वित्तरहित शिक्षक-शिक्षककेत्तर कर्मचारियों ने खोला मोर्चा... उदासीनता, तानाशाही फरमान और उपेक्षा के खिलाफ विधान परिषद सभापति से लगाई गुहार

वित्तरहित शिक्षक-शिक्षककेत्तर कर्मचारियों ने खोला मोर्चा...

PATNA: राज्य के वित्त-अनुदानित कर्मियों ने सरकार की उदासीनता, नौकरशाहों के तानाशाही फरमान एवं सरकार द्वारा अपनी उपेक्षा (सौतेला व्यवहार) से तंग आकर सरकार के खिलाफ हल्ला बोल का आगाज किया है। इस क्रम में वित्तरहित कर्मियों ने विभिन्न जनप्रतिनिधियों से मिलकर अपना मांग पत्र दे रहे है, समस्या के स्थाई निदान हेतु मुख्यमंत्री से मिलकर पहल करने का आग्रह कर रहे हैं। इस क्रम मे आज 27 फरवरी 2024 को वित्तरहित कर्मी सभापति के सरकारी आवास पर सुबह पहुंचे और उन्हें अपना मांग पत्र सौंपा। साथ ही उनसे आग्रह किया कि वित्तरहित शिक्षा नीति से प्रभावित कर्मचारियों को समस्याओं से निजात दिलाने हेतु मुख्यमंत्री से मिलकर इस समस्या के स्थाई निदान का आग्रह करें।

वहीं सभापति ने वित्तरहित कर्मियों की समस्याओं को ध्यान से सुना और सकारात्मक पहल करने का आश्वासन दिया। तत्पश्चात सभी वित्तरहित कर्मी विधानपार्षद सह भाजपा के वरिष्ठ नेता सैयद शाहनवाज हुसैन के सरकारी आवास पर पहुंचे और उन्हें अपनी सारी समस्याओं से अवगत कराया। पूर्व मंत्री सैयद शहनवाज हुसैन ने सभी बातों को गंभीरता से सुना और आश्वासन दिया कि मैं इसमें पहल करूंगा। 

अनुदान नहीं वेतनमान फोरम द्वारा आयोजित गुहार सभा मे सैकड़ों वित्तरहित कर्मियों ने भाग लिया। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व राज्य संयोजक प्रो रौशन कुमार ने किया। इस प्रतिनिधिमंडल में कार्यक्रम समन्वयक प्रो संजय कुमार, रीजनल कोआर्डिनेटर प्रो बृजेश कुमार सिंह, प्रो विजय कुमार चौबे, प्रो शिवकुमार पाठक एवं प्रो रमेश कुमार जिला संयोजक वैशाली एवं प्रो मो नुमानी जिला संयोजक मुजफ्फरपुर, प्रो प्रशांत कुमार प्रो विजय कुमार प्रसाद प्रो बनर्जी, माध्यमिक विंग के रंजीत कुमार, राकेश कुमार, विभा सिन्हा गजेंद्र कुमार सिंह अमरेश कुमार आदि मौजूद रहे। विदित हो कि लगभग 4 दशकों से उपेक्षा का दंश झेल रहे लगभग 60 हजार वित्तरहित कर्मी और उनके परिजन नारकीय जीवन जीने को विवश हैं । सरकार की उदासीनता से लगभग 8 से 10 साल का अनुदान लंबित है। आर्थिक तंगी की वजह से उत्पन्न मानसिक तनाव के कारण लगभग 300 से अधिक कर्मियों का निधन समुचित इलाज के बिना हो गया ।

प्रमुख मांगे:- वित्तानुदानित संबद्धता प्राप्त माध्यमिक विद्यालय, इंटर एवं डिग्री महाविद्यालय मे विधिवत नियुक्त एवं कार्यरत कर्मियों को विहित-वेतन (वेतनमान आधारित घाटानुदान) या समकक्ष राज्यकर्मियों की भाँति नियत वेतन एवं प्रदत सभी सुविधायेँ प्रदान की जाए। संबद्धता मापदंड शर्त पूर्ण करने वाले स्थापना अनुमति प्राप्त, स्थायी एवं अस्थायी रूप से प्रस्वीकृत, वित्त-अनुदानित संस्थानो मे, पूर्व मे कराये गए शर्तों के अनुपालन के आलोक मे स्थायी संबद्धता प्रदान/बहाल किया जाए। छात्र/छात्राओं के परीक्षाफल के वास्तविक गणना के आधार पर (इंटर कॉलेज को अधिकतम 50 लाख की सीमा को खत्म कर) सत्र वार बकाया/लंबित अनुदान राशि का एकमुश्त भुगतान सीधे संस्थानो मे कार्यरत कर्मियों के संधारित खाता मे किया जाए। वित्त-अनुदानित संस्थानो के मृतक कर्मियों के आश्रितों को भी नियोजित/नियमित मृत कर्मियों की भांति अनुग्रह राशि/मुआवजा दिया जाए । 


वंदना की रिपोर्ट