HIGHEST SCORE: आज होगी मास्टर बलास्टर की बात...

HIGHEST SCORE: आज होगी मास्टर बलास्टर की बात...

N4N DESK:  हाईएस्ट स्कोर के इस खास सीरीज में आज बात होगी सचिन तेंदुलकर के उस पारी की जिसे वनडे क्रिकेट के सबसे बेहतरीन पारियों में शुमार किया जाता है. वैसे तो सचिन की हर पारी खास है लेकिन सचिन के इस पारी की कुछ और ही बात है जिसका जिक्र हम आज करने जा रहे है, क्योकि ये पारी वनडे क्रिकेट के ऐतिहासिक पारियों में सबसे अहम है.

सबकी आंखे उस महान क्रिकेटर की तरफ थी

साल 2010, साउथ अफ्रीकी टीम तीन मैचों की वनडे सीरीज खेलने भारत आई थी. पहला मैच आसानी से जीतने के बाद भारत का अगला मैच ग्‍वालियर में था. उस वक्‍त टीम के कप्‍तान एमएस धोनी ने टॉस जीतकर पहले बल्‍लेबाजी का निर्णय लिया. आमतौर सचिन को सभंलकर खेलते हुए देखा जाता है मगर उस दिन सचिन कुछ और ही सोच कर आए थे. कवर ड्राइव, लांग ड्राइव, पुल, अपर कट, मानो सचिन की किताब में जितने भी क्रिकेटिंग शॉट थे उस दिन दर्शकों को सब एक मैच में देखने को मिले.

और वनडे क्रिकेट का सर्वोच्च स्कोर हो गया सचिन के नाम

उस दिन सचिन कुछ और ही सोचकर क्रीज पर आए थे, लोगों को भी अंदेशा हो गया था कि आज कुछ इतिहास बनने वाला है. मैच का आखिरी ओवर चल रहा था.  सचिन और धोनी क्रीज पर थे. टीम इंडिया का स्कोर 392/3 था लेकिन पूरा मैदान बस सचिन सचिन चिल्ला रहा था, उस वक्त भले ही धोनी चौके छक्के की बारिश कर रहे थे लेकिन पूरा स्टेडियम सचिन के उस 1 रन का इंतजार कर रहा था, और आखिरकार सचिन ने पूरे 50 ओवर बैटिंग कर 147 गेंदों में नाबाद 200 रन ठोंक दिए. इससे पहले वनडे इतिहास में किसी भी बल्‍लेबाज ने यह आंकड़ा नहीं छुआ था. सचिन ऐसा करने वाले दुनिया के पहले बल्‍लेबाज बने. इस पारी में उन्‍होंने 25 चौके और 3 छक्‍के लगाए. 


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