सरकारी सुविधा का लें लाभः इस साल अप्रैल से लेकर सितंबर तक 7342 मरीजों को दी गई आर्थिक सहायता

सरकारी सुविधा का लें लाभः इस साल अप्रैल से लेकर सितंबर तक 7342 मरीजों को दी गई आर्थिक सहायता

पटना. बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने कहा कि गंभीर रोगों से पीड़ित गरीब मरीजों के बेहतर इलाज के लिए बिहार सरकार मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष से आर्थिक सहायता प्रदान कर रही है. इस कोष से 14 असाध्य बीमारियों के इलाज के लिए राशि दी जाती है. प्रदेश के अलावा प्रदेश के बाहर इलाज कराने पर भी कोष से सहायता दी जाती है. इस योजना के तहत 20 हजार रुपये से लेकर 5 लाख रुपये तक की सहायता दी जाती है. इस साल अप्रैल से लेकर सिंतंबर माह तक 7 हजार 342 मरीजों को आर्थिक सहायता प्रदान की गई है. वित्तीय वर्ष 2020-21 में 11 हजार 180 मरीज लाभान्वित हुए हैं.

स्वास्थ्य मंत्री पांडेय ने कहा कि मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष कमेटी की अनुशंसा पर सूची में शामिल 14 बीमारियों के अलावे भी अन्य दूसरी बीमारियों के इलाज के लिए सरकार की तरफ से एक लाख रुपये की सहायता राशि देने का प्रावधान है. सालाना ढाई लाख रुपये से कम आय तथा प्रदेश के सरकारी और सीजीएचएस से मान्यता प्राप्त अस्पताल में इलाज कराने वाले रोगी को ही सहायता दी जाती है. इन अस्पतालों से इलाज के लिए दूसरे प्रदेश में रेफर करने वाले रोगी को भी हृदय रोग, कैंसर, कुल्हा रिप्लेसमेंट, घुटना रिप्लेसमेंट, नस रोग, एसिड अटैक से जख्मी, बोन मैरो ट्रांसप्लांट, एड्स, हेपेटाइटिस, कोकिलेर इम्प्लांट, ट्रांस जेंडर सर्जरी, नेत्र रोग समेत चौदह तरह की बीमारियों के इलाज के लिए सरकारी सहायता दी जाती है.

पांडेय ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2020-21 में स्वास्थ्य विभाग में आर्थिक सहायता के लिए 13 हजार 155 आवेदन आये, जिसमें से 11 हजार 180 आवेदन स्वीकृत किये गये हैं. इसके लिए सरकार की तरफ से 93 करोड़ 63 लाख दो हजार 500 रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है. इस साल अप्रैल से लेकर सितंबर तक 8 हजार 583 आवेदन आये, जिसमें से स्वीकृत 7 हजार 342 मरीजों के इलाज मद में 65 करोड़ 30 लाख 38 हजार रुपये की मंजूरी प्रदान की गई है. स्वास्थ्य विभाग मरीजों को इलाज कराने में किसी तरह की परेशानी नहीं हो, इसका पूरा ख्याल रखता है.

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