पटना-डोभी-गया एनएच से हाईटेंशन तारों को हटाने की प्लानिंग को लेकर हाईकोर्ट में हुई सुनवाई, विद्युत विभाग को मिला यह निर्देश

पटना-डोभी-गया एनएच से हाईटेंशन तारों को हटाने की प्लानिंग को

PATNA : पटना हाइकोर्ट में पटना गया डोभी राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण के मामलें पर सुनवाई की। चीफ जस्टिस के वी चंद्रन की खंडपीठ ने सुनवाई करते हुए राज्य के विद्युत विभाग, सम्बन्धित जिला प्रशासन व एनएचएआई के आरओ को एक बैठक करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने इन्हें इस राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण में  हाई टेंशन वायर  व अन्य कारणों से आ रही बाधाओं के समाधान शीघ्र निकालने निर्देश दिया है।कोर्ट ने उन्हें इस कार्य के लिए समय सीमा भी बताने को कहा है। 

 इससे पहले कोर्ट ने इस मामलें पर सुनवाई करते हुए इस राजमार्ग के निर्माण में आने वाली समस्याओं का निरीक्षण कर रिपोर्ट देने के लिए अधिवक्ताओं की एक कमिटी गठित की थी।अधिवक्ताओं की कमिटी ने पिछले सप्ताह ही अपनी रिपोर्ट कोर्ट में प्रस्तुत कर दिया था।   पिछली सुनवाई में  कोर्ट ने राज्य के विद्युत विभाग से ये जानना चाहा कि इस राजमार्ग के निर्माण में  उत्पन्न कर रहे हाई टेंशन वायर हटाने के लिए क्या कार्रवाई हो रही है।अधिवक्ताओं की कमिटी ने इस सम्बन्ध में जो रिपोर्ट प्रस्तुत किया था,उसमें ये बताया गया है कि राष्ट्रीय राजमार्ग 83 का कार्य की प्रगति अच्छी है।

जो भी समस्याएं थी,उनका समाधान काफी हद तक किया जा चुका है।कोर्ट ने अधिवक्ता रूना को एडवोकेट कमिशनर नियुक्त करते हुए उन्हें  20 जुलाई,2024 को इस राजमार्ग का निरीक्षण करने का निर्देश दिया था। उनके साथ केंद्र सरकार के वरीय अधिवक्ता के एन सिंह और राज्य सरकार के अपर महाधिवक्ता अंजनी कुमार को भी  निरीक्षण टीम में शामिल किया गया था। 

अधिवक्ता रूना ने बताया था  कि निर्माण कार्य में  प्रगति हो रही है।जो भी अड़चने थी,उन्हें काफी हद तक दूर किया जा चुका। पिछली सुनवाई मे कोर्ट के  समक्ष एनएचएआई ने राष्ट्रीय राजमार्ग  के निर्माण प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत किया था।

 प्रतिज्ञा नामक संस्था द्वारा दायर इस जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान एनएचएआई ने कोर्ट को बताया गया था कि इस राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण पर कार्य तेजी से  चल रहा है।कोर्ट को बताया गया था कि  पटना के पास बीच नाथूपुरा व सरिस्ताबाद के बीच लिंक रोड़ बनाने की कार्रवाई हो रही है। इस लिंक रोड बनाने पर कार्य चल रहा है।कोर्ट ने इस पर तेजी से कार्रवाई करने का निर्देश दिया।कोर्ट को बताया गया था कि इस राष्ट्रीय राजमार्ग पर सड़क निर्माण का कार्य काफी हद पूरा हो गया है। 

याचिकाकर्ता के अधिवक्ता मनीष कुमार ने कोर्ट को बताया था कि सड़क निर्माण का काम पूरा हो चुका है ,लेकिन लिंक रोड नहीं बनने के कारण यातायात चालू नही हो पा रहा है।वहां लोगों का आवागमन नहीं हो पा रहा है। इस मामले पर अगली सुनवाई 3 सप्ताह बाद की जाएगी।