गया डीएम ने जनता दरबार में 120 लोगों की सुनी फ़रियाद, भूमि विवाद सहित कई मामलों पर की सुनवाई

गया डीएम ने जनता दरबार में 120 लोगों की सुनी फ़रियाद, भूमि विवाद सहित कई मामलों पर की सुनवाई

GAYA : ज़िला पदाधिकारी, गया डॉ० त्यागराजन एसएम ने जनता दरबार में आए हुए करीब 120 व्यक्तियों के मामले यथा भूमि विवाद, राशन कार्ड, दाखिल खारिज, वृद्धा पेंशन, संपत्ति बंटवारा, किसान फसल क्षति, अनुकंपा पर जॉब, सहारा कंपनी से पैसा निकासी, राजस्व कर्मचारी द्वारा कार्य में लापरवाही करने, भूदान के जमीन को कब्जा दिलवाने, किसानों से धान खरीदने, इंदिरा आवास योजना का लाभ देने, नाली निर्माण संबंधित, जर्जर सड़को को मरम्मत करवाने सहित अन्य मामलों को गंभीरतापूर्वक सुनते हुए संबंधित पदाधिकारियों को प्राप्त आवेदनों को जांच यथाशीघ्र कराते हुए जांच प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। जनता दरबार में कई व्यक्तियों द्वारा कोविड-19 मुआवजा राशि से संबंधित आवेदन दिए गए हैं। जिला पदाधिकारी ने जिला आपदा पदाधिकारी तथा सिविल सर्जन को संबंधित कोविड-19 के आए हुए मामलों को जांच करते हुए आश्रितों को मुआवजा देने की प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश दिया। जनता दरबार में प्रधानमंत्री आवास से संबंधित आए मामलों को जिला पदाधिकारी ने उप विकास आयुक्त को संबंधित आवेदनों को 1 सप्ताह में जांच करते हुए प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। साथ ही जांच के क्रम में पात्र पाए जाने वाले व्यक्तियों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलवाना सुनिश्चित कराने को कहा।

जनता दरबार में प्राथमिक विद्यालय कुसाढ़ी घुटिया पंचायत के अंजनी कुमारी द्वारा प्रशिक्षित शिक्षक के पद पर हैं। परंतु बहाली अप्रशिक्षित पद पर कर दी गई है। आवेदक द्वारा बताया गया कि नियोजन इकाई द्वारा उनसे स्पष्टीकरण की मांग किया गया था। आवेदक द्वारा स्पष्टीकरण का जवाब देने के उपरांत भी आवेदक की समस्या को नहीं सुलझाया जा रहा है। साथ ही पिछले 2 वर्षों से वेतन भुगतान भी स्थगित रखा गया है। उन्होंने जिला पदाधिकारी से अनुरोध किया है कि उनके द्वारा स्पष्टीकरण में बिंदुवार जवाब दिया गया है, जिसे वरीय पदाधिकारी से जांच करवाने हेतु अनुरोध किया। जिला पदाधिकारी ने उक्त मामले को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने उप विकास आयुक्त सुमन कुमार को शिक्षा विभाग से प्रतिवेदन मांगते हुए जांच करने को कहा। साथ ही पंचायत सचिव तथा अन्य संबंधित अधिकारियों से भी बात कर कर के प्रतिवेदन के आधार पर निर्णय लेने का निर्देश दिए।

मुन्नू लाल पुस्तकालय जीबी रोड मुरारपुर गया में रखे गए अति प्राचीन एवं दुर्लभ पुस्तकें तथा पांडुलिपि को नष्ट होने से बचाने के संबंध में डॉ विनोद कुमार महाजन द्वारा आवेदन दिया गया। उन्होंने जिला पदाधिकारी से अनुरोध किया कि उपरोक्त पुस्तकालय की स्थापना वर्ष 1911 में किया गया था। उक्त पुस्तकालय में काफी प्राचीन पुस्तकें एवं पांडुलिपि उपलब्ध कराई गई थी। यह पुस्तकालय बिहार राज्य के अति प्राचीन पुस्तकालय में से एक है। उन्होंने बताया कि उक्त पुस्तकालय का उद्घाटन पंडित मदन मोहन मालवीय ने आम जनता एवं विद्यार्थी वर्ग के ज्ञान वर्धन के लिए किया था। पुस्तकालय के अच्छे तरीके से रखरखाव एवं सुरक्षा तथा पुस्तकालय के सुचारू रूप से संचालन के लिए एक ट्रस्ट गठित किया गया। आज के वर्तमान समय में उक्त भवन काफी जर्जर स्थिति में है तथा पुस्तकालय की साफ-सफाई बिल्कुल नगणय स्थिति में है। उन्होंने जिला पदाधिकारी से अनुरोध किया कि उक्त पुस्तकालय की गरिमा को पुनर्जीवित करने के लिए अग्रेतर कार्रवाई किया जाए। उक्त पुस्तकालय के मामले को देखते हुए जिला पदाधिकारी ने अपर समाहर्ता मनोज कुमार को निर्देश दिया कि 1 सप्ताह के अंदर संबंधित पुस्तकालय की जांच करते हुए विभिन्न कागजातों को समर्पित करना सुनिश्चित करें, ताकि उक्त पुस्तकालय को बेहतर प्रबंधन किया जा सके।

आवेदक शशि कुमार सिंह न्यू कॉलोनी छोटकी नवादा द्वारा भदेजा प्लॉट संख्या 14 में पेपर जांच करने के बाद भी रजिस्ट्री चालू नहीं करने के संबंध में आवेदन दिया गया। उन्होंने बताया कि जिला वन पदाधिकारी द्वारा उक्त जमीन को वन विभाग का जमीन बताते हुए रजिस्ट्री पर रोक रखी गई है। जबकि वह जमीन रैयती है। जिला पदाधिकारी ने उक्त मामले को अपर समाहर्ता तथा जिला वन पदाधिकारी को संयुक्त रूप से जांच करते हुए प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निर्देश दिए। कोच अंचल के प्रधान गांव के व्यक्ति उपेंद्र यादव द्वारा बताया गया कि स्थानीय ग्रामीण के द्वारा सार्वजनिक पोखर पर अतिक्रमण कर मकान बनाने के कारण पूरे गांव में पटवन के पानी को रोक दिया गया है, जिसके कारण खेती करने में काफी कठिनाई हो रही है। जिला पदाधिकारी ने अंचलाधिकारी कोच को अविलंब जांच करवाने का निर्देश दिए।टिकारी मखदुमपुर पंचायत के आवेदक दिलीप कुमार द्वारा बताया गया कि कार्यपालक अभियंता आरडब्ल्यूडी टिकारी द्वारा सार्वजनिक तालाब को भरकर बीचो बीच सड़क निर्माण करने के कारण तालाब का अस्तित्व मिटने के कगार पर है। जिला पदाधिकारी ने अनुमंडल पदाधिकारी टिकारी को संबंधित तालाब एवं सड़क को जांच करने तथा प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निर्देश दिए। आमस अंचल के उतली कजुर के आवेदक द्वारा बताया गया कि उतली कजुर आहर का अतिक्रमण तेजी से किया जा रहा है। उक्त आहर से कई एकड़ में पटवन का कार्य किया जाता रहा है। जिला पदाधिकारी ने अंचलाधिकारी आमस को इस बरसात के मौसम के पहले संबंधित आहर को अतिक्रमण मुक्त करवाने का निर्देश दिए।

जनता दरबार में कुछ आवेदक ने मनरेगा अंतर्गत पौधारोपण के उपरांत मजदूरों की नियमानुसार भुगतान नहीं करने के संबंध में आवेदन दिया गया। जिला पदाधिकारी ने उप विकास आयुक्त को निदेशक डीआरडीए की अध्यक्षता में टीम गठित कर 1 सप्ताह के अंदर जांच करवाते हुए प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निर्देश दिए साथ ही दोषी पाए जाने के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिए। जिला पदाधिकारी ने कहा कि विभिन्न प्रखंडों के पंचायतों से पौधारोपण में अनियमितता से संबंधित लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही हैं।

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