलित नेता टिकट के दावेदार थे. लेकिन चिराग पासवान ने अपने बहनोई को टिकट दे दिया. वैशाली से एक बार फिर से वीणा सिंह को उम्मीदवार बनाए जाने से दल के अंदर भारी नाराजगी है. वीणा सिंह भी चिराग पासवान के साथ छोड़ चाचा पारस के साथ चली गई थी. इसी आरोप में चिराग पासवान ने पारस, प्रिंस राज, महबूब अली कैसर और चंदन सिंह को आउट कर दिया ,लेकिन वीणा सिंह को टिकट से नवाजा. इस वजह से दल के बड़े-बड़े नाराज हैं. समस्तीपुर सुरक्षित सीट से चिराग पासवान ने जेडीयू के वरिष्ठ नेता अशोक चौधरी की बेटी शांभवी चौधरी को टिकट दे दिया. इस निर्णय से भी भारी नाराजगी है. खगड़िया सीट पर भागलपुर के स्वर्ण कारोबारी व जिलाध्यक्ष रहे राजेश वर्मा को टिकट देकर चुनावी मैदान में उतार दिया गया है. इस सीट से दल की वरिष्ठ नेता रेणू कुशवाहा मजबूत दावेदार थीं. वे लगातार तैयारी भी कर रही थीं,लेकिन ऐन वक्त पर चिराग पासवान ने रेणू कुशवाहा की जगह भागलपुर के राजेश वर्मा को टिकट दे दिया.
चिराग के उम्मीदवार राजेश वर्मा के ठिकानों पर आईटी ने की थी छापेमारी
अगस्त 2022 में इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की टीम ने भागलपुर में ताबड़तोड़ छापेमारी की थी. इस दौरान इनकम टैक्स के रडार पर भागलपुर के पूर्व डिप्टी मेयर राजेश वर्मा थे. राजेश वर्मा चिराग पासवान की पार्टी लोजपा (रामविलास) की ओर से 2020 में विस प्रत्याशी रह चुके थे. तब भागलपुर जिला के जिलाध्यक्ष थे. इनकम टैक्स विभाग की टीम ने उनके आवास और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर छापेमारी की थी. न सिर्फ भागलपुर में बल्कि पूर्णिया में भी आयकर टीम ने लोजपा नेता राजेश वर्मा के रजनी चौक स्थित हरि ओम लक्ष्मी नारायण ज्वेलर्स में रेड की थी. राजेश वर्मा के झारखंड के देवघर स्थित स्वर्ण आभूषण के दुकान पर भी आयकर विभाग का छापा पड़ा है. आयकर की टीम ने टैक्स चोरी करने के मामले में कार्रवाई की थी. जांच एजेंसी को इनपुट मिला था कि लोजपा नेता राजेश वर्मा का प्रतिष्ठान टैक्स चोरी कर रहा है. इसके बाद कई ठिकानों पर एक साथ रेड की गई थी. अब इसी राजेश वर्मा को चिराग पासवान ने खगड़िया से चुनावी मैदान में उतारा है.