42 साल से परिवार में ही था मुखिया का पद, पिता राजद के विधायक, फिर भी चुनाव में मिली हार

42 साल से परिवार में ही था मुखिया का पद, पिता राजद के विधायक, फिर भी चुनाव में मिली हार

SIWAN : बिहार के पंचायत चुनाव में न सिर्फ पूर्व मुखिया, सरपंच को वोटरों ने धूल चटाई है। बल्कि उन माननियों के परिवार का हश्र भी खराब कर दिया है। कई विधायक व सांसद अपने पत्नी, बेटे और दूसरे रिश्तेदारों को पंचायत चुनाव में जीत दिलाने में नाकामयाब रहे हैं। अब इस लिस्ट में एक और नाम शामिल हो गया है। सीवान के रघुनाथपुर से RJD विधायक हरिशंकर यादव का, जिनके बेटे सुरेंद्र यादव कुशहरा पंचायत से मुखिया का चुनाव हार गए। वहीं, विधायक की रिश्तेदार व फुलवरिया पंचायत के निवर्तमान मुखिया मीना देवी भी चुनाव हार गई है।

1979 से लगातार विधायक परिवार के पास रहा मुखिया पद

बताया गया कि विधायक हरिशंकर यादव के परिवार के पास 1979 से रघुनाथपुर प्रखंड के कुशहरा पंचायत का मुखिया का पद रहा है। विधायक हरिशंकर यादव 2015 में मुखिया रहते विधायक बने थे। उसके बाद 2016 के पंचायत चुनाव में उनके बेटे सुरेंद्र यादव चुनाव जीते। जिसके बाद 2021 के पंचायत चुनाव में विधायक हरिशंकर यादव के बेटे सुरेंद्र यादव दूसरी बार चुनावी मैदान में थे। जिसमें इस बार चंदन कुमार पाठक ने 494 वोट के अंतर से हराया हैं।

विधायक के रिश्तेदार भी नहीं बचा सकी मुखिया पद

हरिशंकर यादव को न सिर्फ कुशहरा पंचायत में झटका लगा है, बल्कि उनके नाम के सहारे अपने नैय्या पार लगाने की कोशिश में जुटे रिश्तेदार भी अपना मुखिया पद गवां बैठे हैं। रघुनाथपुर प्रखंड के ही फुलवरिया पंचायत के निवर्तमान मुखिया व विधायक हरिशंकर यादव के रिश्तेदार मीना देवी भी चुनाव हार गई हैं। मीना देवी विधायक हरिशंकर यादव के रिश्ते में दामाद की पत्नी लगती है। जो फुलवरिया पंचायत से मुखिया के पद पर आसीन थी।


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