गरीबी की मजबूरी: 16 साल की बेटी की जान बचाने के लिए 12 साल की बेटी को दूसरे के हाथों बेच दिया, खरीदने वाले ने जो किया...?..

गरीबी की मजबूरी: 16 साल की बेटी की जान बचाने के लिए 12 साल की बेटी को दूसरे के हाथों बेच दिया, खरीदने वाले ने जो किया...?..

पटना : किसी शायर ने गरीबी पर लिखा है...

''कभी आँसू तो कभी खुशी बेचीं

हम गरीबों ने बेकसी बेची

चंद सांसे खरीदने के लिए

रोज़ थोड़ी सी जिंदगी बेचीं''

लेकिन यहां तो जनाब जिंदगी को बचाने के लिये एक मजदूर दम्पती ने अपनी एक नाबालिग बेटी को ही बेच दीया। गरीबी अभिशाप है इसे हर हाल में मिटाना ही होगा।इस नारे को सत्ता पाने के लिये हर पार्टियां इस्तेमाल करती हैं लेकिन जब सत्ता में आती हैं तो सिर्फ अमीरों के लिए हीं कमाल करती हैं।

बता दें कि आंध्र प्रदेश के नेल्लोर जिले की एक खबर ने पूरे देश में गरीबी की मजबूरी की कहानी को एक बात फिर स्थापित कर दिया है। गरीब मजबूर हैं और इतने हैं कि उसकी कल्पना सम्भव नहीं। कल्पना से परे इस मजबूर मजदूर दंपत्ति के दर्द भरी दास्तां ने हर हृदय को द्रवित कर दिया है।

घटना आंध्र प्रदेश के नेल्लोर जिले की है जहां दैनिक मजदूरी कर पेट पालने वाले एक मजदूर जोड़े ने अपनी 16 साल की बेटी की जान बचाने के लिए अपनी दूसरी बेटी को एक दूसरे शख्स के हाथ बेच दिया। ताकि बड़ी बेटी की जान बचाई जा सके। जाहिर सी बात है कि पेट पालने के लिए दैनिक मजदूरी करने को मजबूर दंपति के लिए बड़ी बेटी के साथ का इलाज कराना महंगा पड़ रहा था। लेकिन मजदूर दंपति हर कीमत पर अपनी बेटी का जान बचाना चाहता था। यही वजह रही कि अपनी बड़ी बेटी के इलाज का खर्च उठाने में असमर्थ दंपति ने अपनी 12 साल की बेटी को दूसरे के हाथों बेच दिया।

अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक गरीब दंपति ने अपनी दूसरी बेटी को महज 10 हजार रुपये में बेच दिया। खरीदने वाले शख्स का नाम चिन्ना सुबैया है।  हैरानी की बात यह है उसने बुधवार को लड़की से आनन फानन में शादी भी कर ली। मामले की जानकारी महिला और बाल कल्याण विभाग के अधिकारियों दी गई फिर त्वरित कार्रवाई करते हुए उस बच्ची को बचा लिया गया। नाबालिग को जिला चाइल्ड केयर सेंटर भेज दिया गया जहां उसकी काउंसलिंग की जा रही है।

इस घटना के बाबत आंध्र प्रदेश पुलिस ने बताया है कि जिस व्यक्ति ने 12 साल की उस बच्ची को खरीद कर शादी कर लिया था। उसका नाम चिन्ना सुबैया है। पारिवारिक कलह की वजह से उसकी पत्नी ने उसे छोड़ दिया था। बताया जा रहा है कि उसने नाबालिग के माता-पिता को पहले भी दूसरी बेटी से शादी का प्रस्ताव दिया था। चिन्ना सुबैया ने 12 साल की मासूम को खरीदने के बाद बुधवार की रात अपने रिश्तेदारों के घर धामपुर पहुंचा। दूसरे के घर में आई मासूम बच्ची जब डर से जोर जोर से रोने लगी तो पड़ोसियों ने इसकी आवाज सुन ली।पड़ोसी सुबैया के रिश्तेदारों के घर गए और पूछताछ की कि तुम क्या कर रहे हो। मासूम बच्ची को देखते हीं पड़ोसियों ने सब कुछ समझ लिया। इसके बाद स्थानीय सरपंच से संपर्क किया जिसके बाद उसे बचाकर बाल विकास सेवा के अधिकारियों के हवाले किया गया। पुलिस ने सुबैया के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और इस संबंध में उससे पूछताछ भी की जा रही है।

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