कितने दिन चलेगी ऐसे में सरकार! दो महीने भी नहीं हुए और नीतीश सरकार के दो मंत्रियों का हुआ इस्तीफा, दोनों राजद के... आखिर क्यों

कितने दिन चलेगी ऐसे में सरकार! दो महीने भी नहीं हुए और नीतीश सरकार के दो मंत्रियों का हुआ इस्तीफा, दोनों राजद के... आखिर क्यों

पटना. नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली महागठबंधन सरकार को सत्ता संभाले दो महीने भी नहीं हुआ और सरकार के दो मंत्रियों ने इस्तीफा दे दिया है. पहले कानून मंत्री रहे कार्तिक सिंह और अब कृषि मंत्री सुधाकर सिंह ने.  राजद सुप्रीमो लालू यादव ने एक बार कहा था, ‘बेमेल बियाह- भरमंगा सिंदूर’ यानी ऐसा विवाह जिसमें वर-वधु में मेल न हो लेकिन वधु की मांग में सिंदूर कुछ ज्यादा दिख रहा हो. उनकी यह टिप्पणी अपने विरोधी दलों और नेताओं के लिए हुआ करती थी. लेकिन ऐसा लगता है कि बिहार में नीतीश कुमार के साथ सरकार बनाकर लालू यादव की राजद और जदयू पर भी ‘बेमेल बियाह- भरमंगा सिंदूर’ ही चरितार्थ हो रहा है. 

इस्तीफे के बाद इसी कारण भाजपा नेता सुशील मोदी का ट्वीट आया. उन्होंने लिखा, 'दूसरे ओवर यानी 2 माह के भीतर दूसरा विकेट गिरा, अभी नीतीश कुमार की और फ़ज़ीहत होना बाक़ी. दरअसल, सुधाकर सिंह के इस्तीफे की घोषणा जब रविवार को उनके पिता और राजद के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह ने की तो उन्होंने कई ऐसी टिप्पणी की जो दिखाता है कि अब भी दोनों दलों के बीच कुछ दूरियां बनी हुई हैं. जगदानंद सिंह ने कहा कि उनके बेटे मंत्री बनने के बाद भी मंडी कानून का मुद्दा उठा रहे है. वे किसानों के हित से जुड़े मुद्दे उठा रहे हैं. लेकिन सिर्फ मुद्दे उठाने से नहीं होगा बल्कि उसके लिए त्याग भी करना होगा. देश के किसानों और जवानों की भूमिका को कभी भी नकारा नहीं जा सकता है. इसलिए किसानों के हित में सुधाकर सिंह ने इस्तीफा दे दिया है. 

इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि हम नही चाहते कि यह लड़ाई आगे बढ़े. हालांकि यह लड़ाई वे किस्से करने और होने की बात कर रहे हैं इस पर कुछ नहीं कहा. लेकिन इतना तय है कि वे संभवतः नीतीश सरकार को लेकर ही इशारों में यह टिप्पणी कर रहे हैं. दरअसल, सुधाकर सिंह ने जब से मंत्री पद संभाला तब से ही वे लगातार सरकार पर निशाना साधते रहे हैं. उन्होंने एक कार्यक्रम के दौरान साफ तौर पर अपने कृषि विभाग को लेकर कहा था कि यहां कई चोर हैं. वे भी चोर हैं, उनके ऊपर भी कई चोर हैं और चोरों का सरदार भी है. इस पर उन्होंने बाद भी दोहराया कि वे अपनी बातों पर कायम हैं. उनके विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार को लेकर उन्होंने यह टिप्पणी की थी. 

सुधाकर ने इसके बाद भी कई ऐसे मौके रहे जब अपनी ही सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया. उन्होंने विशेषकर राज्य में किसानों के हितों के मुद्दे पर पिछले दो महीने में ही कई बार सरकार की नीतियों पर सवाल किया. उनके बयानों से सरकार कई बार असहज होती दिखी. और अब उन्होंने अपना इस्तीफा उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव को भेज दिया है. हालांकि इस्तीफा नीतीश कुमार को भेजा जाना चाहिए था क्योंकि वे मुख्यमंत्री हैं. लेकिन, यहां भी सुधाकर ने तेजस्वी को इस्तीफा भेजकर अपना संदेश साफ कर दिया है कि उनके नेता तेजस्वी यादव हैं. 

वर्ष 1994 से लालू यादव के विरोध की राजनीति कर रहे नीतीश कुमार ने वर्ष 2015 में भी इसी तरह राजद के साथ मिलकर सरकार बनाई थी. लेकिन वह सरकार भी 2017 में चली गई. अब फिर से दोनों दल साथ आए हैं लेकिन नेताओं के बयान से ऐसा लगता है कि नीतीश और लालू का सत्ता के लिए हाथ मिलाना अब तक कई नेताओं को रास नहीं आया है. साथ आकर भी दोनों दलों के नेताओं में दूरियां बनी हुई हैं. इसका नतीजा है कि सुधाकर सिंह ने अब इस्तीफा दे दिया है. 


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