कलंक कथाः भ्रष्टाचार के आरोपी MVI 'अमिताभ' केस में 'अभियोजन स्वीकृति' की फाइल दौड़ी, EOU ने मांगी मंजूरी

कलंक कथाः भ्रष्टाचार के आरोपी MVI 'अमिताभ' केस में 'अभियोजन स्वीकृति' की फाइल दौड़ी, EOU ने मांगी मंजूरी

पटनाः आय से अधिक संपत्ति अर्जित केस में फंसे और हाल ही में निलंबन मुक्त हुए मोटरयान निरीक्षक अमिताभ कुमार के खिलाफ आर्थिक अपराध इकाई में फाइल तेजी से दौड़ रही है।आरोपी एमवीआई के खिलाफ आगे की कार्रवाई को लेकर जांच एजेंसी अब परिवहन विभाग से अभियोजन की स्वीकृति लेने जा रही. ईओयू ने इस केस की फाइल तैयार कर ली है। बताया जाता है कि साक्ष्यों के साथ अभियोजन की स्वीकृति (sanction of prosecution) की फाइल परिवहन विभाग भेजी जा रही.    

अभियोजन स्वीकृति की फाइल दौड़ रही

आर्थिक अपराध इकाई के विश्वस्त सूत्रों से जानकारी मिली है कि आय से अधिक संपत्ति केस में फंसे एमवीआई अमिताभ कुमार के खिलाफ जांच में पर्याप्त साक्ष्य मिले हैं। जांच अधिकारी ने साक्ष्यों को संग्रह कर अभियोजन की स्वीकृति के लिए फाइल वरीय अधिकारियों को भेजी। इसके बाद वरीय अधिकारियों ने भी इस पर स्वीकृति दे दी है। अब यह फाइल परिवहन विभाग में भेजी जा रही है. साक्ष्यों के आधार पर परिवहन विभाग के अधिकारी अभियोजन की स्वीकृति देंगे। जानकार बताते हैं कि विभाग के सक्षम अधिकारी आदेश देने में तीन महीनों से अधिक देरी नहीं कर सकते। ईओयू सूत्रों का कहना है कि अगर स्वीकृति मिलने में देरी होती है तो रिमांडर भेजा जाता है। ईओयू के सूत्रों ने बताया कि अगर इस केस में स्वीकृति में देरी हुई तो दूबारा पत्र भेजा जायेगा।

केस चलाने की मंजूरी लेने जा रही एजेंसी 

बता दें, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम एवं दंड प्रक्रिया संहिता में भ्रष्टाचार के आरोपी अधिकारी-कर्मचारी के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी मांगी जाती है। जांच एजेंसी उसके नियुक्ति अधिकारी से अभियोजन स्वीकृति लेती है.ऐसा प्रावधान है। इसी प्रावधान के तहत आर्थिक अपराध इकाई आरोपी एमवीआई अमिताभ कुमार के खिलाफ अभियोजन की स्वीकृति लेने जा रही है।  

2018 में विभाग ने किया था निलंबित

भ्रष्टाचार के आरोपी एमवीआई अमिताभ कुमार के खिलाफ चार्जशीट दाखिल नहीं होने को आधार बनाकर निलंबन मुक्त किया गया। 2018 से ही निलंबित चल रहे मोटरयान निरीक्षक अमिताभ कुमार को परिवहन विभाग ने 22 जून 2022 को निलंबन मुक्त कर पोस्टिंग किया है। भ्रष्टाचार के आरोपी एमवीआई अमिताभ कुमार को निलंबन मुक्त कर सीधे फील्ड पोस्टिंग की खबर जब सरकार को लगी तो आनन-फानन में उस आदेश को वापस लिया गया। परिवहन विभाग ने यू-टर्न लेते हुए 24 जून को उन्हें भोजपुर एमवीआई के पद से हटाये हुए मुख्यालय में पदस्थापित कर दिया। 

आर्थिक अपराध इकाई ने 2017 में की थी छापेमारी 

बता दें, आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में आर्थिक अपराध इकाई ने नवंबर 2017 में शिवहर के तत्कालीन एमवीआई अमिताभ कुमार के ठिकानों पर छापेमारी की थी। ईओयू की रिपोर्ट पर परिवहन विभाग ने 2018 में मोटरयान निरीक्षक अमिताभ कुमार को निलंबित कर दिया था। तब से लेकर 22 जून 2022 तक वे निलंबित थे।  


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